कजरी तीज विशेष: जानें पति की लंबी उम्र के लिए महिलाएं क्यों रखती हैं व्रत !

हिन्दू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार हर वर्ष भाद्र माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि को विशेष रूप से कजरी तीज का त्यौहार मनाया जाता है। इस बार ये विशेष त्यौहार 18 अगस्त यानी की रविवार के दिन मनाया जाएगा। इस दिन खासतौर से शादी शुदा महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखती हैं और विधि विधान के साथ पूजा करती है। इस दिन विशेष रूप से कजरी माता की पूजा की जाती है और भारत के अन्य राज्यों में इस दिन को कजली तीज के नाम से भी जाना जाता है। आज हम आपको विशेष रूप से इस त्यौहार को मनाये जाने का महत्व और साथ ही महिलाओं द्वारा इस दिन पति की लम्बी उम्र के लिए व्रत रखे जाने के कारणों के बारे में बता रहे हैं। 

कजरी तीज का महत्व 

आपको बता दें कि कजरी तीज विशेष रूप से विवाहित महिलाओं के लिए ख़ासा अहम माना जाता है। सुहागिन स्त्रियां इस दिन खासतौर से सोलह श्रृंगार कर पति की लंबी उम्र के लिए निराधार व्रत रखती हैं। इस दिन महिलाएं विशेष रूप से शिव जी और पार्वती माता की पूजा अर्चना करती हैं और अपने पति की लंबी उम्र की कामना करती हैं। इस दिन को महिलाओं के लिए विशेष इसलिए माना जाता है क्योंकि पौराणिक कथा के अनुसार इसी दिन व्रत रखकर और तप करने के बाद ही पार्वती माता का विवाह शिव जी के साथ हुआ था। इसलिए कजरी तीज का व्रत कुंवारी लड़कियों के लिए भी रखना अहम माना जाता है। कुंवारी लड़कियां भी इस दिन व्रत रखकर मनचाहा वर प्राप्त कर सकती हैं। 

कजरी तीज की विशेष प्रथा 

कजरी तीज के दिन खासतौर से कुछ ऐसी प्रथाएं भी हैं जिनका पालन करना महिलाओं के लिए अहम माना जाता है। हिन्दू धार्मिक परंपराओं के अनुसार कजरी तीज के दिन सुहागिन महिलाओं  का उनके मायके जाने का रिवाज़ है। इस दिन महिलाएं अपने मायके जाकर इस व्रत को पति की लंबी उम्र के लिए रखती हैं और कजरी खेलती हैं। बता दें कि व्रत वाले दिन विशेष रूप से महिलाओं द्वारा रात भर जाग कर नृत्य करना और लोकगीत गाना ही कजरी खेलना कहलाता है। इसके साथ ही व्रती महिलाएं रात को शुद्ध घी के पकवान बनाती हैं और उसी से अपना व्रत खोलती हैं। कजरी तीज पर एक और ख़ास प्रथा को निभाने का रिवाज है, इसके अंतर्गत इस दिन गौ माता की भी पूजा अर्चना की जाती है और उन्हें चारा खिलाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस व्रत को तब तक पूरा नहीं माना जाता जब तक इस व्रत से संबंधित कथा ना सुनी जाए। इसलिए सभी व्रती महिलाओं के लिए इस व्रत से जुड़ी कथा को सुनना बेहद अहम माना जाता है। 

इसलिए आज के दिन रखती हैं महिलाएं पति की लंबी उम्र के लिए व्रत 

हिन्दू पौराणिक मान्यताओं के अनुसार कजरी तीज के दिन माता पार्वती की पूजा अर्चना का विशेष महत्व है। माना जाता है कि आज के दिन ही पार्वती माता को शिव जी पति के रूप में मिले थे। हालाँकि देवों के देव महादेव को पति स्वरुप पाना उनके लिए इतना आसान नहीं था, कठोर तपस्या और कई वर्षों के जप के बाद जाकर शिव जी ने पार्वती माता को पत्नी के रूप में स्वीकार किया था। इसलिए इस दिन महिलाएं यदि व्रत रखकर विधि विधान के साथ माता पार्वती की पूजा अर्चना करें तो इससे उन्हें सदा सुहागिन रहने का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इससे ना केवल उनके पति की आयु लंबी होती है बल्कि घर परिवार में भी खुशियां आती हैं।

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