देवउठनी एकादशी से हो जायेगा विवाह मुहूर्त का शुभारंभ !

शास्त्रों के अनुसार यदि किसी कार्य की शुरुआत शुभ मुहूर्त में की जाए तो, व्यक्ति को उचित फल मिलता है, और जीवन में खुशहाली आती है। किसी भी कार्य को आरम्भ करने की शुभ घड़ी को मुहूर्त कहते हैं। हर साल बहुत सारे शुभ मुहूर्त आते हैं, जिसमें व्यक्ति अपने कई तरह के महत्वपूर्ण काम करता है। बता दें कि इस साल 8 नवंबर, शुक्रवार यानि आज देवउठनी एकादशी है। इस दिन से विवाह मुहूर्त का शुभारंभ हो जायेगा, यानि 8 नवंबर से जिन लोगों को शादियों की तारीख़ रखनी है, वो रख सकते हैं। चलिए इस लेख में आपको बताते है, कि क्यों देवउठनी एकादशी से विवाह मुहूर्त का शुभारम्भ हो जाता है। –

देवउठनी एकादशी से शुरू हो जायेंगे मांगलिक कार्य 

मान्यता है कि देवउठनी एकादशी के दिन चार महीने से क्षीर सागर में सोए भगवान विष्णु जागते हैं। भगवान विष्णु के शयनकाल के चार मास में विवाह आदि जैसे मांगलिक कार्य नहीं किये जाते हैं, इसीलिए देवोत्थान एकादशी पर भगवान हरि के जागने के बाद शुभ और मांगलिक कार्य शुरू हो जाते हैं। इस दिन तुलसी विवाह का आयोजन भी किया जाता है, जिसमें सालीग्राम के साथ माता तुलसी का विवाह करते हैं। इस दिन हरि मंदिरों में भगवान विष्णु को विशेष शृंगार कराया जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन व्रत रखने से व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है। 

नवंबर-दिसंबर में विवाह की तिथि 

नीचे नवंबर, 2019 और दिसंबर, 2019 में आने वाले सभी विवाह मुहूर्त की तारीख़ दी गयी है। –

नवंबर 2019 विवाह मुहूर्त – 8, 9, 10, 11, 13, 14,19, 20, 21, 22, 23, 28, 29 और 30 नवंबर

दिसंबर 2019 विवाह मुहूर्त – 1, 2, 3, 7, 8, 10, 11 और 12 दिसंबर

आशा करते हैं इस लेख में दी गयी जानकारी आपको पसंद आयी होगी। एस्ट्रोसेज से जुड़े रहने के लिए आपका धन्यवाद !

यह भी पढ़ें –

एक ऐसा शिव मंदिर जिसे बनने में लगा था 150 साल का समय, जानें इससे जुड़ी कुछ खास बातें।

कैसे शुरु हुआ प्रबोधन पर्व, जानें इस दिन पूजा करने के लाभ!

Dharma

बजरंग बाण: पाठ करने के नियम, महत्वपूर्ण तथ्य और लाभ

बजरंग बाण की हिन्दू धर्म में बहुत मान्यता है। हनुमान जी को एक ऐसे देवता के रूप में ...

51 शक्तिपीठ जो माँ सती के शरीर के भिन्न-भिन्न अंगों के हैं प्रतीक

भारतीय उप महाद्वीप में माँ सती के 51 शक्तिपीठ हैं। ये शक्तिपीठ माँ के भिन्न-भिन्न अंगों और उनके ...

सिद्ध कुंजिका स्तोत्र (Kunjika Stotram) से पाएँ दुर्गा जी की कृपा

सिद्ध कुंजिका स्तोत्र एक ऐसा दुर्लभ उपाय है जिसके पाठ के द्वारा कोई भी व्यक्ति पराम्बा देवी भगवती ...

12 ज्योतिर्लिंग: शिव को समर्पित हिन्दू आस्था के प्रमुख धार्मिक केन्द्र

12 ज्योतिर्लिंग, हिन्दू आस्था के बड़े केन्द्र हैं, जो समूचे भारत में फैले हुए हैं। जहाँ उत्तर में ...

दुर्गा देवी की स्तुति से मिटते हैं सारे कष्ट और मिलता है माँ भगवती का आशीर्वाद

दुर्गा स्तुति, माँ दुर्गा की आराधना के लिए की जाती है। हिन्दू धर्म में दुर्गा जी की पूजा ...

Leave a Reply

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.