गुरु का मेष राशि में गोचर: जानें ज्योतिष की नज़रों से 12 राशियों का भविष्यफल एवं उपाय!

देवताओं के गुरु बृहस्पति 22 अप्रैल 2023 को मेष राशि में प्रवेश करेंगे। बृहस्पति मेष राशि में 1 मई 2024 तक बने रहेंगे। इस बीच में बृहस्पति 30 अक्टूबर 2023 तक राहु के साथ युति करेंगे। गुरु-राहु की यह युति गुरु चांडाल योग के नाम से जानी जाती है। 

ज्योतिष में बृहस्पति ग्रह

बृहस्पति को नौ ग्रहों में सबसे अधिक शुभ और पवित्र माना गया है। यह हमारी शिक्षा, धन, विवाह, संतान और दांपत्य जीवन के कारक होते हैं। इतना ही नहीं देव गुरु बृहस्पति ज्ञान, धर्म और दर्शन के भी कारक होते हैं। अतः यह सभी प्रकार के उत्तम फलों को प्रदान करने वाले माने गए हैं। ज्योतिषीय नियमों के अनुसार यदि जन्म कुंडली में बृहस्पति बलवान स्थिति में होते हैं तो जातक या जातिका को घर, परिवार, समाज यानी कि हर क्षेत्र में यश और सम्मान मिलता है। यदि बृहस्पति सकारात्मक रूप से आप पर प्रभावी होंगे तो आपका मन धर्म, समाज और परोपकार की ओर अधिक लगेगा। आपके कार्यक्षेत्र में उन्नति तुलनात्मक रूप से ज्यादा तेजी से होगी। स्वास्थ्य सामान्य तौर पर अच्छा रहेगा और आपकी आर्थिक स्थिति भी काफ़ी अच्छी रह सकती है। 

देव गुरु बृहस्पति विवाह और संतान के साथ-साथ परिवार को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं। साथ ही मान सम्मान और उच्च पद दिलाने में भी अहम योगदान रखते हैं। पद-प्रतिष्ठा की प्राप्ति में बृहस्पति की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। फिर चाहे वह पद-प्रतिष्ठा राजनीतिक हो अथवा गैर राजनीतिक। यदि आप जॉब करते हैं तो बृहस्पति की कृपा से आप मल्टीनेशनल कंपनी या फिर किसी भी कंपनी में बड़े ओहदे या बड़े पद पर पहुंच सकते हैं। वहीं यदि आप व्यवसाय करते हैं तो बृहस्पति की कृपा प्राप्त होने की स्थिति में आप बिजनेस टायकून के रूप में जाने जा सकते हैं। अर्थात जीवन को बेहतर तरीके से चलाने का काम बृहस्पति ग्रह की जिम्मेदारी के अंतर्गत आता है।

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जैसा कि हमने बताया ही है कि इस बार देव गुरु बृहस्पति 22 अप्रैल 2023 को मेष राशि में प्रवेश करेंगे। यह उनके मित्र मंगल की मूल त्रिकोण राशि है। बृहस्पति 30 अक्टूबर तक राहु के साथ युति करेंगे और चांडाल योग का निर्माण करेंगे। वहीं 9 सितंबर 2023 से लेकर 31 दिसंबर 2023 तक बृहस्पति वक्री रहेंगे। बृहस्पति के मेष राशि में जाने के कारण आपकी राशि को क्या फायदा अथवा क्या नुकसान हो सकता है; यह जानने से पहले हम स्पष्ट कर दें कि यदि इस गोचरफल को आप लग्न के अनुसार देखेंगे तो परिणाम ज्यादा सटीक लगेंगे। तो चलिए शुरू करते हैं बृहस्पति के गोचरफल का सिलसिला और जानते हैं कि बृहस्पति का मेष राशि में गोचर मेष से लेकर मीन राशि तक कैसे परिणाम देने वाला रहेगा।

मेष राशि

मेष राशि वालों के लिए बृहस्पति आपके भाग्य स्थान और द्वादश भाव के स्वामी होकर आप की राशि में ही विराजमान रहेंगे और क्रमशः आपके पंचम सप्तम और भाग्य स्थान को देखेंगे। वैसे तो ज्योतिष ग्रंथों के अनुसार प्रथम भाव में बृहस्पति के गोचर को अच्छा नहीं माना गया है क्योंकि प्रथम भाव में बृहस्पति का गोचर बुद्धि को भ्रमित करने का काम करता है। बेवजह लोगों से विरोध भी करवा सकता है। साथ ही, कामों में विलंब, सुख में कमी और व्यर्थ के खर्चे भी देने वाला कहा गया है। संभावना है कि इन जातकों को यह सभी परिणाम झेलने पड़ सकते हैं, क्योंकि आपके पहले भाव में 30 अक्टूबर तक बृहस्पति, राहु के साथ मौजूद रहेंगे। अतः बृहस्पति भाग्येश होने के कारण कुछ हद तक सपोर्ट करना चाहेंगे लेकिन राहु के प्रभाव के चलते आपके भ्रमित रहने की संभावनाएं हैं। स्वाभाविक है कि जब आपके निर्णय लेने की क्षमता बाधित रहेगी तो विभिन्न माध्यमों से परिणाम कमज़ोर मिल सकते हैं। अतः भ्रमित होने पर वरिष्ठों, गुरुजनों और पिता अथवा पिता तुल्य व्यक्ति से विचार-विमर्श करने के बाद ही कोई बड़ा निर्णय लेना उचित रहेगा। 

