बुध का वृषभ राशि में गोचर: किन राशियों को मिलेगा सुख-समृद्धि का आशीर्वाद?

बुध का वृषभ राशि में गोचर: तर्क, बुद्धि, वाणी, व्यापार तथा गणित के कारक बुध ग्रह 7 जून 2023 की शाम 07 बजकर 40 मिनट पर मेष राशि से वृषभ राशि में प्रवेश करने वाले हैं। बुध यहां पर 24 जून 2023 तक रहेंगे। एस्ट्रोसेज का यह ब्लॉग आपको बताएगा कि बुध 12 राशियों के लिए कैसे परिणाम लेकर आएंगे और किन उपायों को करके बुध से शुभ फलों की उम्मीद की जा सकती है।

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बुध का वृषभ राशि में गोचर: 12 राशियों पर प्रभाव और उपाय 

मेष राशि

मेष राशि वालों के लिए बुध आपकी कुंडली में तीसरे और छठे भाव के स्वामी हैं और ये आपके दूसरे भाव में गोचर करने जा रहे हैं। बुध का दूसरे भाव में गोचर सामान्य तौर पर अच्छे परिणाम देने वाला कहा गया है। ऐसे में, इस अवधि में बुध आपको आर्थिक लाभ पहुंचाने की कोशिश करेंगे। हालांकि, इस लाभ के पीछे आपकी मेहनत भी होगी। यह अवधि नौकरीपेशा लोगों के इंक्रीमेंट में मददगार साबित हो सकती है। विद्यार्थियों को बुध का यह गोचर काफ़ी अच्छे परिणाम दे सकता है। ऐसे लोग जिनका काम बोलने का है, उन्हें भी अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। इस दौरान आप मनपसंद भोजन का आनंद ले सकते हैं। यह गोचर संबंधियों के साथ संबंध और मज़बूत करने में भी मदद कर सकता है।

उपाय: तामसिक भोजन जैसे मांस-मदिरा आदि का त्याग करें। 

वृषभ राशि

वृषभ राशि वालों के लिए बुध आपकी कुंडली में दूसरे और पांचवें भाव के स्वामी हैं और यह फिलहाल आपके पहले भाव में गोचर करने जा रहे हैं। पहले भाव में बुध के गोचर को अच्छे परिणाम देने वाला नहीं माना गया है। ऐसे बुध के बारे में कहा जाता है कि बुध आपकी वाणी में कठोरता दे सकता है। इस अवधि में चुगली इत्यादि से बचने की सलाह ज्योतिष ग्रंथ देते हैं। इस गोचर को धन हानि कराने वाला तथा संबंधियों के साथ संबंधों को कमज़ोर करने वाला कहा गया है। हालांकि, आपके मामले में शायद ऐसा नहीं होगा क्योंकि बुध आपके पंचम भाव यानी कि प्रियजन के भाव का स्वामी होकर पहले भाव में जा रहा है। अतः प्रियजनों के साथ संबंध और प्रगाढ़ करने की कोशिश करके आप हालातों को अपने फेवर में कर सकेंगे। साथ ही, धन भाव का स्वामी लग्न से संबंध बना रहा है। ऐसी स्थिति में कोशिश करने पर आर्थिक नुकसान भी नहीं होगा यानी कि सामान्य तौर पर इस गोचर के बारे में ज्योतिषीय ग्रंथ अच्छा नहीं कहते हैं लेकिन आप समझदारी दिखा कर अच्छे परिणाम प्राप्त कर सकेंगे, हम ऐसी उम्मीद करते हैं।

