मंगल का मिथुन राशि में गोचर (16 अक्टूबर, 2022): मंगल का राशि परिवर्तन किन राशियों पर पड़ेगा भारी

एस्ट्रोसेज का यह विशेष ब्लॉग आपको मंगल का मिथुन राशि में गोचर (16 अक्टूबर, 2022) से संबंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान करेगा जैसे कि तिथि, समय, प्रभाव आदि। साथ ही, इस ब्लॉग के माध्यम से हम कुंडली में मंगल को मजबूत करने के उपायों के बारे में भी जानेंगे। 

अक्टूबर में 4 बड़े गोचर होने जा रहे हैं और मंगल का गोचर भी उन्ही में से एक है। इस गोचर की वजह से सभी राशियों के जातकों के जीवन पर अच्छे-बुरे दोनों तरह के प्रभाव देखने को मिलेंगे। यदि आप इस गोचर के बारे में सब कुछ विस्तारपूर्वक जानना चाहते हैं, तो इस ब्लॉग को अंत तक पढ़ें। 

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मंगल ग्रह का असर मनुष्य के जीवन के हर क्षेत्र पर पड़ता है। ऐसे में आप ये जानने के लिए भी उत्सुक होंगे कि यह गोचर आपके जीवन के विभिन्न पहलुओं में किस प्रकार के बदलाव लेकर आने वाला है? मंगल गोचर आपके प्रेम जीवन में कैसे परिवर्तन लेकर आएगा? आपकी वित्तीय स्थिति कैसा रहेगी? इन सभी सवालों के जवाब मिलेंगे आपको इस ब्लॉग में। जो कि हमारे विद्वान और अनुभवी ज्योतिषियों द्वारा मंगल ग्रह की स्थिति, दशा और चाल का विश्लेषण कर तैयार किया गया हैं। इस ब्लॉग में लिखी हुई भविष्यवाणियां पूर्ण रूप से वैदिक ज्योतिष पर आधारित हैं।

वैदिक ज्योतिष में मंगल का महत्व 

वैदिक ज्योतिष में मंगल ग्रह को विशेष स्थान प्राप्त है और इस ग्रह को स्वभाव से उग्र माना गया है। मंगल के कारण ही कुंडली में मांगलिक या मंगल दोष का निर्माण होता है। इसलिए ये कहना गलत नही होगा कि मंगल ग्रह सीधेतौर पर जातकों के वैवाहिक जीवन को प्रभावित करता है। 

ज्योतिष शास्त्र में मंगल शक्ति, साहस, पराक्रम और ऊर्जा का प्रतिनिधित्व करते हैं और मेष और वृश्चिक राशि के स्वामी हैं। कुंडली में मंगल की कमज़ोर स्थिति व्यक्ति को गुस्सैल और क्रोधी बनाती है। इसी तरह, जिन लोगों की कुंडली में मंगल शुभ स्थिति में होता हैं, वे ऊर्जा ओर साहस से भरे होते है ओर काम को व्यवस्थित तरीके से करने में माहिर होते हैं।

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मंगल का मिथुन राशि में गोचर: तिथि एवं समय 

मंगल ग्रह को लाल ग्रह के नाम से भी जाना जाता है और ये मकर राशि में उच्च के होते है जबकि कर्क इनकी नीच की राशि है। अगर नक्षत्रों की बात करें तो, यह 27 नक्षत्रों में चित्रा, धनिष्ठा ओर मृगशिरा नक्षत्र के स्वामी हैं और अब ये जल्दी ही अपनी राशि परिवर्तन करने जा रहे हैं। 

ऊर्जा, भाई, भूमि के कारक मंगल ग्रह 16 अक्टूबर 2022 दिन रविवार को दोपहर 12 बजकर 04 मिनट पर वृषभ से निकलकर मिथुन राशि में गोचर करेंगे। मिथुन राशि में मंगल के इस गोचर का प्रभाव लोगों के जीवन पर किसी न किसी रूप में देखने को मिल सकता हैं। आइये अब आगे बढ़ते है और जानते हैं मंगल ग्रह को मज़बूत करने के उपायों के बारे में। 

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कुंडली में मंगल को मज़बूत करने के उपाय 