वैसे तो मानहानि की संभावनाएं अधिक प्रबल नहीं है, लेकिन राहु के प्रभाव के चलते कुछ मामलों में छवि कमज़ोर रह सकती है। ऐसे में, आपको थोड़ी सावधानी रखनी होगी। 30 अक्टूबर तक सप्तम भाव में केतु के प्रभाव के चलते व्यापार में कुछ कठिनाइयां आ सकती हैं, लेकिन भाग्येश बृहस्पति आपको सफलता दिलाने में मददगार हो सकते हैं। शासन-प्रशासन से जुड़े लोगों से अच्छे संबंध बनाने की कोशिश लाभप्रद साबित हो सकती है। हालांकि, कुछ खर्चे संभावित है, परंतु विदेशों से संबंध मजबूत होने की संभावना है। इस दौरान यदि आप वरिष्ठों की सलाह से कोई निर्णय लेते हैं और अपनी सामाजिक छवि का ख्याल रखते हैं तो आपके लिए यह अवधि अनुकूल रहेगी। 

उपाय: मांस, मदिरा और अंडे आदि का त्याग करें तथा गाय की सेवा करें।

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वृषभ राशि

वृषभ राशि वालों के लिए बृहस्पति आपके द्वादश यानी कि व्यय भाव में गोचर करेंगे। इस गोचर को अनुकूल परिणाम देने वाला नहीं कहा जा सकता है क्योंकि बृहस्पति आपकी कुंडली में लाभ भाव के स्वामी हैं जो द्वादश भाव में जा रहे हैं। ऐसे में, आमदनी के मार्गों में समस्याएं देखने को मिल सकती हैं। यदि आपका कोई कनेक्शन विदेश से हैं तो संभवतः आपकी आमदनी पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा और आप विदेश जाने की कोशिश में लगे हुए थे तो उस प्रयास में भी आपको सफलता मिल सकती है। फिर भी व्यर्थ के खर्चों को रोकना जरूरी होगा क्योंकि बृहस्पति आपके आठवें भाव के स्वामी होकर द्वादश भाव में जा रहे है और इसके परिणामस्वरूप विपरीत राजयोग जैसी स्थिति निर्मित करेंगे। ऐसे में, कोई बड़े प्रपोजल या सौदे आपके सामने आ सकते हैं जिसमें बड़ा निवेश करने से बचने की सलाह हम आपको देना चाहेंगे क्योंकि बृहस्पति का गोचर आपको अचानक से हानि करवा सकता है।

इन जातकों के आठवें और बारहवें भाव अधिक प्रभावी रहेंगे जबकि लाभ भाव कम प्रभावी होगा। अतः किसी भी तरह का आर्थिक जोखिम उठाने से बचें। अगर आपको अपने आइडियाज और बौद्धिक क्षमता का उपयोग करके कोई प्रॉफिटेबल डील मिल रही है तब आप उसमें आगे बढ़ सकते हैं। इस दौरान आपको अपने स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखना होगा। हालांकि, आपको पेट, जननांगों या फिर कंधों से संबंधित कोई समस्या परेशान कर रही है, तो आपको अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहना होगा। संतान के साथ इस समय अच्छे संबंध बनाकर रखने होंगे और उनकी गतिविधियों पर भी नज़र बनाए रखनी होगी। ऐसा कोई काम न करें जिससे आपकी छवि ख़राब हो पाए। इन सावधानियों का पालन करते हुए आप बृहस्पति से संतोषजनक परिणामों की उम्मीद कर सकते हैं। 

उपाय: साधु संत और गुरुजनों की सेवा करें तथा पीपल की जड़ों में जल चढ़ाएं। 

मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए बृहस्पति आपकी कुंडली में सप्तम और दशम भाव के स्वामी हैं जो अब आपके लाभ भाव में गोचर करेंगे। इस भाव से बृहस्पति आपके पंचम भाव और सप्तम भाव पर दृष्टि डालेंगे। हालांकि, इस गोचर को लाभ देने और लाभ दिलाने वाला कहा गया है। स्वाभाविक है कि लाभ भाव में स्थित गुरु आपको कार्यों में सफलता दिलाकर लाभ प्रदान कर सकता है। यदि आप व्यापारी हैं, तो आपको कुछ विशेष लाभ मिलता हुआ नजर आ रहा है। आपके सप्तम भाव के स्वामी होने के साथ-साथ बृहस्पति करियर के भी स्वामी है जो लाभ भाव में होकर दैनिक रोजगार के भाव को देखेंगे। ऐसे में, व्यवसाय में अनुकूलता देने या दिलाने की कोशिश करेंगे। इस समय आपका आत्मविश्वास भी काफ़ी अच्छा रहने वाला है जिसके चलते आप अपने कामों को बेहतर तरीके से अंजाम देते हुए सकारात्मक परिणाम प्राप्त कर सकेंगे। गुरु का यह गोचर न केवल आर्थिक मामलों के लिए अच्छा रहेगा, बल्कि पद प्रतिष्ठा के मामले में भी सहयोगी रह सकता है क्योंकि आपके दशम भाव के स्वामी बृहस्पति लाभ भाव में होंगे। इसके फलस्वरूप, सामाजिक पद प्रतिष्ठा में वृद्धि हो सकती है। 

