बुध का कुम्भ राशि में गोचर, जानें 12 राशियों पर इसका प्रभाव

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बुध ग्रह को बुद्धि, विचार, संचार, और वाणी के कारक के रूप में बताया गया है। मिथुन और कन्या राशि के स्वामी कहे जाने वाले बुध को काफी अहम दर्ज़ा दिया गया है। कहते हैं कि जिस भी इंसान पर बुध की कृपा होती है वो इंसान विद्वान होता है, उनकी तार्किक क्षमता काफी मज़बूत होती है, और वो बात करने की कला में भी बेहद निपुण होता है। बुध कन्या राशि में उच्च के माने जाते हैं और मीन राशि में नीच के माने जाते हैं। इसके अलावा वैदिक ज्योतिष के अनुसार बुध ग्रह को एक तटस्थ ग्रह का दर्ज़ा दिया गया है। इसलिए जब भी बुध ग्रह किसी क्रूर ग्रह के संपर्क में आता है तो ये अशुभ फल देता है और जब ये किसी शुभ ग्रह के संपर्क में आता है तो इससे अच्छे परिणामों की प्राप्ति होती है।

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वैदिक ज्योतिष में बुध ग्रह

बुध की सूर्य, शुक्र, और राहू के साथ मित्रता है तो वहीं चंद्रमा को ये अपना शत्रु मानते हैं। इसके अलावा शनि, मंगल, बृहस्पति और केतु के साथ इनके तटस्थ संबंध होते हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार बुध को चन्द्रमा और बृहस्पति की पत्नी तारा की संतान माना गया है। यही वजह है कि बुध में चन्द्रमा और बृहस्पति के कई गुण भी पाए जाते हैं। बुद्ध बुद्धि, वाणी, शिक्षा, शिक्षण, गणित, तर्क, यांत्रिकी, ज्योतिष, लेखाकार, आयुर्वेद, लेखन, प्रकाशन, रंगमंच, एवं निजी व्यवसाय आदि के कारक माने जाते हैं।

सिर्फ इतना ही नहीं इसके अलावा बुध मस्तिष्क, जिह्वा, स्नायु तंत्र, कंठ-ग्रंथी, त्वचा, गर्दन आदि के भी प्रतिनिधि मानें गए हैं। अगर किसी जातक पर बुध का नकारात्मक प्रभाव पड़ जाये तो इससे उस इंसान की याद रखने की क्षमता का क्षय, सिर दर्द, त्वचा आदि के रोग जैसी समस्या हो जाती हैं। बुध ग्रह उत्तर दिशा और 27 नक्षत्रों में से तीन नक्षत्रों, अश्लेषा, ज्येष्ठा और रेवती का स्वामी भी कहा जाता है। बुध ग्रह का राशि परिवर्तन करना जातक की कुंडली में भाव स्थान के अनुसार शुभ या अशुभ प्रभाव डालता है।

बुध के गोचर की समस्त जानकारी और आपकी राशि पर बुध परिवर्तन के सकारात्मक या नकारात्मक प्रभावों के बारे में आप इस लेख में जान सकते हैं।

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बुध के कुम्भ राशि में गोचर काल का समय

बुध ग्रह शुक्रवार 31 जनवरी  2020 को प्रातः 2:44 बजे (30 जनवरी की अर्द्धरात्रि के बाद) अपने मित्र ग्रह शनि के स्वामित्व वाली मकर राशि से निकल कर कुम्भ राशि में प्रवेश करेगा।

यह भविष्यफल चंद्र राशि पर आधारित है। अपनी चंद्र राशि जानने के लिए क्लिक करें: चंद्र राशि कैलकुलेटर

बुध गोचर 2020 मेष राशिफल

मेष राशि के जातकों के लिए बुध तीसरे और छठे भाव के स्वामी बनते हैं, जो कि काल पुरुष की कुंडली के भाव भी हैं और अपने कुंभ राशि में प्रवास के दौरान यह आपके एकादश अर्थात् लाभ स्थान में गोचर करेंगे। इस स्थान…..विस्तार से पढ़ें

बुध गोचर 2020 वृषभ राशिफल

आपकी राशि के स्वामी शुक्र के परम मित्र बुध का गोचर आपकी राशि से दशम भाव में होगा, जिससे कर्म और व्यवसाय की जानकारी मिलती है। आपके लिए बुध देव आपकी कुंडली के दूसरे और पंचम भाव के स्वामी हैं, इसलिए…..विस्तार से पढ़ें