उपाय: नियमित रूप से गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ करें। 

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मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए बुध आपकी कुंडली में आपके राशि स्वामी होने के साथ-साथ चौथे भाव के भी स्वामी हैं और यह गोचर करके आपके द्वादश भाव में जा रहे हैं। द्वादश भाव में बुध के गोचर को अच्छा नहीं माना गया है। ऐसे गोचर के बारे में कहा गया है कि यह गोचर खर्चे करवाता है। स्थान हानि करवा सकता है। स्त्री को कष्ट देता है। विशेषकर यदि आप विवाहित हैं, तो जीवनसाथी अथवा जीवनसंगिनी के स्वास्थ्य का ख्याल रखना जरूरी होगा। अपने स्वास्थ्य का भी ख्याल रखना होगा। बुध का यह गोचर कुछ हद तक चिंताएं देता है और पढ़ाई-लिखाई में बाधा पहुंचाता है। हालांकि, इस बात से हम काफ़ी हद तक सहमत हैं कि आपका राशि स्वामी होकर बुध द्वादश में जा रहा है तो स्वाभाविक है कि कुछ न कुछ नुकसान तो करेगा, लेकिन यदि आपका संबंध विदेश से हैं अथवा आप विदेश में रहकर शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं तो आपको अच्छे परिणाम भी मिल सकते हैं।

उपाय: माथे पर नियमित रूप से केसर का तिलक लगाना शुभ रहेगा। 

बुध का वृषभ राशि में गोचर से कैसे मिलेंगे सभी 12 राशियों को परिणाम? जानने के लिए देखें ये वीडियो।

कर्क राशि

कर्क राशि वालों के लिए बुध आपकी कुंडली में तीसरे और द्वादश भाव के स्वामी हैं और यह गोचर करके आपके लाभ भाव में जा रहे हैं। सामान्य तौर पर बुध के गोचर को लाभ भाव में अच्छे परिणाम देने वाला कहा गया है। अतः आपको भी बुध का यह गोचर लाभ करवा सकता है क्योंकि द्वादश भाव का स्वामी लाभ भाव में जा रहा है। अतः कुछ विषम परिस्थितियों में भी लाभ मिल सकता है। आर्थिक लाभ के अलावा बुध का यह गोचर पद-प्रतिष्ठा दिलवाने का काम कर सकता है। संतान से संबंधित मामला हो या फिर वैवाहिक मामलों की बात हो इन सभी मामलों में बुध का गोचर आपका फ़ेवर सकता है। पद-प्रतिष्ठा के साथ-साथ सामाजिक दायरे में वृद्धि करवाने का काम भी बुध का यह गोचर कर सकता है। यदि आप व्यापारी हैं तो व्यापारिक लाभ मिल सकता है। वाहन सुख, भोग विलास आदि के मामलों में भी बुध का यह गोचर अच्छे परिणाम दे सकता है।

उपाय: गाय को हरा चारा खिलाएं। 

सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए बुध आपकी कुंडली में धन भाव के स्वामी होने के साथ-साथ लाभ भाव के भी स्वामी हैं और यह गोचर करके आपके दशम भाव में जा रहे हैं। सामान्य तौर पर बुध के गोचर को दशम भाव में अच्छे परिणाम देने वाला कहा गया है। ऊपर से बुध 15 जून तक आपके राशि स्वामी के साथ युति भी करेंगे। इसके फलस्वरूप आपको काफ़ी अच्छे परिणाम मिल सकेंगे। इस अवधि में पद-प्रतिष्ठा भी प्राप्त होगी। आप अपने विरोधियों से बेहतर करते हुए देखे जाएंगे। व्यापार-व्यवसाय में अच्छा लाभ कमा सकते हैं। इतना ही नहीं, सामाजिक मामलों में भी आपको अच्छे परिणाम बुध के इस गोचर के चलते मिल सकते हैं। सारांश यह है कि बुध का वृषभ राशि में गोचर सिंह राशि वालों को काफ़ी अच्छे परिणाम दे सकता है।