हालांकि, राहु की युति के चलते कभी-कभार कुछ गलत निर्णय भी ले सकते हैं जो विरोधियों को आप पर उंगली उठाने का मौका दे सकते हैं। अतः इस समय मिल रही सफलताओं से उत्साहित होकर गलतियां करने से बचने की सलाह दी जाती है। यदि उम्र विवाह की हो चली है और विवाह के लिए आप कोशिश भी कर रहे हैं, तो आपको बता दें कि व्यक्तिगत कुंडली में दशाएं भी अनुकूल हैं। ऐसे में, बृहस्पति का मेष में प्रवेश विवाह करवाने में आपकी मदद करेगा। वहीं, वैवाहिक जीवन में किसी तरह की कोई परेशानी चल रही है, तो इस अवधि में वह समस्याएं काफ़ी हद तक दूर हो सकती हैं। इसके अलावा, संतान संबंधी मामलों में भी बृहस्पति का गोचर लाभकारी सिद्ध हो सकता है। व्यापार-व्यवसाय, नौकरी, भूमि, भवन, वाहन जैसे तमाम साधनों और संसाधनों के लिए यह समय अनुकूल रहेगा। हालांकि, 30 अक्टूबर के बाद परिणाम ज्यादा बेहतर देखने को मिल सकते हैं। 

उपाय: तांबे का कड़ा पहनना आपके लिए शुभ रहेगा। 

कर्क राशि

कर्क राशि वालों के लिए बृहस्पति आपके भाग्य भाव के स्वामी होने के साथ-साथ आपके छठे भाव के स्वामी भी हैं जो अब आपके कर्म स्थान पर गोचर करेंगे। दशम भाव में बृहस्पति के गोचर को अच्छा नहीं माना जाता हैं क्योंकि ज्योतिष ग्रंथों के अनुसार दशम भाव में बृहस्पति के प्रवेश को मानहानि करवाने और दीनता देने वाला कहा गया है अर्थात आर्थिक रूप से कमज़ोर बना सकता है। व्यवसाय में बाधा तथा धन हानि दे सकते हैं। लेकिन आपकी कुंडली में मंगल योगकारी ग्रह है यानी कि सबसे अनुकूल परिणाम देने वाला ग्रह है। ऐसे में, अपने मित्र मंगल की राशि में बृहस्पति का गोचर आपको प्रतिकूल परिणाम भी दे सकता है इसलिए आपको कुछ सावधानियां बरतनी होगी। विशेषकर दशम भाव में स्थित बृहस्पति 30 अक्टूबर तक राहु से युति करेगा और शनि की दृष्टि भी बृहस्पति और राहु पर रहने वाली है। ऐसी स्थिति में कामों में कुछ धीमापन देखने को मिल सकता है अर्थात जिन कामों से आप जल्दी संपन्न हो जाने की उम्मीद रखते हैं उन कामों में भी विलंब आने की संभावना है। अतः महत्वपूर्ण कामों को करने के लिए एक्स्ट्रा टाइम लेकर चलना समझदारी होगा। 

इस अवधि में आपको कोई ऐसा काम करने से बचना है जिससे आपकी सामाजिक छवि खराब हो सकती है। विशेषकर रातो रात प्रसिद्धि पाने का कोई शॉर्टकट अपनाना ठीक नहीं होगा। शासन-प्रशासन से जुड़े व्यक्तियों के खिलाफ कोई षड्यंत्र नहीं करें और यदि शासन-प्रशासन से जुड़ा कोई व्यक्ति आपसे नाराज है तो उसके षड्यंत्र से खुद को बचाने के लिए सजग रहें। बेहतर होगा कि कोई न कोई रास्ता निकाल कर उस व्यक्ति से समझौता कर लें। आर्थिक मामलों में किसी भी तरीके का रिस्क लेना ठीक नहीं रहेगा। हालांकि, बृहस्पति की धन भाव पर दृष्टि संचित धन को बचाने की कोशिश करने में मददगार सिद्ध होगी। घर-परिवार और गृहस्थी से संबंधित मामलों में समझदारी दिखाने से संतोषप्रद परिणाम प्राप्त किए जा सकेंगे। पुराने विवादों से छुटकारा मिलने की भी संभावना है। आपको सलाह दी जाती है कि जिस भी व्यक्ति से आपकी शत्रुता है, उसकी दुश्मनी के कारण को जानकर उस व्यक्ति की नाराज़गी शांत करने की कोशिश करें। ऐसे करने से आपको शांति मिलेगी। इस समय कोई बहुत बड़ा निवेश करना भी उचित नहीं होगा। यदि ऐसा करना जरूरी हो तो अनुभवी व्यक्तियों की सलाह लेकर ही उस मामले में पहल करनी उचित रहेगा। 