बुध गोचर 2020 मिथुन राशिफल

मिथुन राशि के जातकों के लिए बुध आपकी राशि का स्वामी होने के कारण काफी महत्वपूर्ण हो जाता है और इसके साथ साथ आपके चतुर्थ भाव का स्वामी भी है तथा मकर राशि से निकलकर कुंभ राशि में आपके नवम भाव….विस्तार से पढ़ें

बुध गोचर 2020 कर्क राशिफल

आपकी राशि के लिए बुध ग्रह तीसरे और बारहवें भाव का स्वामी होता है और कुंभ राशि में प्रवास के दौरान यह आपकी राशि से अष्टम स्थान में गोचर करेगा। अकेला बुध ग्रह ऐसा है जो अष्टम भाव में अक्सर अनुकूल परिणाम भी प्रदान…..विस्तार से पढ़ें

बुध गोचर 2020 सिंह राशिफल

सिंह राशि के जातकों के लिए बुध आपके दूसरे और ग्यारहवें भाव के स्वामी हैं। यह दोनों ही भाव धन भाव कहलाते हैं, इसलिए बुध का गोचर आपके लिए काफी खास मायने रखता है। अपने कुंभ राशि में गोचर के दौरान यह आपकी….विस्तार से पढ़ें

बुध गोचर 2020 कन्या राशिफल

बुध देव आपकी राशि के स्वामी हैं और इसके साथ-साथ आपके दसवें भाव पर भी आधिपत्य रखते हैं। अर्थात आपका शरीर और आपका कर्म दोनों ही बुध देव से प्रभावित हैं, इसलिए बुध का गोचर आपके लिए काफी महत्वपूर्ण है। अपने इस…..विस्तार से पढ़ें

बुध गोचर 2020 तुला राशिफल

तुला राशि के स्वामी शुक्र के साथ बुध की खासी मित्रता है और आपकी राशि के नवम और द्वादश भाव का स्वामी बुध है। नवम भाव का स्वामी होने से आपका भाग्येश भी है, जो अपने गोचर की अवधि में आपके पंचम भाव में…..विस्तार से पढ़ें

बुध गोचर 2020 वृश्चिक राशिफल

वृश्चिक राशि के लोगों के लिए बुध देव आठवें और ग्यारहवें भाव के स्वामी हैं और अपने कुंभ राशि में गोचर के दौरान वे आपके चतुर्थ भाव में विराजमान होंगे। यह भाव आपके सुख सुविधाओं का भाव है, इसलिए बुध…..विस्तार से पढ़ें

बुध गोचर 2020 धनु राशिफल

धनु राशि के जातकों के लिए बुध देव आपके सप्तम भाव के स्वामी होने के साथ-साथ कर्म अर्थात दशम भाव के स्वामी भी हैं। जब बुध का गोचर मकर राशि से निकलकर कुंभ राशि में होगा, तो वे आपकी राशि से तीसरे स्थान पर प्रवेश करेंगे। काल पुरुष की कुंडली…..विस्तार से पढ़ें

बुध गोचर 2020 मकर राशिफल

मकर राशि के जातकों के लिए बुध का गोचर काफी महत्वपूर्ण होता है क्योंकि यह आपके छठे भाव के स्वामी होने के साथ-साथ आपके भाग्य भाव के स्वामी भी हैं। अपने गोचर की इस अवधि में वे आपके दूसरे भाव में विराजमान होंगे, जो कि धन भाव…..विस्तार से पढ़ें

बुध गोचर 2020 कुम्भ राशिफल

बुध का यह गोचर आपके लिए काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह आपकी ही राशि में होने जा रहा है। वैसे बुध आपके लिए पंचम भाव का स्वामी होने के साथ-साथ अष्टम भाव का स्वामी भी है और इस गोचर की अवधि में आप के प्रथम भाव में…..विस्तार से पढ़ें

बुध गोचर 2020 मीन राशिफल

आपकी राशि के लिए सुख भाव यानि कि चतुर्थ तथा साझेदारी के भाव सप्तम के स्वामी होकर बुध देव कुंभ राशि में गमन के दौरान आपकी राशि से बारहवें भाव में जाएंगे। बारहवां भाव व्यय अथवा हानि का भाव माना जाता है, इसलिए बुध देव…..विस्तार से पढ़ें

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