केतु का कन्या राशि में गोचर: इन राशियों को होगा आर्थिक लाभ और इन्हें रहना होगा सावधान!

केतु का कन्या राशि में गोचर: केतु को नकारात्मक ग्रह माना जाता है और यह ज्यादातर नकारात्मक परिणाम ही देते हैं। लेकिन, ज्योतिषियों के अनुसार, केतु हानिकारक और लाभदायक दोनों तरह के परिणाम देते हैं। एक तरफ केतु जहां दुख और हानि देते हैं, तो वहीं केतु व्यक्ति को देवता के समान सम्मान देने वाली स्थिति में भी पहुंचाते हैं। जब तर्क-वितर्क का मामला हो तो बुध ग्रह के अलावा केतु का भी योगदान विशेष रहता है। तर्क, बुद्धि, ज्ञान, वैराग्य, कल्पना, अंतर्दृष्टि जैसे क्षेत्रों पर केतु का गहरा प्रभाव माना गया है। ऐसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में प्रभाव रखने वाले केतु ग्रह 30 अक्टूबर 2023 को अपनी राशि बदलने जा रहे हैं। अभी तक केतु तुला राशि में विद्यमान हैं जो शुक्र ग्रह की राशि है। जबकि 30 अक्टूबर 2023 से केतु बुध ग्रह की राशि कन्या में गोचर करने जा रहे हैं। आपकी राशि पर केतु के इस गोचर का क्या प्रभाव पड़ेगा? यह जानने से पहले हम बात करेंगे केतु गोचर हमारे देश भारतवर्ष को कैसे प्रभावित करेगा।

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केतु की मीन राशि में गोचर का भारतवर्ष पर प्रभाव

कन्या राशि में पहुंचने के बाद केतु भारत की कुंडली के पंचम भाव में गोचर करेंगे। सामान्य तौर पर इस गोचर को बहुत अनुकूल नहीं माना जाएगा। यही कारण है कि भारत की शिक्षा नीतियों में कुछ कमी देखने को मिल सकती है। विद्यार्थियों व युवाओं में सत्तारूढ़ दलों के प्रति मोहभंग जैसी स्थितियां नज़र आ सकती हैं। देश-प्रदेश के मंत्रियों के द्वारा कुछ ऐसे बयान दिए जा सकते हैं जो उनके पद-प्रतिष्ठा के विरुद्ध जा सकते हैं। योजना आयोग या योजना बनाने वाले विभाग अपने उद्देश्य में पीछे रह सकते हैं। बच्चों को बीमार करने वाली कोई बीमारी इस अवधि में चिंता का कारण बन सकती है। पेट से संबंधित कुछ परेशानियां भी इस अवधि में जन्म ले सकती हैं। 

सट्टा-लॉटरी आदि को बढ़ावा देने वाले एप्लीकेशन या वेबसाइट मार्केट में अपने पैर पसार सकते हैं। ऑनलाइन ठगी की समस्याएं भी इस अवधि में तुलनात्मक रूप से ज्यादा रह सकती हैं। सारांश यह है कि देश के बड़े बुद्धिजीवियों के लिए केतु का यह गोचर ठीक नहीं कहा जाएगा क्योंकि बुद्धिजीवियों के द्वारा कुछ गलत बयान देखने को मिल सकते हैं अथवा उनके द्वारा उठाए गए कदम उचित साबित नहीं होंगे या फिर देश में ऐसे घटनाक्रम हो सकते हैं जहां पर बुद्धिजीवियों को परेशानियों का सामना करना पड़ें। केतु के इस गोचर का सभी 12 राशियों पर क्या असर पड़ेगा आइए जानते हैं। 

केतु का कन्या राशि में गोचर: राशि अनुसार प्रभाव और उपाय 

मेष राशि

मेष राशि वालों के लिए केतु आपकी कुंडली में छठे भाव में गोचर करने वाले हैं। यहां पर केतु के गोचर को अच्छे परिणाम देने वाला कहा गया है। इसके फलस्वरूप, आप अपने पराक्रम के दम पर न केवल अपने काम-धंधे को बेहतर दिशा दे सकेंगे, बल्कि अच्छा लाभ भी कमा सकेंगे। यही नहीं यदि पिछले दिनों कोई काम नहीं बन पाया था अथवा कोई काम बनते-बनते बिगड़ गया था तो उसे भी अब आप अपने फेवर में कर सकेंगे। कहीं से कोई अच्छा समाचार भी सुनने को मिल सकता है। आप अपने प्रतिस्पर्धियों से बेहतर करते हुए देखे जाएंगे।

