मकर राशि में शनि अस्त (18 जनवरी, 2022): जानें इसका समय-प्रभाव और राशिनुसार उपाय

शनि ग्रह को ज्योतिष में बेहद ही महत्वपूर्ण ग्रह का दर्ज़ा प्राप्त होता है। शनि का अर्थ होता है धीमा और इस ग्रह का नाम इसी वजह से शनि पड़ा है क्योंकि इसकी गति बेहद धीमी होती है। एक राशि में शनि ग्रह तकरीबन दो से ढाई साल की समय अवधि के लिए बना रहता है। शनि एक विशालकाय ग्रह है और धरती से इसकी दूरी की वजह से यह बेहद ही धीमी गति से चलता हुआ प्रतीत होता है।

शनि ग्रह बुज़ुर्ग व्यक्तियों को दर्शाता है और यह एक शुष्क और ठंडा ग्रह माना गया है। आमतौर पर शनि ग्रह को अशुभ ग्रह माना जाता है लेकिन जब यह किसी व्यक्ति की कुंडली में मज़बूत या शुभ स्थिति में होता है तो ऐसे व्यक्तियों को मान-सम्मान, लम्बी उम्र और सुख समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करता है। वहीं इसके विपरीत जिन व्यक्तियों की कुंडली में शनि ग्रह अशुभ या कमज़ोर स्थिति में होता है ऐसे लोगों को दुख, हानि, परेशानी, गरीबी और अन्य बाधाएं जीवन में उठानी पड़ती है।

भविष्य से जुड़ी किसी भी समस्या का समाधान मिलेगा विद्वान ज्योतिषियों से बात करके

जहाँ यह तुला राशि में उच्च का होता है वहीं मेष राशि में शनि दुर्बल का होता है। इसके अलावा तीन नक्षत्रों अनुराधा, पुष्य, उत्तरा भाद्रपद का शासक ग्रह भी शुक्र को ही माना गया है। इसके अलावा शुक्र, राहु और बुध के साथ शनि के संबंध अनुकूल होते हैं, लेकिन मंगल, चंद्रमा और सूर्य के साथ इसके रिश्ते शत्रुतव होते हैं।

मकर राशि में शनि अस्त: अर्थ और समय 

जब बात अस्त की होती है तो सूर्य के दोनों ओर 15 डिग्री के भीतर आने पर शनि अस्त हो जाते हैं। जीवन काल, प्रतिष्ठा और लंबे जीवन का सूचक शनि 18 जनवरी, 2022 को मकर राशि में 4:18 पर अस्त हो जायेगा। सभी बारह राशियों पर शनि अस्त का क्या कुछ प्रभाव पड़ने की संभावना है और इससे सम्बंधित क्या कुछ उपाय किये जा सकते हैं यह जानने के लिए यह लेख अंत तक पढ़ें।

बृहत् कुंडली में छिपा है, आपके जीवन का सारा राज, जानें ग्रहों की चाल का पूरा लेखा-जोखा

मकर राशि में शनि अस्त: राशिनुसार प्रभाव और उपाय 

मेष राशि 

मेष राशि के जातकों के लिए शनि उनके दशम व एकादश भाव के स्वामी हैं और अब वे आपकी राशि के दशम भाव में अस्त है। इसके परिणामस्वरूप ….(विस्तार से पढ़ें राशिफल और उपाय)

वृषभ राशि 

वृषभ राशि के जातकों के लिए शनि उनके नवम व दशम भाव के स्वामी हैं और अब वे आपके नवम भाव में ही स्थिति हैं। इसके परिणामस्वरूप ….(विस्तार से पढ़ें राशिफल और उपाय)

मिथुन राशि 

मिथुन राशि के जातकों के लिए शनि उनके अष्टम व नवम भाव के स्वामी हैं और अब आपके अष्टम भाव में स्थित है। इसके परिणामस्वरूप….(विस्तार से पढ़ें राशिफल और उपाय)

कर्क राशि 

कर्क राशि के जातकों के लिए शनि उनके सप्तम व अष्टम भाव के स्वामी हैं और अब वे आपकी राशि के सप्तम भाव में स्थित हैं। इसके परिणामस्वरूप….(विस्तार से पढ़ें राशिफल और उपाय)

