बुध का वृषभ में गोचर: चार राशियों को मिलेगा लाभ-3 राशियों को रहना होगा सावधान!

ज्योतिष में ग्रहों के राशि परिवर्तन अर्थात गोचर को बहुत ही महत्वपूर्ण माना गया है। ज्योतिष के जानकार मानते हैं कि जब भी कोई ग्रह गोचर करता है तो इसका मानव जीवन पर गहरा असर पड़ता है। हालांकि किसी गोचर का आपके जीवन पर साफ तौर पर क्या असर पड़ेगा यह कुंडली में उस ग्रह की स्थिति पर भी निर्भर करता है। 

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जून में 7 तारीख को ज्योतिष में अहम दर्जा प्राप्त बुध ग्रह का गोचर होने वाला है। बुध ग्रह को बुद्धि और तर्क का कारक ग्रह माना गया है। प्रकृति में यह एक स्त्री ग्रह है और कुंडली में तीसरे और छठे भाव का स्वामी है। ऐसे में बुध का वृषभ राशि में गोचर सभी 12 राशियों के जीवन पर क्या प्रभाव डालेगा यह जानना दिलचस्प रहने वाला है। 

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इस गोचर के नकारात्मक प्रभाव से बचने के लिए क्या कुछ उपाय किए जा सकते हैं और बुध के गोचर का समय क्या होने वाला है इन सभी बातों की जानकारी आपको इस ब्लॉग के माध्यम से हम प्रदान कर रहे हैं। 

बुध का वृषभ राशि में गोचर समय 

सबसे पहले बात करें बुध के इस महत्वपूर्ण गोचर की तो बुद्धि के कारक का यह गोचर 7 जून, 2023 को शाम 7 बजकर 40 मिनट पर होने वाला है और इस दौरान बुध ग्रह राशि चक्र की दूसरी राशि वृषभ में प्रवेश कर जाएंगे। 

बुध ग्रह- ज्योतिष में इसका महत्व 

बात करें बुध ग्रह की तो बुध ग्रह को मिथुन और कन्या राशि का स्वामित्व प्राप्त है। जब कुंडली में बुध मजबूत स्थिति में होता है तो इससे जातकों को अच्छे स्वास्थ्य, प्रखर बुद्धि, की प्राप्ति होती है। इसके अलावा ऐसे जातक अपने ज्ञान के दम पर व्यापार और कार्यक्षेत्र में तमाम उपलब्धियां हासिल करते हैं। 

वहीं दूसरी तरफ यदि कुंडली में बुध कमजोर अवस्था में मौजूद है ऐसे जातकों को आजीवन ढेरों समस्याओं और संघर्षों का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा ऐसे जातकों को त्वचा से संबंधित परेशानियों से भी जूझना पड़ सकता है। 

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यदि आप बुध ग्रह की इतनी सारी खूबियां जानकर अपनी कुंडली में बुध की स्थिति के बारे में जानकारी हासिल करना चाहते हैं तो अभी विद्वान ज्योतिषियों से फोन या कॉल के माध्यम पर जुड़कर आप इसका जवाब जान सकते हैं। 

बुध ग्रह के बारे में कुछ दिलचस्प बातें 

  • बुध ग्रह चंद्रमा और बृहस्पति की पत्नी तारा की संतान माने जाते हैं और यही वजह है कि इस ग्रह में चंद्रमा और बृहस्पति की विशेषता देखने को मिलती है। 
  • बुध उत्तर दिशा और अश्लेषा, ज्येष्ठ और रेवती नक्षत्र के स्वामी भी हैं।  
  • बुध को कन्या राशि में उच्च का माना गया है और मीन बुध की नीच राशि है। 
  • बुध ग्रह का सूर्य, शुक्र, और राहु के साथ मित्रता वाला संबंध है तो वहीं चंद्रमा को यह अपना शत्रु मानते हैं। इसके अलावा शनि, मंगल, गुरु, और केतु के साथ इनके संबंध तटस्थ हैं। 

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इन संकेतों से जानें कुंडली में बुध की शुभ-अशुभ स्थिति 

कहते हैं अगर किसी व्यक्ति को बार-बार धन हानि हो रही हो, शिक्षा में एकाग्रता की कमी हो, लेखन जैसे कार्य में रुकावट या परेशानी आ रही हो, त्वचा संबंधित परेशानियां हों, बातचीत में दिक्कतें आ रही हों, व्यापार में घाटा हो रहा हो, शिक्षा में उन्नति ना मिल रही हो, तो यह सभी लक्षण बताते हैं कि व्यक्ति की कुंडली में बुध ग्रह कमजोर अवस्था में है। 

ऐसी स्थिति में ज्योतिष के जानकार जातक को बुध को मजबूत करने के लिए और बुध ग्रह की शांति के लिए विशेष उपाय करने की सलाह देते हैं। आप चाहें तो घर बैठे विद्वान ज्योतिषियों से बुध ग्रह शांति की पूजा करवा सकते हैं या नीचे हम आपको कुछ ज्योतिषीय उपायों की जानकारी दे रहे हैं जिन्हें अपनाकर भी आप बुध ग्रह को मजबूत कर सकते हैं। 