उपाय: भूरे रंग के कुत्ते को खाना खिलाना शुभ रहेगा।

वृषभ राशि

वृषभ राशि वालों के लिए केतु आपकी कुंडली में पांचवें भाव में गोचर कर रहे हैं। पांचवें भाव में केतु के गोचर को सामान्य तौर पर अच्छे परिणाम देने वाला नहीं कहा गया है। हालांकि, सम राशि की अवस्था में होने के कारण तथा आपके धर्म भाव के स्वामी की राशि में होने के कारण केतु आर्थिक मामलों में कुछ फायदा भी दिलाने की कोशिश करेंगे। लेकिन, खर्च आमदनी की तुलना में फिर भी अधिक रह सकते हैं। हालांकि, इनमें से कुछ खर्च शुभ कामों में होने की वजह से आप खर्च करने के पश्चात भी सुकून का अनुभव कर सकेंगे। यदि आप विदेश जाने की कोशिश में लंबे समय से लगे हुए थे तो केतु का गोचर विदेश जाने के मामले में आपकी मदद कर सकता है।

उपाय: मंदिर में दूध और चीनी का दान करें।

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मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए केतु का गोचर आपकी चौथे भाव में हो रहा है। चौथे भाव में केतु के गोचर को सामान्य तौर पर अच्छा नहीं माना जाता है। ऐसी स्थिति में यह मानसिक व्यथा देने का काम कर सकता है। हालांकि, संघर्ष करने के बाद निर्वाह योग्य आमदनी का साधन बनाने में केतु का यह गोचर मदद करेगा। थोड़े से व्यवधान या परेशानियों के बाद वाहन या सवारी का सुख भी मिल सकेगा, लेकिन घरेलू समस्याएं बीच-बीच में आकर तनाव देने का काम कर सकती हैं। इसके फलस्वरूप, आप मानसिक रूप से अशांत रह सकते हैं। भूमि-भवन आदि से संबंधित विवादों को टालना समझदारी का काम होगा।

उपाय: चांदी का ब्रेसलेट पहनना शुभ रहेगा।

कर्क राशि

कर्क राशि वालों के लिए केतु का गोचर आपकी तीसरे भाव में हो रहा है। सामान्य तौर पर इस गोचर को अच्छे परिणाम देने वाला कहा गया है। अतः यह आपको कामों में सफलता दिलाने का काम करेगा। विशेषकर यदि पिछले दिनों किए गए कार्य उस समय अपना फल-प्रतिफल नहीं दे पाए थे, तो केतु का यह गोचर उन फलों को प्राप्त करने में आपकी मदद करेगा। इस समय कोई करीबी व्यक्ति या मित्र आपका सहयोग कर सकता है, जिससे कुछ महत्वपूर्ण काम भी बन सकेंगे। आर्थिक मामलों में भी केतु का गोचर मददगार बनेगा। धन प्राप्ति के अवसर मजबूत होंगे।

उपाय: नियमित रूप से मस्तक पर हल्दी का टीका करें। 

सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए केतु का गोचर आपके दूसरे भाव में होने जा रहा है। दूसरे भाव में केतु के गोचर को बहुत अच्छा नहीं माना गया है। ऐसे में, यह आपसे बेकार की मेहनत करवा सकता है और भागदौड़ भी अधिक रह सकती है। साथ ही, खर्च भी तुलनात्मक रूप से बढ़ सकता है। इस समय किसी भी तरीके का आर्थिक रिस्क लेना ठीक नहीं रहेगा क्योंकि धन-हानि के योग बन रहे हैं। स्वास्थ्य का ख्याल रखना भी जरूरी होगा क्योंकि केतु के दूसरे भाव में गोचर के कारण आपका खान-पान बिगड़ सकता है। इसके फलस्वरूप, पेट व अन्य शारीरिक समस्याएं उत्पन्न हो सकते हैं। घर-परिवार की समस्याओं को लेकर भी तनाव रह सकता है।

