वो पाँच चीजें जो किसी भी घर में नकारात्मक ऊर्जा का सबसे बड़ा स्रोत मानी जाती हैं

वास्तु शास्त्र का मानना है कि हमारे जीवन पर हमारे आसपास की वस्तुओं का बहुत प्रभाव पड़ता है। कोई भी इंसान जहां रहता है या फिर जहां काम करता है या फिर जहां अपना ज्यादातर समय बिताता है, वहाँ मौजूद हर वस्तु सकारात्मक या नकारात्मक तौर पर उसके जीवन को प्रभावित करती है। बहुत बार ऐसा भी होता है कि कई लोग वास्तु शास्त्र के नियमों का तो पूरा पालन करते हैं और घर में मौजूद चीजों को उसके वास्तु के अनुसार सही दिशा में भी रखते हैं लेकिन उनके जीवन में सकारात्मकता नहीं आती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि अनजाने में ही उनके घर में कुछ ऐसी चीजें भी मौजूद रहती हैं जो वास्तु दोष पैदा करती हैं।

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ऐसे में आज हम आपको इस लेख में उन पांच चीजों के बारे में बताने वाले हैं जो घर में यदि मौजूद हों तो घर में नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देती हैं और घर में रहने वाले जातकों के जीवन को अस्त-व्यस्त कर देती हैं।

गंदगी

वैदिक ज्योतिष में शुक्र को भौतिक सुखों का दाता माना गया है। भौतिक सुख यानी कि हर वो चीज जो आप अपने भोग-विलास के लिए धन खर्च कर के खरीद सकते हैं जैसे कि टीवी, फ्रिज, गाड़ी इत्यादि। शुक्र नाराज हो तो इसका अर्थ है कि जीवन में दरिद्रता हावी रहेगी। शुक्र को साफ-सफाई पसंद है और धन की देवी माता लक्ष्मी को भी। वास्तु शास्त्र मानता है कि जिस घर में गंदगी रहती हो वहाँ माता लक्ष्मी वास नहीं करती। ऐसे में किसी घर के गंदे रहने से जीवन में आर्थिक दिक्कतें पैदा होती हैं। जातकों को चाहिए कि वे अपने घर की नियमित तौर पर सफाई करें। धूल को कहीं जमने न दें। ये सभी नकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और किसी भी घर या अन्य जगह के वास्तु दोष की प्रमुख वजहों में से एक हैं।

कबाड़ का सामान

बहुत से लोगों की आदत होती है कि वे टूटी हुई चीजों को बस इसलिए सहेज कर रख लेते हैं कि भविष्य में कभी उसका उपयोग होगा। वहीं कभी-कभार खराब चीजों को ठीक न करवा पाने की वजह से वो घर में कबाड़ की शक्ल ले लेती हैं। ऐसे में आपको बता दें कि किसी भी प्रकार का खराब सामान या फिर कहें तो टूटा-फूटा सामान नकारात्मक ऊर्जा का बहुत बड़ा कारक माना गया है। अगर आपके घर में भी ऐसा कोई सामान है तो या तो उसे ठीक करवा लें या तो फिर जितनी जल्दी हो सके उसे घर से हटा दें। यहाँ तक कि वास्तु शास्त्र के अनुसार रसोई में टूटे बर्तनों का प्रयोग भी वर्जित माना गया है। खासकर के कांच के टूटे हुए बर्तनों को रखना और उनका उपयोग करना तो नकारात्मक ऊर्जा का एक बहुत बड़ा स्रोत माना गया है। ऐसे में शीघ्र अति शीघ्र इन चीजों को घर से हटा देने में ही भलाई है।

बिखरा हुआ कमरा

वास्तु शास्त्र के मुताबिक घर का कोई भी कमरा बिखरा हुआ नहीं होना चाहिए। अस्त-व्यस्त कमरे जीवन पर नकारात्मक प्रभाव डालते हैं। वास्तु शास्त्र के मुताबिक जिन घरों में अस्त-व्यस्त कमरे होते हैं, वहाँ के जातकों के जीवन में किसी भी कार्य के होते-होते रह जाने की आशंका बढ़ जाती है। इससे जातकों को जीवन में किसी भी कार्य को लेकर एकाग्रचित होने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। खासकर छात्र और कारोबारी व्यक्तियों के लिए यह स्थिति नकारात्मक वातावरण तैयार करती है। ऐसे में हमेशा इस बात को सुनिश्चित करें कि घर में यदि स्टोर रूम भी है तो उसमें भी सामान सहेजे हुए रहें। घर का कोई भी कमरा अस्त-व्यस्त न हो।

सूखे पेड़-पौधे

आपने कोई फूल का पौधा लगाया है या फिर कोई अन्य पौधा लगाया है और वो सूख चुका है तो उसे हटा दें। इसके लिए किसी का इंतज़ार न करें क्योंकि ऐसे पौधे नकारात्मक ऊर्जा के बहुत बड़े कारक माने जाते हैं। साथ ही यदि आपके घर के आँगन में कोई ऐसा पेड़ हो जो सूख चुका है तो उसे जितनी जल्दी हो हटा दें। ऐसे कोई भी पेड़-पौधे जो सूख चुके हैं वो नकारात्मक ऊर्जा फैलाते हैं। इससे घर के सदस्यों में ऊर्जा की कमी आती है। मन बोझिल सा रहता है और स्वभाव में चिड़चिड़ापन बढ़ता है जिससे घर में कलह बढ़ने की आशंका रहती है जो कि एक परिवार के लिए कभी भी सुखद नहीं हो सकता है। इसके अलावा वास्तु शास्त्र में कांटे वाले किसी पेड़-पौधे को भी घर के आँगन या घर में रखना वर्जित माना गया है।

मकड़ी के जाले

घर या कार्यस्थल या फिर कोई ऐसी जगह जहां आप अपना अधिकतर समय बिताते हैं वहाँ कभी भी मकड़ी के जाले जमने न दें। ये जाले नकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। ऐसे घरों में आर्थिक समस्या उत्पन्न होती है। कर्ज बढ़ने लगता है और परिवार के सदस्यों के अंदर मानसिक अशांति देखि जाती है। इसलिए समय-समय पर मकड़ी के जाले न बनें इसलिए घर के कोनों की साफ-सफाई करते रहा करें।

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