चंद्रग्रहण और कार्तिक पूर्णिमा व्रत एक साथ; जानें महत्व और सावधानियां!

हिन्दू पंचांग के अनुसार, इस साल कार्तिक पूर्णिमा जिसे गंगा स्नान भी कहा जाता है, 8 नवंबर 2022 दिन मंगलवार को पड़ रही है। लेकिन उसी दिन साल का आखिरी चंद्र ग्रहण भी लगने जा रहा है। ऐसे में गंगा स्नान एवं दीपदान की तिथियों और पूजा-अनुष्ठानों को लेकर सभी लोगों के मन में तरह-तरह के प्रश्न उठ रहे हैं। इसका कारण यह है कि पूर्णिमा के दिन चंद्रमा पूर्ण होता और इसका बहुत महत्व होता है। इस दिन लोग विभिन्न प्रकार के धार्मिक कर्म करते हैं। लेकिन इसी दिन चंद्र ग्रहण भी लग रहा है, जिसका प्रभाव गंगा स्नान, दीपदान आदि पर देखने को मिलेगा। तो आइए जानते हैं कि चंद्रग्रहण के कारण क्या-क्या चीज़ें प्रभावित हो सकती हैं। 

जानकारी के लिए बता दें कि 2022 का आखिरी चंद्र ग्रहण भारत समेत कई देशों जैसे उत्तर-पूर्वी यूरोप, एशिया, ऑस्ट्रेलिया, उत्तरी अमेरिका, अधिकांश दक्षिण अमेरिका, प्रशांत महासागर, अटलांटिक, हिंद महासागर, आर्कटिक और अंटार्कटिका में दिखाई देगा, इसलिए सूतक काल भी मान्य होगा। चंद्रग्रहण से 9 घंटे पहले सूतक काल आरंभ हो जाता है।

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चंद्र ग्रहण की तिथि और समय 

साल का दूसरा और अंतिम चंद्र ग्रहण 8 नवंबर दिन मंगलवार के दिन शाम 5 बजकर 28 मिनट से शुरू होगा और शाम 7 बजकर 26 मिनट तक होगा। ग्रहण लगने से 9 घंटे पहले से ही सूतक काल आरंभ हो जाता है, जो कि सुबह 8 बजकर 10 मिनट पर शुरू होकर शाम 6 बजकर 10 मिनट तक रहेगा।

कार्तिक पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण का प्रभाव

दो दिन होगा दीपदान

हर साल कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष में पड़ने वाली पूर्णिमा को कार्तिक पूर्णिमा के तौर पर मनाया जाता है। पौराणिक ग्रंथों के अनुसार कार्तिक पूर्णिमा के दिन दान और गंगा स्नान का बहुत अधिक महत्व बताया गया है। साथ ही कार्तिक पूर्णिमा पर किए गए दान से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है। पितृपक्ष के अलावा पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए कार्तिक पूर्णिमा पर किया गया दान सबसे ज्यादा लाभकारी माना जाता है।  

इस बार चंद्र ग्रहण के कारण दो दिन दीप दान किया जा सकता है, 6 नवंबर की शाम को चतुर्दशी तिथि पड़ रही है। इस कारण 6 नवंबर से 7 नवंबर तक दीप दान किया जा सकता है। वहीं पूर्णिमा वाले दिन चंद्र ग्रहण लगने के कारण गंगा स्नान 9 नवंबर 2022 को पड़वा में सुबह किया जा सकेगा। प्रत्येक पक्ष की पहली तिथि यानी कि प्रतिपदा को पड़वा कहा जाता है।

गंगा स्नान पर चंद्र ग्रहण का प्रभाव

7 नवंबर 2022 की शाम 04 बजकर 18 मिनट से पूर्णिमा की शुरुआत हो रही है और गंगा स्नान सुबह के वक्त किया जाता है। वहीं 8 नवंबर 2022 को चंद्र ग्रहण के 9 घंटे पहले यानी कि सुबह 6 बजकर 39 मिनट से सूतक काल आरंभ हो जाएगा, इसलिए अगले दिन यानी कि 9 नवंबर 2022 को गंगा स्नान किया जा सकता है क्योंकि सूतक काल में कोई भी धार्मिक काम नहीं करना चाहिए।