उपाय: प्रत्येक शनिवार को किसी मंदिर में आठ बादाम चढ़ाएं।

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सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए बृहस्पति आपकी कुंडली में पांचवें और आठवें भाव के स्वामी हैं जो अब आपके भाग्य भाव में गोचर करने जा रहे हैं।  भाग्य भाव में बृहस्पति के गोचर को अनुकूल परिणाम देने वाला कहा गया है और इस भाव को बृहस्पति का स्थायी भाव माना जाता है। अतः गुरु से अनुकूल परिणाम की उम्मीद की जा सकती है। लेकिन 30 अक्टूबर तक धर्म स्थान पर  बृहस्पति ग्रह राहु के साथ युति करेंगे और यह युति कुछ हद तक कमज़ोर परिणाम दे सकती है। साथ ही, शनि की दृष्टि भी इस मामले में थोड़ी प्रतिकूल रह सकती है। यदि बृहस्पति की दृष्टि की बात करें तो, यहां पर स्थित बृहस्पति आपके प्रथम भाव, तीसरे भाव और पांचवें भाव को देखेंगे। इन तीनों भाव पर बृहस्पति की दृष्टि काफ़ी शुभ साबित होगी। कुछ समस्याओं के बाद इस गोचर से आपको अनुकूल परिणाम प्राप्त होंगे। यह अवधि आपके भाग्य को प्रबल कर सकता है अर्थात यदि आप कर्मठ व्यक्ति हैं तो भाग्य का साथ मिलने के कारण आपको अधिकांश कामों में सफलता मिलने की संभावनाएं मजबूत होंगी। धार्मिक यात्रा के भी योग बनेंगे। यदि किसी पवित्र स्थान पर स्नान करने की योजना है तो राहु भी इस काम में आपकी मदद कर सकता है।

संतान से संबंधित मामलों के लिए यह अवधि अनुकूल रह सकती है। विशेषकर वह लोग जो दूसरी संतान प्राप्ति के लिए प्रयत्न कर रहे हैं, उन्हें इस दौरान लाभ मिल सकता है। हालांकि, राहु कुछ बाधाएं खड़ी कर सकता है लेकिन मनोकामना पूर्ति के अच्छे योग बन रहे हैं। बृहस्पति का गोचर आपके मान-सम्मान में बढ़ोतरी करवा सकता है। विभिन्न माध्यमों से और विभिन्न क्षेत्रों में सफलता मिलने की संभावनाएं मजबूत होंगी। आर्थिक मामलों में भी अनुकूलता देखने को मिलेगी। आध्यात्मिक लगाव रखने वाले व्यक्तियों के लिए बृहस्पति का गोचर शानदार रहेगा। 

उपाय: तामसिक चीज़ों जैसे मांस-मदिरा, अंडे आदि का त्याग करें तथा नियमित रूप से मंदिर जाएं। 

कन्या राशि

कन्या राशि वालों के लिए बृहस्पति आपकी कुंडली में चौथे और सातवें भाव के स्वामी हैं और यह आपके आठवें भाव में गोचर करने जा रहे हैं। बृहस्पति का आठवें भाव में गोचर अच्छा नहीं माना गया है। हालांकि, बृहस्पति यहां पर आपके तृतीयेश मंगल की राशि में रहेगा। अतः धैर्य और आत्मविश्वास के साथ काम लेने से बृहस्पति ग्रह से आप कुछ फेवर की उम्मीद रख सकते हैं। साथ ही, बृहस्पति की दृष्टि द्वादश भाव पर होने के कारण विदेश से संबंधित मामलों के लिए अवधि अनुकूल रहेगी। इसके अलावा, आर्थिक मामलों में बृहस्पति अच्छा सहयोग कर सकते हैं जबकि पारिवारिक मामलों में कुछ उतार-चढ़ाव आ सकते हैं। हालांकि, पिछले समय से चल रही समस्याओं से राहत मिलेगी। नवम दृष्टि से बृहस्पति आपके चतुर्थ भाव को देखेंगे जहां पर उनकी स्वयं की मूल त्रिकोण राशि अर्थात धनु राशि रहेगी। यदि किसी जमीन को लेकर विवाद रहा है, तो आपको अच्छे एडवाइजर या अच्छे वकील के चलते फायदा मिल सकता है। साथ ही, किसी बड़े बुजुर्ग की मध्यस्थता के कारण जमीनी विवाद सुलझ भी सकता है। नया घर, प्लॉट या वाहन खरीदने के लिए समय उपयुक्त है। हालांकि संपत्ति के मामले में विवादास्पद सौदों से दूर रहने की सलाह आपको दी जाती है। वहीं, पुराने वाहन की बजाय नए वाहन की खरीदारी आपके लिए उचित रहेगी, लेकिन पुराना वाहन खरीदना जरूरी हो, तो एक्सपर्ट की राय अवश्य लें। 

बृहस्पति के इस गोचर के चलते आपको अपने खानपान को बहुत ही संयमित रखना होगा। विशेषकर यदि आपको पेट, सीने या जननांगों से संबंधित कोई दिक्कत रही है, तो आपको सजग रहने की आवश्यकता होगी। व्यर्थ के विवाद से बचने की सलाह हम आपको देना चाहेंगे। इस दौरान चीजों को व्यवस्थित ढंग से रखें जिससे चीजों के खोने या चोरी होने का भय न रहे। शासन-प्रशासन से जुड़े व्यक्तियों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखें। साथ ही, कोई भी बड़ा निवेश करने से बचें। संतान से संबंधित मामलों में समझदारी से काम लेना होगा और इस बात का ख्याल रखना होगा कि संतान से किसी भी तरीके का विवाद न होने पाए। यदि आप कफ प्रवृत्ति के व्यक्ति हैं तो आपके लिए उचित आहार-विहार जरूरी रहेगा। 