उपाय: नियमित रूप से मंदिर जाना और अपने आराध्य को दंडवत प्रणाम करना शुभ रहेगा।

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कन्या राशि

कन्या राशि वालों के लिए केतु का गोचर आपके पहले भाव में होने जा रहा है। सामान्य तौर पर प्रथम भाव में केतु के गोचर को अच्छे परिणाम देने वाला नहीं कहा गया है। अतः यह जीवन में संघर्ष को बढ़ा सकता है। काफ़ी मेहनत के बाद ही आमदनी होने की संभावना बन रही है। हालांकि, इस पर भी आमदनी से ज्यादा खर्च रह सकते हैं अर्थात आमदनी कम और खर्च अधिक रह सकते हैं। केतु का गोचर प्रथम भाव में है, तो ऐसी स्थिति में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी परेशान कर सकती हैं और क्रोध की अधिकता भी रह सकती है। निर्णय लेने की क्षमता भी कुछ हद तक बाधित रह सकती है। अतः इन मामलों में सावधानी से काम लेकर आप स्थितियों पर संतुलन पाने की कोशिश करके बेहतर परिणाम प्राप्त कर सकते हैं।

उपाय: किसी गरीब को चितकबरा अर्थात कला-सफेद मिक्स कलर का कंबल दान करें। 

तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए केतु का गोचर आपके द्वादश भाव में होने जा रहा है। इसके फलस्वरूप, आपको भागदौड़ अधिक करनी पड़ सकती है। हालांकि, भागदौड़ की तुलना में परिणाम कम मिलेंगे। बनते हुए कामों में बीच-बीच में अड़चने आ सकती हैं। मेहनत के अनुरूप आमदनी कम और खर्च अधिक रह सकते हैं। इस वजह से आर्थिक क्षेत्र पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता रहने वाली है। स्वयं को तनाव मुक्त रखने की कोशिश भी करनी होगी। साथ ही, खानपान और व्यवहार ऐसा रखना होगा जिससे स्वास्थ्य अनुकूल बना रहे अर्थात इन सावधानियां को रखने के पश्चात आप काफ़ी हद तक जीवन का संतुलन बनाने में कामयाब रह सकेंगे।

उपाय: नियमित रूप से गणेश जी की पूजा-अर्चना करें।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि वालों के लिए केतु का गोचर आपके लाभ भाव में होने जा रहा है। सामान्यतौर पर इस गोचर को काफ़ी अच्छे परिणाम देने वाला कहा गया है। इसके फलस्वरूप, आप भूमि, भवन, वाहन आदि का अच्छा सुख प्राप्त कर सकेंगे अर्थात भौतिक सुख-साधनों को बढ़ाने में केतु का गोचर मददगार साबित होगा। काम बनेंगे और सामाजिक मान-प्रतिष्ठा भी बढ़ेगी। आर्थिक लाभ भी मिलेगा। हालांकि, यह सब कुछ आसानी से नहीं बल्कि मेहनत से होगा अर्थात मेहनत तो करनी पड़ेगी, लेकिन परिणाम काफ़ी अच्छे मिलने की संभावना है।

उपाय: काले कुत्ते को रोटी खिलाएं।

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धनु राशि

धनु राशि वालों के लिए केतु का गोचर आपके दशम भाव अर्थात कर्म भाव में होने जा रहा है। अतः अपनी कार्यशैली में थोड़ा बहुत बदलाव करने की आवश्यकता होगी, लेकिन जो काम आप कर रहे हैं उसमें कोई नया प्रयोग करने से बचें। वरिष्ठों के साथ बेहतर तालमेल बिठाने की जरूरत भी रहने वाली है। अपनों के साथ पराये जैसा व्यवहार करने से बचना होगा और बेकार के खर्चों को भी रोकने की कोशिश करनी होगी। बीच-बीच में स्वास्थ्य में कमज़ोरी देखने को मिल सकती है। शारीरिक के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य भी नाज़ुक रह सकता है अर्थात तनाव आदि अधिक देखने को मिल सकता है। बेवजह के विवाद को टालने की कोशिश करें और शत्रुओं तथा प्रतिस्पर्धियों से सावधान रहें। इन बातों का ख्याल रखकर आप काफ़ी हद तक जीवन को संतुलित रख सकेंगे।