उपाय: मंदिर में दूध और चावल का दान करना शुभ रहेगा।

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कन्या राशि

कन्या राशि वालों के लिए बुध आपकी कुंडली में आपके राशि स्वामी होने के साथ-साथ आपके कर्म स्थान के भी स्वामी हैं और यह गोचर करके आपके भाग्य भाव में जा रहे हैं। भाग्य भाव यानी कि नवम भाव और नवम भाव में बुध के गोचर को अच्छा नहीं माना जाता है। सबसे पहले हम जानेंगे कि गोचर शास्त्र इस गोचर के बारे में क्या कहते हैं? इस गोचर के बारे में कहा गया है कि नवम भाव में बुध का गोचर भाग्य हानि करवाता है, विघ्न देता है। आर्थिक मामलों में समस्याएं देता है तथा मानहानि भी करवाता है, लेकिन आपके मामले में हम इन परिणामों में कुछ संशोधन करना चाहेंगे। राशि स्वामी का भाग्य स्थान पर जाना अच्छा साबित होगा, भले ही बुध का नवम भाव में जाना अच्छा नहीं होता अर्थात यहां का बुध आपको मिले-जुले परिणाम दे सकता है। इस अवधि में दूर की यात्राएं संभावित है और इन यात्राओं से आपको मेहनत के अनुरूप लाभ भी मिल सकता है। इस अवधि में आवेश में आकर नौकरी छोड़ना उचित नहीं होगा यानी कि कुछ सावधानियों को रखने की स्थिति में बुध से आप अच्छे परिणामों की उम्मीद कर सकते हैं।

उपाय: मिट्टी के बर्तन में मशरूम भरकर मंदिर में दान करें। 

तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए बुध आपकी कुंडली में भाग्य स्थान के स्वामी होने के साथ-साथ द्वादश स्थान के भी स्वामी हैं और यह गोचर करके आपके आठवें भाव में जा रहे हैं। वैसे तो ज्यादातर ग्रहों के आठवें भाव में गोचर को अच्छा नहीं माना जाता है, लेकिन बुध के आठवें भाव में गोचर को काफ़ी हद तक अच्छा माना गया है क्योंकि इस गोचर के बारे में कहा जाता है कि ऐसा गोचर आकस्मिक धन की प्राप्ति करवाता है। कामों में सफलता दिलाता है। बुध का यह गोचर विजय दिलाने में भी मदद करता है तथा सामाजिक स्थिति को भी मजबूत करता है। आपके साथ भी इस तरह के घटनाक्रम संभावित हैं। ऊपर से बुध द्वादश भाव का स्वामी होकर आठवें भाव में जा रहा है, जो अप्रत्याशित रूप से कुछ यात्राएं भी करवा सकता है और यात्राओं के माध्यम से धन लाभ भी करवा सकता है। हालांकि इन सबके बावजूद भी आपको नौकरी में किसी भी प्रकार का जोख़िम लेने से बचना होगा।

उपाय: किन्नरों को हरे रंग के कपड़ों का दान करें। 

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि वालों के लिए बुध आपकी कुंडली में आठवें और लाभ भाव के स्वामी हैं तथा गोचर करके बुध आपके सातवें भाव में जा रहे हैं। इस भाव में बुध के गोचर को अच्छा नहीं कहा गया है। आठवें भाव के स्वामी का सातवें भाव में आना भी अच्छा नहीं माना जाता है। स्वाभाविक है कि बुध के गोचर के चलते जीवनसाथी या जीवनसंगिनी से कुछ विवाद हो सकता है। बेहतर होगा कि इस समय छोटी-छोटी बातों पर बहुत ज्यादा नोकझोंक न करें। अगर बात करने से ही विवाद हो रहा है, तो कम से कम बात करें। स्वास्थ्य का ख्याल रखें और साथ ही शासन-प्रशासन से जुड़े व्यक्तियों से संबंध ख़राब करने से बचें। उनके साथ बातचीत करते समय विनम्रता और सम्मान का भाव रखें। व्यापार-व्यवसाय में किसी भी तरीके का बड़ा रिस्क लेना ठीक नहीं होगा, अन्यथा नुकसान हो सकता है।

उपाय: प्रतिदिन गणेश चालीसा का पाठ करें। 

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धनु राशि

धनु राशि वालों के लिए बुध आपकी कुंडली में सातवें और दसवें भाव के स्वामी हैं तथा गोचर करके बुध आपके छठे भाव में जा रहे हैं। सामान्य तौर पर बुध के इस गोचर को अच्छा कहा गया है। बुध का यह गोचर आर्थिक मामलों में आपको अच्छे परिणाम दे सकता है। स्वास्थ्य भी सामान्य तौर पर अच्छा बनाए रखने में मदद करेगा। यदि किसी कारण से स्वास्थ्य कमज़ोर होता है, तो उसका अच्छे से अच्छा इलाज कराने में भी बुध मददगार साबित हो सकता है। आप अपने प्रतिद्वंदियों को पीछे छोड़ते हुए कामों में सफलता प्राप्त करेंगे। मान-सम्मान और सामाजिक दृष्टिकोण से भी बुध के गोचर को अच्छा कहा जाएगा।