उपाय: प्रत्येक शनिवार को 4 सूखे हुए जटा वाले नारियल बहते हुए जल में बहाएं।

तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए बृहस्पति आपकी कुंडली के तीसरे और छठे भाव के स्वामी हैं जो अब आपके सातवें भाव में गोचर करने जा रहे हैं। हालांकि, ज्योतिष के नियमों के अनुसार, सातवें भाव में बृहस्पति का गोचर काफ़ी अच्छे परिणाम देने वाला कहा गया है। लेकिन, तीसरे और छठे भाव के स्वामित्व के कारण गुरु ग्रह कुछ मामलों में तुलनात्मक रूप से कम सहयोग करते हैं। हालांकि लाभ भाव पर बृहस्पति की दृष्टि विभिन्न माध्यमों से लाभ दिलवा सकती है। साथ ही, पहले भाव पर सातवीं दृष्टि आपके ज्ञान को बढ़ाएगी जिससे आपके भीतर निर्णय लेने की क्षमता बेहतर होगी। वहीं, नवम दृष्टि आपके तीसरे भाव पर होने से आपका आत्मविश्वास काफ़ी अच्छा रहेगा। लेकिन सप्तम भाव में बृहस्पति, राहु और शनि का प्रभाव रहने वाला है। विशेषकर 30 अक्टूबर तक गुरु और राहु की युति के चलते निजी संबंधों में कुछ परेशानियां देखने को मिल सकती हैं। हालांकि  सातवें भाव में बृहस्पति का गोचर विवाह एवं दांपत्य सुख प्रदान करेगा अर्थात यदि आपकी उम्र विवाह की है और आप विवाह की कोशिश भी कर रहे हैं, तो इस दौरान आपका विवाह होने की संभावनाएं प्रबल होंगी। 

यदि किसी कारण से इस वर्ष आप विवाह टालने के इच्छुक है और अगले वर्ष विवाह करना चाहते हैं तो योजना को सोच-समझकर बनाए। अगले साल की बजाय इस वर्ष में ही अप्रैल 2023 से मई 2024 के बीच में विवाह की योजना बनाना ज्यादा सही रहेगा क्योंकि आपकी कोशिश और बृहस्पति का आशीर्वाद मिलकर आपके दांपत्य सुख को सही दिशा दे सकते हैं। यह अवधि पिछले कुछ सालों से चली आ रही स्वास्थ्य समस्याओं को दूर करने में भी मददगार साबित होगी। हालांकि, राहु और शनि के प्रभाव को देखते हुए यह मदद कितनी सार्थक रहेगी, यह आपकी दशाओं पर भी निर्भर करेगा, लेकिन गुरु का गोचर आपको आरोग्यता प्रदान कर सकता है। बृहस्पति गोचर में आपका झुकाव दान-पुण्य जैसे कार्यों में हो सकता है। तीर्थ यात्रा या दूर की यात्रा में भी आपकी रुचि बढ़ सकती है। यदि आप व्यापारी हैं, तो बृहस्पति का गोचर आपके लिए सहायक साबित हो सकता है। यदि आप व्यापार शुरू करने की योजना बना रहे हैं और आपकी दशाएं भी अनुकूल है, तो इस समय आप कोई नए उपक्रम शुरू कर सकते हैं। यह गोचर आपको नया व्यापार खोलने के साथ-साथ उसमें फायदा भी दिलवाएगा। बृहस्पति के इस गोचर के चलते यात्राओं के माध्यम से लाभ मिलने की संभावनाएं मजबूत होंगी। 

उपाय: नियमित रूप से शिव आराधना करें और कम से कम महीने में एक बार रुद्राभिषेक करवाएं।

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वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि वालों  के लिए बृहस्पति आपकी कुंडली में दूसरे और पांचवें भाव के स्वामी हैं जो अब आपके छठे भाव में गोचर करने जा रहे हैं। हालांकि, ज्योतिष ग्रंथों में बृहस्पति का छठे भाव में गोचर अच्छे परिणाम देने वाला नहीं कहा गया है। लेकिन बृहस्पति आपकी राशि स्वामी मंगल की मूल त्रिकोण राशि मेष में ही गोचर करने जा रहे हैं, तो ऐसे में यह आपको अनुकूल परिणाम देने की कोशिश करेंगे। सामान्य शब्दों में यदि कुछ सावधानियों को अपनाया गया, तो बृहस्पति गोचर से अनुकूल परिणाम प्राप्त किए जा सकेंगे। ज्योतिष ग्रंथों में बृहस्पति के इस गोचर को रोग देने वाला माना गया है। ऐसे में, यदि आप अपना खानपान संयमित रखेंगे और योग व व्यायाम का सहारा लेंगे तो आपको पुराने रोगों से छुटकारा मिल सकता है क्योंकि आपके राशि स्वामी की मूल त्रिकोण राशि में शरण लेने के कारण बृहस्पति रोगों को दूर करेंगे। हालांकि, आपको भी रोगों को दूर करने के लिए दिल से कोशिश करनी होगी। लापरवाही की स्थिति में आपको पेट या कमर से संबंधित परेशानियां हो सकती हैं। वहीं, जागरूक होने की स्थिति में इस तरह की समस्याओं से छुटकारा भी मिल सकता है।