उपाय: नियमित रूप से मस्तक पर केसर का तिलक करें।

मकर राशि

मकर राशि वालों के लिए केतु आपके भाग्य भाव में गोचर करने जा रहे हैं। यहां पर केतु के गोचर को अच्छा नहीं माना गया है। लेकिन, त्रिकोण भाव होने के कारण कुछ अच्छे परिणामों की उम्मीद आप रख सकते हैं अर्थात धन लाभ करवाने में केतु मददगार तो बन सकता है परन्तु मेहनत बहुत अधिक लगेगी। खूब मेहनत के बाद अल्प मात्रा में धन प्राप्ति संभव होगी। आराम करने के मौके कम मिलेंगे तथा ज्यादातर संघर्ष और कठिनाइयां ही देखने को मिलेंगी। सावधानी इस बात की भी रखनी होगी कि चोट न लगने पाए या किसी प्रकार की दुर्घटना न होने पाए। पुरानी वाहन या नया वाहन आदि की खरीदारी से बचना होगा क्योंकि वाहन इत्यादि पर भी खर्च होते हुए प्रतीत हो रहे हैं।

उपाय: बड़े बुजुर्गों, शिक्षकों व पुजारी आदि का सम्मान करना हितकारी रहेगा।

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कुंभ राशि

कुंभ राशि वालों के लिए केतु का गोचर आपके आठवें भाव में होने जा रहा है। सामान्य तौर पर आर्थिक मामलों के लिए इस गोचर को अच्छा नहीं माना जाएगा। अतः जमा धन की रक्षा-सुरक्षा को लेकर सोच-विचार करना आवश्यक होगा। यदि कभी-कभार अप्रत्याशित लाभ संभावित है, लेकिन संचित धन खर्च न होने पाए इस पर ध्यान देने की आवश्यकता होगी। घर-परिवार में सुख-शांति बनी रहे इस बात की लगातार कोशिश भी जरूरी रहेगी और विरोधियों से सावधान रहना होगा। विद्यार्थीगण अपेक्षाकृत अधिक मेहनत करने के लिए तैयार रहें। साथ ही, अपने स्वास्थ्य का भी पूरा ख्याल रखते हुए आचार-व्यवहार करने की स्थिति में आप बड़ी समस्याओं से बच सकेंगे।

उपाय: नियमित रूप से गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ करें।

मीन राशि

मीन राशि वालों के लिए केतु का गोचर आपके सप्तम भाव में होने जा रहा है। ऐसे में, दैनिक रोजगार में कुछ व्यवधान रह सकते हैं। अत: आर्थिक मामले में भी सामान्य तौर पर किसी विशेष अनुकूलता की संभावना नहीं है। खर्च अधिक रह सकते हैं और आमदनी कम रह सकती है, लेकिन अल्प मात्रा में ही सही बीच-बीच में आमदनी होते रहने के कारण आप थोड़ी सी राहत महसूस कर सकेंगे। घरेलू उलझन के कारण तनाव रहेगा और इस वजह से मानसिक रूप से अशांत रहेंगे। विशेषकर दांपत्य जीवन में असंतोष के भाव या उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं। साझेदारी के कामों में बहुत ही पारदर्शिता के साथ कार्य-व्यापार करना होगा।

उपाय: नियमित रूप से मस्तक पर हल्दी का तिलक करें।

हम उम्मीद करते हैं कि केतु के इस गोचर के परिणामों को जानकर आप एक बेहतरीन योजना बनाएंगे और केतु के गोचर का न केवल लाभ ले सकेंगे, बल्कि इससे होने वाले नुकसान को भी योजनाबद्ध तरीके से दूर कर सकेंगे। हम उम्मीद करते हैं कि हमारा यह प्रयास आपके जीवन में बेहतरी लाने का काम करेगा। भगवती आप सब पर कृपा बनाए रखें। 

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