नये साल में करियर की कोई भी दुविधा कॉग्निएस्ट्रो रिपोर्ट से करें दूर

सिंह राशि 

सिंह राशि के जातकों के लिए शनि उनके छठे व सातवें भाव के स्वामी हैं और अब छठे भाव में स्थित हैं। इसके परिणामस्वरूप….(विस्तार से पढ़ें राशिफल और उपाय)

कन्या राशि 

कन्या राशि के जातकों के लिए शनि उनके पंचम और छठे भाव के स्वामी हैं और अब वे आपके पंचम भाव में अस्त हैं। ऐसे में शनि अस्त की ये स्थिति….(विस्तार से पढ़ें राशिफल और उपाय)

तुला राशि 

तुला राशि के जातकों के लिए शनि उनके चतुर्थ व पंचम भाव के स्वामी हैं और अब वे चतुर्थ भाव में स्थित हैं। ऐसे में शनि का चतुर्थ भाव में अस्त होना आपकी ….(विस्तार से पढ़ें राशिफल और उपाय)

वृश्चिक राशि 

वृश्चिक राशि के जातकों के लिए शनि आपके तीसरे व चौथे भाव के स्वामी हैं और अब वे तीसरे भाव में स्थित हैं। ऐसे में शनि का अस्त होना आपको ….(विस्तार से पढ़ें राशिफल और उपाय)

धनु राशि 

धनु राशि के लिए शनि उनके दूसरे व तीसरे भाव के स्वामी हैं और वे अब दूसरे भाव में स्थित हैं। ऐसे में शनि का अस्त आपको ….(विस्तार से पढ़ें राशिफल और उपाय)

मकर राशि 

मकर राशि के जातकों के लिए शनि प्रथम व द्वितीय भाव के स्वामी हैं और अब प्रथम भाव में स्थित हैं। ऐसे में शनि का अस्त होना आपको अपने काम के….(विस्तार से पढ़ें राशिफल और उपाय)

ऑनलाइन सॉफ्टवेयर से मुफ्त जन्म कुंडली प्राप्त करें

कुम्भ राशि 

कुंभ राशि के लिए शनि उनके प्रथम व बारहवें भाव के स्वामी हैं और अब वे बारहवें भाव में स्थित हैं। इसके परिणामस्वरूप आपको….(विस्तार से पढ़ें राशिफल और उपाय)

मीन राशि 

मीन राशि के लिए शनि देव उनके ग्यारहवें व बारहवें भाव के स्वामी हैं और अब एकादश भाव में स्थित हैं। इसके परिणामस्वरूप आपके….(विस्तार से पढ़ें राशिफल और उपाय)

सभी ज्योतिषीय समाधानों के लिए क्लिक करें: एस्ट्रोसेज ऑनलाइन शॉपिंग स्टोर

इसी आशा के साथ कि, आपको यह लेख भी पसंद आया होगा एस्ट्रोसेज के साथ बने रहने के लिए हम आपका बहुत-बहुत धन्यवाद करते हैं।

Astrology

Dharma

विष्णु मंत्र - Vishnu Mantra

विष्णु मंत्र का प्रयोग सृष्टि के पालनहार भगवान विष्णु जी की आराधना के लिए होता है। जिस ...

12 Jyotirlinga - 12 ज्योतिर्लिंग

विष्णु मंत्र का प्रयोग सृष्टि के पालनहार भगवान विष्णु जी की आराधना के लिए होता है। जिस ...

सिद्ध कुंजिका स्तोत्र - Kunjika Stotram: दुर्गा जी की कृपा पाने का अचूक उपाय

विष्णु मंत्र का प्रयोग सृष्टि के पालनहार भगवान विष्णु जी की आराधना के लिए होता है। जिस ...

51 Shakti Peeth - 51 शक्तिपीठ

विष्णु मंत्र का प्रयोग सृष्टि के पालनहार भगवान विष्णु जी की आराधना के लिए होता है। जिस ...

बजरंग बाण: पाठ करने के नियम, महत्वपूर्ण तथ्य और लाभ

विष्णु मंत्र का प्रयोग सृष्टि के पालनहार भगवान विष्णु जी की आराधना के लिए होता है। जिस ...

Leave a Reply

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.