Guru Mahadasha:16 सालों तक चलती है गुरु की महादशा, जानें इसका प्रभाव!

Guru Mahadasha: आज हर व्यक्ति चाहता है कि उसका भाग्य प्रबल रहे, उसकी मेहनत का उसको फल मिले, समाज में मान-सम्मान बढ़े और धन दौलत, शोहरत हर चीज़ मिले लेकिन हमारे सोचने या चाहने से कुछ नहीं होता। आपने ऐसे कई लोगों को देखा होगा जो जीवन भर संघर्ष करते हैं लेकिन फिर भी उन्हें अपनी मेहनत का सकारात्मक परिणाम नहीं मिलता है। वहीं कुछ ऐसे लोग भी होते हैं जो कम मेहनत के बावजूद हर चीज़ आसानी से पा लेते हैं। किसी भी व्यक्ति की सफलता और असफलता के पीछे ग्रह महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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विद्वान ज्योतिषियों से बात करें और जानें ग्रहों के परिवर्तन का अपने जीवन पर प्रभाव

वैदिक ज्योतिष में प्रत्येक ग्रह की चाल और इनके राशि परिवर्तन का विशेष महत्व है। हालांकि, कुछ ऐसे ग्रह भी हैं जिनकी स्थिति में परिवर्तन व्यक्ति को जीवन में शुभ और अशुभ प्रभाव प्रदान करती हैं। ऐसे में बात करें देवगुरु बृहस्पति की तो, जब गुरु किसी की कुंडली में सकारात्मक स्थिति में होते हैं तो जातक को अपार धन-दौलत प्रदान करते हैं। गुरु ग्रह को शिक्षा, अध्यापक, धर्म, बड़े भाई, दान, परोपकार, संतान आदि का कारक माना जाता है। आइए एस्ट्रोसेज के इस विशेष ब्लॉग के माध्यम से जानते हैं गुरु की महादशा के जीवन पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में।

ज्योतिष में बृहस्पति ग्रह का महत्व

सनातन धर्म में बृहस्पति ग्रह को देवगुरु कहा जाता है। महाभारत के अनुसार, बृहस्पति महर्षि अंगिरा के पुत्र और देवताओं के पुरोहित हैं। पौराणिक ग्रंथ में बृहस्पति ब्रह्मा जी का भी प्रतिनिधित्व करते हैं और सप्ताह में बृहस्पतिवार का दिन गुरु को समर्पित है। इस दिन गुरुदेव की विधि-विधान से पूजा की जाती है। सनातन धर्म में केले के वृक्ष को गुरु के रूप में पूजा जाता है और इनका वर्ण पीला है। 

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देवगुरु बृहस्पति की महादशा का जीवन पर शुभ व अशुभ प्रभाव

कुंडली में गुरु ग्रह की शुभ स्थिति

देवगुरु बृहस्पति की महादशा 16 वर्षों तक चलती हैं। यदि कुंडली में गुरु ग्रह शुभ स्थिति में मौजूद हों तो व्यक्ति को जीवन के हर पहलू में लाभ प्राप्त होता है। भाग्य का भरपूर साथ मिलता है। साथ ही, शिक्षा के क्षेत्र में भी जातक सबसे आगे रहता है। व्यक्ति के पास कभी भी धन की कमी नहीं होती है। वहीं, जब इन लोगों के जीवन में गुरु की महादशा शुरू होती है तब इन जातकों को खूब तरक्की, समाज में प्रतिष्ठा, धन-दौलत, वैवाहिक सुख प्राप्त होता है। साथ ही अध्यात्म के प्रति झुकाव बढ़ता है। वह ज्ञानी और ईमानदार होते हैं। मानसिक रूप से शांति का अनुभव करते हैं, चिंता से दूर रहते हैं और मन सकारात्मक विचारों से भरा रहता है। गुरु बृहस्पति संतान सुख भी प्रदान करते हैं और इनके कुंडली में सकारात्मक होने से व्यक्ति शिक्षा विभाग में कार्य करता है। साथ ही, वह ज्योतिष के क्षेत्र में भी अच्छा नाम कमाता है।

कुंडली में गुरु ग्रह की अशुभ स्थिति

यदि गुरुदेव कुंडली में अशुभ स्थिति में हों तो व्यक्ति को कार्यक्षेत्र में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ईश्वर के प्रति आस्था कम होने लगती है। व्यक्ति नास्तिक भी हो जाता है। इसके अलावा पेट से संबंधित रोग जैसे अपच, पेट दर्द, एसिडिटी, कमजोर पाचन तंत्र व कोई बड़ी बीमारी जैसे कैंसर व टीबी होने का भी खतरा बढ़ जाता है। साथ ही व्यक्ति को वैवाहिक जीवन में कई तरह की परेशानियां झेलनी पड़ती है जिससे पारिवारिक जीवन में उथल-पुथल होने की संभावना बनी रहती है।

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बृहस्पति से संबंधित मंत्र 

गुरु का वैदिक मंत्र

ॐ बृहस्पते अति यदर्यो अर्हाद् द्युमद्विभाति क्रतुमज्जनेषु।

यद्दीदयच्छवस ऋतप्रजात तदस्मासु द्रविणं धेहि चित्रम्।।

गुरु का तांत्रिक मंत्र ॐ बृं बृहस्पतये नमः

बृहस्पति का बीज मंत्र ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरुवे नमः

गुरु ग्रह को मजबूत करने के अचूक उपाय

गुरुवार का रखें व्रत

अगर कुंडली में गुरु ग्रह कमजोर हों तो उसे मजबूत करने के लिए कुछ आसान उपाय जरूर अपनाने चाहिए। इसके लिए गुरुवार का व्रत करना चाहिए और इस दिन पीली मिठाई या बेसन-हल्दी से बनी चीज़ों का सेवन करना चाहिए। साथ ही, इन चीज़ों का दान करना भी शुभ माना जाता है। 

गुरुदेव की पूजा करें

कुंडली में गुरु ग्रह अशुभ हो तो बृहस्पति देव की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करनी चाहिए। साथ ही, भगवान विष्णु की आराधना करें क्योंकि इससे गुरु ग्रह मजबूत होते हैं। 

पुखराज रत्न करें धारण

जिनका गुरु ग्रह कमजोर होता है, उनको पुखराज रत्न पहनना चाहिए। रत्न धारण करने या खरीदने से पहले ज्योतिषी से सलाह जरूर लेनी चाहिए क्योंकि ज्योतिषी आपको कुंडली और राशि के अनुसार ग्रह-दशाओं के अनुकूल रत्न धारण करने की सलाह देते हैं।

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पानी में हल्दी डालकर नहाएं

गुरु ग्रह को मजबूत करने के लिए नहाने के पानी में हल्दी डालकर नहाएं। इससे गुरु के अशुभ प्रभाव से छुटकारा मिलता है।

केले के पेड़ की पूजा करें

गुरुवार के दिन केले के पेड़ की पूजा करें। साथ ही, केले के वृक्ष पर हल्दी, गुड़ और चने की दाल चढ़ाएं। इससे शुभ फल की प्राप्ति होगी और सारी समस्याओं से छुटकारा मिलने की भी संभावना होती है। 

जरूरतमंदों को दान करें

गुरुवार के दिन गरीब या जरूरतमंद लोगों को चने की दाल, केले और पीली मिठाई दान करें। इससे धन-संपत्ति और वैवाहिक सुख की प्राप्ति होती है। 

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