  • प्रतिदिन “ॐ भौमाय नमः” का 27 बार जाप करें।
  • मंगलवार का दिन मंगल ग्रह को समर्पित होता है इसलिए इस दिन उपवास और पूजन करें।
  • प्रतिदिन 108 बार ‘ॐ भूमि पुत्राय नमः’ का जाप करना चाहिए।
  • मंगलवार के दिन गरीबों तथा जरूरतमंद लोगों को भोजन कराएं।
  • मंगल ग्रह को मज़बूत करने के लिए मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा का पाठ करें।

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मंगल का मिथुन राशि में गोचर: राशि अनुसार राशिफल और उपाय

मेष राशि 

मेष राशि के लिए मंगल ग्रह उनके लग्न भाव और अष्टम भाव के स्वामी हैं। अब 16 अक्टूबर 2022 को वे अपना गोचर करते हुए आपकी राशि से तृतीय भाव में विराजमान होंगे। वैदिक…(विस्तार से पढ़ें)

वृषभ राशि 

वृषभ राशि के लिए मंगल उनके द्वादश भाव व सप्तम भाव के स्वामी हैं और अब अपना गोचर करते हुए वे आपके द्वितीय भाव में विराजमान हो जाएंगे। वैदिक ज्योतिष में कुंडली का दूसरा…(विस्तार से पढ़ें)

मिथुन राशि 

मिथुन राशि के जातकों के लिए मंगल देव उनके छठे और एकादश भाव के स्वामी हैं। अब 16 अक्टूबर को वे अपना गोचर करते हुए आपकी ही राशि यानी आपके प्रथम भाव में… (विस्तार से पढ़ें)

कर्क राशि 

कर्क राशि के लिए मंगल उनके दशम व पंचम भाव के स्वामी हैं और अब अपने इस गोचर के दौरान वे आपकी राशि से द्वादश भाव में विराजमान होंगे। इसके अलावा कर्क राशि के लिए…. (विस्तार से पढ़ें)

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सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए मंगल उनके नवम व चतुर्थ भाव के स्वामी होने के साथ-साथ एक “योगकारक” ग्रह भी हैं। जो अब मिथुन राशि में अपने गोचर के दौरान आपके…. (विस्तार से पढ़ें)

कन्या राशि

कन्या राशि के जातकों के लिए मंगल ग्रह उनके अष्टम भाव के साथ-साथ तृतीय भाव के स्वामी हैं। अब वे अपना गोचर करते हुए आपकी राशि से आपके कर्म भाव यानी आपके…(विस्तार से पढ़ें)

तुला राशि

तुला राशि के लिए मंगल ग्रह उनके दूसरे और सप्तम भाव के स्वामी हैं। वे अब अपने इस गोचर के दौरान आपकी राशि से नवम भाव में विराजमान होंगे। कुंडली का नवम भाव भाग्य और… (विस्तार से पढ़ें)

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि के जातकों के लिए मंगल ग्रह उनके लग्न भाव के स्वामी होने के साथ-साथ छठे भाव के स्वामी भी हैं। अब वे अपना गोचर करते हुए आपकी राशि से अष्टम भाव में विराजमान,….(विस्तार से पढ़ें)

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धनु राशि

लाल ग्रह मंगल धनु राशि के जातकों के लिए उनके पंचम और द्वादश भाव के स्वामी हैं। जो अब 16 अक्टूबर को अपना गोचर करते हुए आपकी राशि से सप्तम….(विस्तार से पढ़ें)

मकर राशि

मकर राशि के जातकों के लिए मंगल उनके एकादश और चतुर्थ भाव के स्वामी हैं। अब मंगल का ये गोचर आपकी राशि से षष्टम भाव में होगा जो बाधाओं, शत्रुओं और चुनौतियों का भाव….(विस्तार से पढ़ें)

कुंभ राशि

मंगल ग्रह कुंभ राशि के दशम व तृतीय भाव के स्वामी हैं और अब अपना गोचर करते हुए वे आपकी राशि से पंचम भाव में विराजमान होने जा रहे हैं। कुंडली का पंचम भाव संतान और,…(विस्तार से पढ़ें)

मीन राशि

मंगल मीन राशि के लिए उनके दूसरे और नवम भाव के स्वामी हैं। अब अपना ये गोचर करते हुए वे आपकी राशि से चतुर्थ भाव में विराजमान होंगे। कुंडली के चतुर्थ भाव को…(विस्तार से पढ़ें) 

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इसी आशा के साथ कि आपको यह लेख भी पसंद आया होगा एस्ट्रोसेज के साथ बने रहने के लिए हम आपका बहुत-बहुत धन्यवाद करते हैं

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