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इन उपायों से करें बुध ग्रह को मजबूत 

  • मुमकिन हो तो बुधवार के दिन व्रत करें। 
  • भगवान विष्णु की पूजा करें। 
  • अपने जीवन में ज्यादा से ज्यादा हरे और लाल रंग के कपड़े शामिल करें। 
  • बुध ग्रह से संबंधित चीज़ें जैसे हरी मूंग, कांस्य के बर्तन, नीले रंग के फूल, हरे नीले रंग के कपड़े, इत्यादि ज़रूरतमन्द लोगों को दान करें। 
  • इसके अलावा आप पन्ना रत्न भी धारण कर सकते हैं। हालांकि कोई भी रत्न धारण करने से पहले एक बार विद्वान ज्योतिषियों से परामर्श अवश्य लें। 
  • बुधवार के दिन विष्णु सहस्त्रनाम स्त्रोत का पाठ करें। 
  • बुध बीज मंत्र का जाप करें। 

आइये अब आगे बढ़ते हैं और जान लेते हैं वृषभ राशि में बुध के गोचर का सभी 12 राशियों के जीवन पर क्या कुछ प्रभाव पड़ने के आसार मिल रहे हैं 

बुध का वृषभ में गोचर: 12 राशियों पर प्रभाव 

मेष राशि 

मेष राशि के जातकों के लिए बुध तीसरे और छठे भाव के स्वामी हैं और अब यह आपके दूसरे भाव में गोचर करेंगे। बुध का वृषभ राशि में गोचर आपके लिए अनुकूल प्रतीत नहीं हो रहा है। इस दौरान आपको …..(विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें)

वृषभ राशि 

वृषभ राशि के जातकों के लिए बुध दूसरे और पांचवें भाव के स्वामी हैं और अब ये आपकी ही राशि में गोचर करते हुए पहले भाव में विराजमान होंगे। बुध का वृषभ राशि में गोचर आपको …..(विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें)

मिथुन राशि 

मिथुन राशि के लिए बुध पहले और चौथे भाव के स्वामी हैं। बुध का वृषभ राशि में गोचर बारहवें भाव में होगा। ऐसे में आपको औसत लाभ की प्राप्ति होगी। इस दौरान पारिवारिक जीवन के…..(विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें)

कर्क राशि 

कर्क राशि के जातकों के लिए बुध ग्रह तीसरे और बारहवें भाव के स्वामी हैं और अब बुध का ये गोचर आपकी राशि के एकादश भाव में होगा। संभव है कि आप अपनी आय और व्यय के बीच एक …..(विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें)

सिंह राशि 

सिंह राशि के जातकों के लिए बुध ग्यारहवें और दूसरे भाव के स्वामी हैं और बुध का यह गोचर आपकी राशि के दसवें भाव में होगा। बुध का वृषभ राशि में गोचर आपके लिए…..(विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें)

कन्या राशि 

कन्या राशि के जातकों के लिए बुध पहले और दसवें भाव के स्वामी हैं और अब बुध आपकी राशि से नवम भाव में प्रवेश करेंगे। बुध का वृषभ राशि में गोचर कन्या राशिवालों के लिए अनुकूल साबित होगा। इस दौरान आप…..(विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें)

तुला राशि 

तुला राशि के जातकों के लिए बुध बारहवें और नौवें भाव के स्वामी हैं और यह आपकी राशि के आठवें भाव में गोचर करेंगे। बुध का वृषभ राशि में गोचर आपके लिए…..(विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें)

वृश्चिक राशि 

वृश्चिक राशि के जातकों के लिए बुध आठवें और ग्यारहवें भाव के स्वामी हैं और बुध का वृषभ राशि में गोचर आपकी राशि के सातवें भाव में होगा। इस दौरान जीवनसाथी व दोस्तों के साथ आपके संबंध मिले-जुले रहेंगे। इसके अलावा…..(विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें)

धनु राशि 

धनु राशि के जातकों लिए बुध सातवें और दसवें भाव के स्वामी हैं। बुध का वृषभ राशि में गोचर आपकी राशि के छठे भाव में हो रहा है। इस दौरान आपको जीवनसाथी के साथ संबंधों में समस्या का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में …..(विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें)

मकर राशि 

मकर राशि के जातकों के लिए बुध ग्रह छठे और नौवें भाव के स्वामी हैं। बुध का वृषभ राशि में गोचर आपकी राशि के पांचवें भाव में होगा। आपके लिए बुध एक भाग्यशाली ग्रह है। इस दौरान आपका…..(विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें)

कुम्भ राशि 

कुंभ राशि के जातकों के लिए बुध पांचवें और आठवें घर के स्वामी हैं। बुध का वृषभ राशि में गोचर आपकी राशि के चौथे भाव में होगा। इस दौरान आपको…..(विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें)

मीन राशि 

मीन राशि के लिए बुध आपके चौथे और सातवें भाव के स्वामी हैं। बुध का वृषभ राशि में गोचर आपकी राशि के तीसरे भाव में होगा। करियर के लिहाज़ से, इस दौरान आपको…..(विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें)

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