बृहस्पति के इस गोचर को राज्य से विरोध देने या दिलाने वाला कहा गया है। अब जिस अवधि में बृहस्पति अपनी राशि बदल रहे हैं उस अवधि में दशम भाव का स्वामी सूर्य उच्च अवस्था में बृहस्पति का स्वागत करने के लिए उसी राशि में बैठा हुए हैं जिस राशि में बृहस्पति जा रहे हैं। ऐसी स्थिति में आपको ऐसे मौके भी मिलेंगे जहां शासन-प्रशासन से जुड़े लोग आपसे जुड़ना चाहेंगे। ऐसे में, आपका भी कर्तव्य बनता है कि आप उन लोगों से ऐसे जुड़े कि भविष्य में जब कभी जरूरत हो, वह आपके सहयोग के लिए तत्पर रहें न कि आपका विरोध करें। सावधानियों को रखने की स्थिति में शासन-प्रशासन से विरोध की बजाय सहयोग भी मिल सकता है। बृहस्पति के इस गोचर को संतान से विरोध देने या दिलाने वाला भी कहा गया है क्योंकि पंचम भाव का स्वामी छठे भाव में जा रहा है। बेहतर होगा कि संतान के साथ संबंधों को प्रेम और समझदारी से संभालें। इस अवधि में यथासंभव विवादों को टालने की कोशिश करनी होगी। चतुर्थ भाव में स्थित शनि इस बात का संकेत कर रहा है कि वाहन को संयमित गति से चलाएं। ऐसे में, आपको वाहन अत्यंत सावधानी से चलाने की सलाह दी जाती है।

उपाय: प्रत्येक तीसरे महीने किसी बुजुर्ग पुजारी को पीले रंग के कपड़ों का दान करें। 

धनु राशि

धनु राशि वालों के लिए बृहस्पति आपकी कुंडली में आपके प्रथम भाव अर्थात लग्न या राशि के स्वामी होने के साथ-साथ आपके चतुर्थ भाव के स्वामी भी हैं जो अब पंचम भाव में गोचर करने जा रहा है। स्वाभाविक है यह गोचर आपको काफ़ी अच्छे परिणाम देने और दिलाने की कोशिश करेगा। हालांकि, राहु और शनि के प्रभाव में होने के चलते बृहस्पति द्वारा दिए गए परिणामों की प्राप्ति धीमी गति से हो सकती है अथवा कुछ व्यवधानों के बाद आपको कामों में सफलता मिल सकती है। लेकिन, यदि आपकी कुंडली के दशाएं भी अनुकूल चल रही हैं तो बृहस्पति आपके लिए फलदायी रह सकता है। बृहस्पति का गोचर विद्यार्थियों के लिए सकारात्मक सिद्ध हो सकता है, ख़ासकर कानून और मैनेजमेंट की पढ़ाई करने वालों के लिए। हालांकि, 30 अक्टूबर तक राहु के प्रभाव के चलते पढ़ाई पर फोकस करना आपको थोड़ा सा कठिन रह सकता है, लेकिन निरंतर की गई कोशिश आपको सफलता दिला सकती है। 

यह अवधि विवाह और सगाई से संबंधित मामलों के लिए भी शुभ रह सकती है। विशेषकर सगाई करवाने में बृहस्पति का गोचर काफ़ी मददगार साबित हो सकता है। जो लोग काफ़ी समय से संतान प्राप्ति के लिए प्रयासरत रहे हैं तो आपके प्रयास सफल हो सकते हैं। यह गोचर पद-प्रतिष्ठा दिलाने में भी आपकी मदद कर सकता है। विशेषकर जॉब करने वाले लोगों का प्रमोशन संभावित है। इतना ही नहीं, यदि आप जॉब में परिवर्तन करना चाह रहे हैं तो आपको बेहतर प्लेसमेंट भी मिल सकता है। बृहस्पति का गोचर ज्यादातर कामों में आपको सफलता दिलाने का काम कर सकता है। जो लोग लंबे समय से शेयर मार्केट इत्यादि से जुड़े रहे हैं उन्हें भी सफलता मिलती हुई प्रतीत हो रही हैं। इस समय आपको विविध माध्यमों से लाभ प्रदान कर सकता है। आपकी कार्यकुशलता में भी बढ़ोतरी के योग निर्मित होंगे। साथ ही, धार्मिक और आध्यात्मिक मामलों में भी उन्नति के योग संभावित है। पिता से संबंधित मामलों में भी अनुकूल परिणाम मिलने के आसार हैं। 

उपाय: मुफ्त में कोई भी उपहार या दान स्वीकार न करें तथा साधु-संत और गुरुजनों की सेवा करें।

