धनु राशि में मंगल गोचर (16 जनवरी, 2022): किन राशियों को मिलेंगे शुभ परिणाम?

मंगल को एक उग्र ग्रह का दर्जा प्राप्त है। हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार मंगल वराह (सूअर) और भूमि (पृथ्वी) का पुत्र है। लाल ग्रह मंगल ज्योतिष शास्त्र में बहुत बड़ी भूमिका निभाता है क्योंकि मंगल ग्रह से संबंधित मंगल दोष कई बार विवाह में बाधा या परेशानी की वजह बन जाता है। जिन लोगों की कुंडली में मंगल ग्रह मौजूद होता है ऐसे लोग उग्र स्वभाव के होते हैं लेकिन साहसी और दृढ़ निश्चयी भी होते हैं। मंगल ग्रह शुभ-अशुभ दोनों तरह के परिणाम देने के लिए जाना जाता है। यदि यह कुंडली में शुभ स्थान पर है तो व्यक्ति को शुभ परिणाम मिलेंगे और अशुभ स्थान पर स्थित होने से अशुभ फल की प्राप्ति होती है।

जिन लोगों की कुंडली में मंगल ग्रह शुभ स्थिति में मौजूद होता है ऐसे लोगों को इस ग्रह के प्रभाव से जीवन में प्रतिस्पर्धा करने के लिए साहस, युवा ऊर्जा और साहस का आशीर्वाद प्राप्त होता है। वहीं इसके विपरीत यदि मंगल ग्रह शुभ स्थिति में न मौजूद हो तो यह जातक के सोचने समझने की शक्ति को कम कर देता है और जातक को क्रोध और आक्रमकता से भर देता है।

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मंगल को युद्ध का देवता भी माना जाता है इसलिए इस ग्रह के प्रभाव में आने वाले जातकों में क्षत्रिय मानसिकता और गर्म स्वभाव की संभावना अधिक देखने को मिलती है। मंगल ग्रह व्यक्ति को शुभ-अशुभ दोनों ही तरह के गुण प्रदान करता है। जहाँ एक तरह सकारात्मक गुणों में नेतृत्व, साहस और आत्मविश्वास शामिल होते हैं, वहीं नकारात्मक गुणों में क्रोध, गुस्सा, घृणा, संवेदनहीनता और आवेगी स्वभाव मौजूद होते हैं।

धनु राशि में मंगल गोचर: 16 जनवरी, 2022

काम, ऊर्जा, इच्छा, जुनून, युद्ध और आक्रामकता का कारक यह उग्र ग्रह मंगल, 16 जनवरी 2022 को धनु राशि में 15 बजकर 26 मिनट पर गोचर कर जायेगा। धनु राशि में मंगल का गोचर सभी 12 राशियों के जातकों के लिए जीवन में फेरबदल और अहम बदलाव अवश्य लाएगा।

सभी बारह राशियों में मेष और वृश्चिक राशि का शासक स्वामी मंगल है। यदि मंगल ग्रह किसी जातक के लग्न चार्ट के 1, 2, 4, 7, 8 या 12वें घर में रखा जाए तो उसे मांगलिक माना जाता है और इससे ऐसे व्यक्तियों के विवाह में बाधाएं उत्पन्न होती हैं।

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आइये अब आगे बढ़ते हैं और जान लेते हैं सभी बारह राशियों पर धनु राशि में मंगल गोचर का क्या प्रभाव पड़ेगा।

धनु राशि में मंगल गोचर: प्रभाव और उपाय 

यह भविष्यफल चंद्र राशि पर आधारित है। अपनी चंद्र राशि जानने के लिए क्लिक करें:
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मेष राशि

मंगल ग्रह मेष राशि के जातकों के लग्न भाव और आठवें भाव का स्वामी माना जाता है और इस गोचर के दौरान यह आपके….(विस्तार से पढ़ें गोचरफल)

वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के सातवें और बारहवें भाव का स्वामी मंगल ही है और धनु राशि में गोचर के दौरान यह आपके….(विस्तार से पढ़ें गोचरफल)

मिथुन राशि

मंगल ग्रह मिथुन राशि के जातकों के छठे और ग्यारहवें भाव का स्वामी है और धनु राशि में गोचर के दौरान यह आपके….(विस्तार से पढ़ें गोचरफल)

कर्क राशि

मंगल ग्रह कर्क राशि के जातकों के दसवें और पांचवें भाव का स्वामी माना जाता है जबकि धनु राशि में गोचर के दौरान यह आपके….(विस्तार से पढ़ें गोचरफल)

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के नौवें और चौथे भाव का स्वामी मंगल है और इस गोचर के दौरान यह आपके पंचम भाव यानी कि….(विस्तार से पढ़ें गोचरफल)

कन्या राशि

मंगल ग्रह कन्या राशि के जातकों का तीसरे और आठवें भाव का स्वामी माना जाता है और इस गोचर के दौरान यह….(विस्तार से पढ़ें गोचरफल)

तुला राशि

मंगल ग्रह तुला राशि के जातकों के दूसरे और सातवें भाव का स्वामी माना जाता है और यह इस दौरान आपके….(विस्तार से पढ़ें गोचरफल)

वृश्चिक राशि

मंगल आपके पहले और छठे भाव का स्वामी माना जाता है और इस गोचर के दौरान मंगल वृश्चिक राशि के जातकों के दूसरे ….(विस्तार से पढ़ें गोचरफल)

धनु राशि

मंगल धनु राशि के जातकों के पांचवें और द्वादश भाव का स्वामी है जबकि इस गोचर के दौरान यह आपके लग्न भाव यानी कि….(विस्तार से पढ़ें गोचरफल)

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मकर राशि

मंगल ग्रह मकर राशि के जातकों के चौथे और ग्यारहवें भाव का स्वामी माना जाता है जबकि इस गोचर के दौरान यह….(विस्तार से पढ़ें गोचरफल)

कुम्भ राशि

मंगल आपके तीसरे और दसवें भाव का स्वामी है और इस गोचर के दौरान यह आपके ग्यारहवें भाव यानी कि ….(विस्तार से पढ़ें गोचरफल)

मीन राशि

मंगल मीन राशि के नौवें और दूसरे भाव का स्वामी माना गया है और इस गोचर के दौरान यह आपके ….(विस्तार से पढ़ें गोचरफल)

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