कुंडली में केमद्रुम योग : जानिए ज्योतिषीय प्रभाव और दोष निवारण उपाय

इंसान की कुंडली में कई तरह के योग होते हैं। कुछ ऐसे हो आपका भाग्य, और जीवन बदलने की क्षमता रखते हैं, तो वहीं कुछ ऐसे भी योग होते हैं जो इंसान के जीवन में समस्याओं की और असफलताओं की वजह बनते हैं।  शुभ योग राजयोग कहलाते हैं, तो वहीं अशुभ योग को दुर्योग या दोष कहा जाता है। आपकी कुंडली में मौजूद शुभ-अशुभ योगों की जानकारी प्राप्त करने के लिए हमारे ज्योतिषी से प्रश्न पूछें। 

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आज अपने इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपको एक ऐसे योग, केमद्रुम दोष/केमद्रुम योग के बारे में बताने जा रहे हैं जिसे ज्योतिष की दुनिया में अशुभ ग्रहों में से एक गिना जाता है। यह योग अगर किसी इंसान की कुंडली में बनता है तो उससे इंसान के जीवन में नकारात्मक परिणाम भोगने पड़ते हैं। ऐसे लोगों को अपने जीवन में तमाम समस्याओं का सामना करना पड़ता है। कुंडली के यह योग ग्रहों और नक्षत्रों के आधार पर बनते हैं। ऐसे में ग्रहों का अपने जीवन पर प्रभाव जानने की इच्छा रखते हैं तो इसमें बृहत् कुंडली सहायक साबित हो सकती है। बृहत् कुंडली में आपको अच्छे और बुरे योगों के बारे में विस्तृत जानकारी मिलती है।

केमद्रुम योग क्या होता है?

केमद्रुम योग / केमद्रुम दोष अधिकतर लोगों की कुंडली में होने वाला सबसे हानिकारक ग्रह दोष में से एक है। केमद्रुम दोष तब होता है जब जन्म कुंडली में चंद्रमा किसी भी भाव में अकेले बैठा हो और दोनों ओर आगे या पीछे कोई भी ग्रह नहीं होते हैं। संक्षेप में, जब चंद्रमा से दूसरे और बारहवें घर में कोई ग्रह स्थित नहीं हो तो केमद्रुम दोष बनता होता है। इसे केमद्रुम योग भी कहते हैं। इसे शुभ नहीं माना जाता है क्योंकि इसकी वजह से व्यक्ति के जीवन में असाधारण बदलाव होते हैं। ऐसा माना गया है की ऐसा व्यक्ति जिसकी कुंडली में यह दोष होता है वह राजा होकर भी जीवन के अंत में भिखारी की मृत्यु को प्राप्त होता है |

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कुंडली में केमद्रुम दोष से हानि: 

केमद्रुम दोष का नकारात्मक प्रभाव जीवन को दुखद और बहुत ही संघर्ष पूर्ण बना देता है।

  • अधिक सफलता के बावजूद भी हर समय चिंतित या भयभीत होना।
  • जीवन में बहुत उतार-चढ़ाव आना।
  • व्यक्ति को बहुत ही अधिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है।
  • कुंडली में केमद्रुम दोष होने की वजह से स्वभाव में गुस्सा और चिड़चिड़ापन आना।
  • व्यक्ति अपने विवाहित जीवन और बच्चों को साथ बनाए रखने में सक्षम नहीं हो पाता।
  • अनैतिक कर्मों के मार्ग का चयन करना।
  • दूसरों पर निर्भर होना।

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कुंडली में केमद्रुम दोष का उपाय : 

अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में केमद्रुम दोष है, तो समय से इसका निदान करके दुष्प्रभावों को इन उपायों से कम किया जा सकता है।

  •  पूर्णिमा के 4 साल तक उपवास रखें।
  • सोमवार का व्रत रखें।
  • भगवान शिव और देवी पार्वती की पूजा करें। सोमवार को शिवलिंग पर कच्चा दूध और काले तिल मिश्रित जल का अभिषेक करें व “ॐ सों सोमाय नमः” मंत्र का जाप करें।
  • सर्वतोभद्र यंत्र को अपने घर के पूजा स्थान में स्थापित करें और इस मंत्र का रोज़ाना 108 बार जाप करें।
  • श्री दुर्गा सप्तशती के मंत्र “दुर्गे स्मृता हरसि भीतिमशेषजन्तो: स्वस्थै: स्मृता मतिमतीव शुभां ददासि। दारिद्रयदु:खभयहारिणि का त्वदन्या सर्वोपकारकरणाय सदार्द्रचित्ता।।” का जाप करें
  • सफेद रंग के उत्पाद जैसे चावल, दूध, सफेद फूल, कपूर, सफेद वस्त्र और सफेद मोती आदि का दान करें।
  • सोमवार को दाहिने हाथ की कनिष्ठिका उंगली में चाँदी से जड़ी सफेद मोती की अंगूठी को धारण करें।
  • घर में मंदिर में कनकधारा यंत्र स्थापित करें और प्रतिदिन 3 बार कनकधारा स्तोत्र पढ़ें।
  • श्री शिव् दारिद्रय दहन स्तोत्र का 1008 पाठ करवा लें | 

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