उपाय: कन्याओं का पूजन कर उनका आशीर्वाद लें। 

मकर राशि

मकर राशि वालों के लिए बुध आपकी कुंडली में छठे और नवम भाव के स्वामी हैं तथा गोचर करके बुध आपके पंचम भाव में जा रहे हैं। पांचवें भाव में बुध के गोचर को अच्छा नहीं माना जाता है। ऊपर से छठे भाव का स्वामी जब पांचवें भाव में जाता है, तो व्यक्ति की बुद्धि उसे गलत मार्ग पर लेकर जा सकती है। ऐसी स्थिति में आपको जानबूझकर कोई रिस्क नहीं लेना है और किसी के साथ विवाद में भी नहीं पड़ना है, अन्यथा मानसिक अशांति भंग हो सकती है। बुध का गोचर संतान से संबंधित मामलों में कष्ट दे सकता है। यदि आप मन के भटकाव और बुद्धि की नियंत्रित करके अच्छी योजनाएं बनाएंगे, तो उसमें सफलता मिल सकती है, अन्यथा गलत योजनाएं असफलता देने का काम कर सकती हैं।

उपाय: गाय की सेवा करें। 

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कुंभ राशि

कुंभ राशि वालों के लिए बुध आपकी कुंडली में तीसरे और आठवें भाव के स्वामी हैं और गोचर में यह आपके चौथे भाव में जा रहे हैं। चौथे भाव में बुध के गोचर को अच्छा माना गया है। ऐसे बुध के बारे में कहा जाता है कि बुध माता को सुखी रखता है तथा माता से संबंधित मामलों के परिणामों को लेकर आप भी प्रसन्न रहते हैं। जमीन-जायदाद से संबंधित मामलों में अनुकूल परिणाम मिलते हैं। यदि दशाएं अनुकूल हों और आप कोशिश भी करें, तो बुध का यह गोचर जमीन-जायदाद खरीदने में आपकी मदद कर सकता है। घरेलू सुख-शांति के लिए बुध के इस गोचर को अच्छा कहा गया है। इस दौरान समाज के बड़े लोगों से आपके मित्रवत संबंध बन सकते हैं।

उपाय: चिड़ियों के लिए पीने के पानी तथा चुगने के दाने की व्यवस्था करना शुभ रहेगा। 

मीन राशि

मीन राशि वालों के लिए बुध आपकी कुंडली में चौथे और सातवें भाव के स्वामी हैं तथा अब गोचर करके बुध तीसरे भाव में जा रहे हैं। तीसरे भाव में बुध के गोचर को अच्छा नहीं कहा गया है। शायद इसके पीछे का कारण यह है कि इस अवस्था में बुद्धि अत्यधिक सक्रिय हो जाती है यानी कि जरूरत से ज्यादा सोचने-विचारने लगते हैं और अति हर चीज़ की बुरी होती है। यही कारण है कि इस गोचर को भाई-बंधुओं में विवाद करवाने वाला और धन हानि देने वाला भी कहा गया है, लेकिन यदि आप अपनी बुद्धि का सदुपयोग करेंगे और भाई-बंधु तथा मित्रों से शालीनता और अपनत्व के साथ बात करेंगे, तो आपको बुध के नकारात्मक परिणामों का सामना नहीं करना पड़ेगा बल्कि आपकी आदत के चलते कुछ अच्छे मित्र भी आपको मिल सकेंगे।

उपाय: गरीब अस्थमा रोगियों के लिए दवा की व्यवस्था करना शुभ रहेगा। 

हम उम्मीद करते हैं कि बुध के वृषभ राशि में गोचर के परिणामों को पहले से जान करके आप एक बेहतरीन योजना बनाएंगे और बुध के गोचर का न केवल लाभ ले सकेंगे बल्कि इससे होने वाले नुकसान को भी योजनाबद्ध तरीके से दूर कर सकेंगे। हम आशा करते हैं कि हमारा यह प्रयास आपके जीवन में बेहतरी लाने का काम करेगा। भगवती आप सब पर कृपा बनाए रखें। 

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