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मकर राशि

मकर राशि वालों के लिए बृहस्पति आपकी कुंडली में तीसरे और द्वादश भाव का स्वामी है तथा यह आपके चतुर्थ भाव में गोचर करने जा रहा है। बृहस्पति के इस गोचर को सामान्य तौर पर अच्छा नहीं माना गया है क्योंकि व्यय भाव के स्वामी का चतुर्थ भाव में आना व्यर्थ के खर्चे करवा सकता है। विशेषकर आप भूमि, भवन या वाहन खरीदने की सोच रहे हैं, तो आपके लिए बेहतर होगा कि इस अवधि में इन चीजों की खरीदारी से बचा जाए, अन्यथा ये चीजें आपको विवादास्पद घटनाक्रम से जोड़ सकती हैं। वहीं, हो सकता है कि ख़रीदा गया वाहन आपके लिए शायद ज्यादा हितकारी न हो। अतः इस समय भवन और वाहन की खरीदारी से बचना ज्यादा समझदारी का काम होगा। ऐसा इसलिए हो सकता है क्योंकि आपके द्वादश भाव का स्वामी चतुर्थ भाव में हैं और वहां पर शनि और राहु का प्रभाव भी रहने वाला है। विशेषकर गुरु और राहु की युति 30 अक्टूबर तक रहने वाली है। अतः इस अवधि में भूमि, भवन और वाहन की खरीदारी फलदायी साबित नहीं होने की आशंका है। यह गोचर आपको मानसिक रूप से अशांत कर सकता है। ऐसे में, मन को शांत रखने के लिए योग और मेडिटेशन करें। साथ ही, बेवजह की विवादों से स्वयं को बचाने की सलाह आपको दी जाती है। 

यदि जमीन-जायदाद से जुड़ा कोई विवाद होने की संभावना है, तो अच्छे वकील से सलाह लेना आवश्यक रहेगा। इस अवधि में माता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें और माता के साथ आपके रिश्ते अच्छे बने रहें इस बात की भी कोशिश करें। इस अवधि में आपके स्थान परिवर्तन के योग भी बनेंगे। विशेषकर यदि आप विदेश जाने की कोशिश में है, तो इस मामले में आपको सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं क्योंकि विदेश स्थान का स्वामी आपके चतुर्थ भाव में आकर विदेश के स्थान को देख रहा है। बृहस्पति का गोचर शोध कार्यों से जुड़े लोगों के लिए अनुकूल रह सकता है। यदि कार्यालय में वरिष्ठों के साथ आप अच्छे संबंध रखेंगे, तो प्रमोशन इत्यादि की संभावनाएं प्रतीत हो रही है। इस समय शासन-प्रशासन से जुड़े व्यक्तियों से किसी भी तरीके का विवाद नहीं करना है। यदि इन सावधानियों को अपनाएंगे तो आप काफ़ी हद तक शांतिपूर्ण जीवन जीने में सफल रह सकते हैं।

उपाय: बड़े बुजुर्गों की सेवा करें तथा सांप को दूध पिलाए।

कुंभ राशि

कुंभ राशि वालों के लिए बृहस्पति आपकी कुंडली में धन तथा लाभ भाव के स्वामी हैं और यह गोचर आपके तीसरे भाव में हो रहा है। इस भाव में स्थित बृहस्पति आपको मिले-जुले प्रणाम दे सकता है। आपके धन भाव के स्वामी के अपने से दूसरे भाव में जाने से आर्थिक मामलों में अनुकूलता देखने को मिल सकती है। लेकिन राहु की युति के चलते 30 अक्टूबर तक अनैतिक रूप से धन प्राप्ति से खुद को बचाएं, ख़ासकर यदि आपको लगता है कि धन कमाने का तरीका कहीं न कहीं गैरकानूनी है। आपको आर्थिक मामले में किसी भी तरीके का जोखिम नहीं उठाना है। इन सावधानियों को अपनाकर आप आर्थिक मामलों में संतोषप्रद परिणाम प्राप्त कर सकेंगे। गुरु के इस गोचर को कुछ मामलों में स्वास्थ्य पीड़ा देने वाला भी कहा गया है। इस मामले में शनि की साढ़ेसाती और प्रथम भाव में शनि का गोचर भी नकारात्मकता दे सकता है। साथ ही, 30 अक्टूबर तक गुरु के साथ राहु की युति भी स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है। कुंभ राशि वाले लोगों को गुरु के इस गोचर के कारण स्वास्थ्य के प्रति काफ़ी जागरूक बने रहने की आवश्यकता होगी। अगर आप योग, व्यायाम या जिम जाने जैसे कार्य नियमित रूप से करते हैं, तो आपको चिंता करने की आवश्यकता नहीं है, अन्यथा स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहना होगा। यदि आपका काम साझेदारी का है तो इस अवधि में अपने पक्ष को दूसरों के सामने पारदर्शी तरीके से रखना जरूरी होगा, वरना पार्टनरशिप में कुछ दिक्कतें आ सकती हैं। 