चंद्रग्रहण में न करें ये काम

  • गर्भवती महिलाओं को ग्रहण में विशेष ध्यान रखना चाहिए और बाहर आने-जाने से बचना चाहिए।
  • सूतक काल शुरू होने के बाद कोई भी धार्मिक या मांगलिक कार्यक्रम नहीं करना चाहिए।
  • चंद्र ग्रहण के वक्त सोना नहीं चाहिए।
  • किसी भी धारदार वस्तु जैसे कील, चाकू, सुई आदि का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

अलग-अलग राशियों पर चंद्रग्रहण का प्रभाव

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार 15 दिनों में दो ग्रहण लगना अशुभ माना जाता है। इसी कारण साल के आखिरी चंद्र ग्रहण को लेकर अलग-अलग राशियों के जातकों के अंदर अलग-अलग सवाल हैं।

इस बार मेष राशि पर चंद्र ग्रहण लग रहा है इसलिए इस राशि के जातकों पर विशेष प्रभाव पड़ने की संभावना बन रही है। साथ ही सभी राशियों पर अलग प्रभाव होंगे। आइए राशि अनुसार जानते हैं कि सभी राशियों पर चंद्रग्रहण का क्या प्रभाव पड़ेगा। 

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मेष राशि 

इस वक्त में कहीं भी निवेश करने से बचें क्योंकि मेष राशि के जातकों को धन हानि होने की आशंका है। साथ ही आपको अपने स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखने की सलाह दी जाती है।

वृषभ राशि

आपके लिए आय के नए रास्ते खुलने की कई संभावनाएं हैं। साथ ही दूसरी तरफ बच्चों की शिक्षा में नकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकते हैं।

मिथुन राशि

अगर आपने हाल ही में कोई नया बिजनेस शुरू किया है तो आपको उससे लाभ होने की संभावना अधिक है।

कर्क राशि

आपको किसी भी तरह के विवाद से बचने का प्रयास करना चाहिए। अगर आप विवादों से बच निकलेंगे तो आपको सफलता जरूर मिलेगी।

सिंह राशि

सिंह राशि वालों को आर्थिक फायदा होने की संभावना है। अगर कई दिनों से आपके पैसे कहीं फंसे हैं तो वे भी वापस मिल सकते हैं।

कन्या राशि

किसी भी तरह के निवेश से आपको सावधान रहने की जरूरत है। अगर आप निवेश कर रहे हैं तो अच्छे से जांच-पड़ताल कर लें। अगर आप नौकरी कर रहे हैं तो प्रमोशन मिलने की संभावना है।
तुला राशि

किसी भी निर्णय को लेने से पहले उसके बारे में शांति से सोच-समझ लें। मंथन करने के बाद ही कोई फैसला लें।

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वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि के जातकों को किसी भी तरह की प्रॉपर्टी के विवाद से बचने का प्रयास करना चाहिए।

धनु राशि

आपके अंदर अध्यात्म की ऊर्जा बढ़ेगी। साथ ही आपके अंदर धार्मिक उन्नति भी होगी, जो आपके लिए फायदेमंद साबित होगी।

मकर राशि

अगर आप किसी राजकीय पद की प्राप्ति की तैयारी कर रहे हैं तो अपने प्रयास और तेज करें।  आपके मान-सम्मान में बढ़ोतरी होगी। साथ ही आप नया वाहन भी खरीद सकते हैं।

कुंभ राशि

आप जिस पारिवारिक संपत्ति के लिए प्रयास में लगे हुए थे, वह आपको मिलने की संभावना है।

मीन राशि

आपके अंदर की योग्यता और उसके साथ आपके अनुभव आपके लिए फलदायी साबित होंगे।

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