दांपत्य संबंधी मामलों में बृहस्पति के गोचर से अनुकूल परिणामों की उम्मीद की जा सकेगी। यह अवधि उन लोगों के लिए मददगार हो सकती है जिनकी उम्र विवाह की हो गई है और वह लंबे समय से विवाह के लिए कोशिश भी कर रहे हैं। अब आपको अपने प्रयासों में कामयाबी मिल सकती है। इस दौरान शासन-प्रशासन से जुड़े व्यक्तियों के साथ संबंधों में सुधार आएगा। इस समय जानबूझकर किसी से भी विरोध करना उचित नहीं रहेगा। आपको अपनी तरफ से कोशिश करनी होगी कि मित्रों के साथ आपके संबंध अनुकूल बने रहें। इस अवधि में व्यर्थ की यात्राओं को टालना समझदारी का काम होगा। यदि आप ऐसा करते हैं तो बृहस्पति आपको मनोरंजक यात्राओं को करने के मौके दे सकते हैं। व्यापार-व्यवसाय में कोई बड़ा रिस्क लेने से बचना जरूरी रहेगा। वरिष्ठों के सहयोग से कामों में संतुलन बना रहेगा और आमदनी के स्रोत भी आपका सहयोग करते रहेंगे। इस गोचर की ऊर्जा इस बात का संकेत कर रही है कि समझदारी और संयम से लिए गए निर्णय आपको सफलता दिला सकते हैं।

उपाय: जब भी संभव हो तब या फिर कम से कम प्रत्येक तीसरे महीने कन्या पूजन करें और उनका आशीर्वाद लें।

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मीन राशि

मीन राशि वालों के लिए बृहस्पति आपकी कुंडली में आपके लग्न या राशि के स्वामी होने के साथ-साथ आपके कर्म स्थान के स्वामी भी हैं जो अब आपके दूसरे भाव यानी कि धन भाव में गोचर करने जा रहे हैं। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि बृहस्पति अपनी पहली राशि यानी कि धनु राशि के पांचवें भाव में जा रहे हैं। वहीं अपनी दूसरी राशि यानी की मीन राशि जो कि आपकी राशि है उससे दूसरे भाव में जा रहे हैं। यह दोनों ही स्थितियां आपको आर्थिक, पारिवारिक और कार्यक्षेत्र से जुड़े मामले में अनुकूल परिणाम देने या दिलाने वाली कहीं जाएंगी। इस भाव से बृहस्पति आपके छठे भाव को देखेगा जो रोग, ऋण और शत्रु को दूर करने की कोशिश करेगा। यदि आप बैंक से लोन इत्यादि लेने की कोशिश में हैं तो उन मामलों में आपको सफलता दिलाएगा। वहीं यदि कोई लोन पेंडिंग है और आप उसे समाप्त करना चाह रहे हैं, तो इस मामले में भी आपकी सहायता कर सकता है। योग, व्यायाम, आध्यात्मिक कार्य तथा शोध जैसे क्षेत्रों में यदि आपकी रुचि है तो यह गोचर आपके लिए फलदायी हो सकता है। अप्रत्याशित रूप से धन लाभ भी प्रदान कर सकता है। यदि आपकी कुंडली में व्यापार या व्यवसाय के योग हैं और आप उन्हें शुरू करना चाह रहे हैं, तो बृहस्पति का गोचर उस मामले में भी अनुकूल साबित होगा।

वहीं, नौकरीपेशा लोगों को जॉब में बदलाव के अवसर मिल सकते हैं। साथ ही, जो लोग जॉब में बदलाव नहीं करना चाह रहे हैं उन्हें भी प्रमोशन इत्यादि मिलने की संभावनाएं हैं। बृहस्पति का गोचर मीन राशि के लोगों को आर्थिक मामलों में अच्छी खासी अनुकूलता देगा और घर-परिवार में सुख समृद्धि के भी योग निर्मित होंगे। पिछले दिनों से चले रहे पारिवारिक विवाद अब समाप्त होने की संभावना है। यदि उम्र विवाह की है तो बृहस्पति का यह गोचर विवाह करवाने में आपकी मदद कर सकता है। घर-परिवार के लोग भी इस मामले में आपका सहयोग कर सकते हैं। संतान प्राप्ति के योग भी इस गोचर के चलते निर्मित होंगे। पुराने विवादों से छुटकारा मिल सकता है और आपके भीतर दान, पुण्य और परोपकार जैसे भाव जागृत हो सकते हैं। सामान्य तौर पर स्वास्थ्य में अनुकूलता देखने को मिलेगी। हालांकि, दूसरे भाव में राहु और शनि के प्रभाव के चलते आपको अपने खानपान पर संयम रखने की आवश्यकता होगी जिससे आपका स्वास्थ्य अच्छा बना रहेगा। आप अपनी वाणी पर संयम रखकर परिजनों के साथ अच्छे संबंध बनाए रख सकेंगे। साथ ही, व्यर्थ के खर्चों को रोककर आर्थिक समृद्धि को भी सही दिशा दे सकेंगे। अर्थात कुछ छोटी-मोटी सावधानियों को अपनाकर और समझदारी दिखाते हुए आप बृहस्पति के इस गोचर से काफ़ी अच्छे परिणाम प्राप्त कर सकेंगे।

उपाय: संभव हो,तो अपने घर के आसपास के गड्ढों को बंद करवाएं तथा सामर्थ्य अनुसार दान-दक्षिणा करें। 

हम आशा करते हैं कि बृहस्पति के इस गोचर से मिलने वाले परिणामों को जानने के बाद आप और बेहतर योजना बनाकर सही आचार-व्यवहार अपनाकर संयमित दिनचर्या के सहयोग से बेहतर परिणाम प्राप्त करने में सफल रहेंगे। हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं। मां भगवती आप पर कृपा बनाए रखें।

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Dharma

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