समंदर पार से विदेशी श्रद्धालुओं में भी दिखा कार्तिक मास में ब्रज 84 कोस की यात्रा का जोश

समंदर पार से विदेशी श्रद्धालुओं में भी दिखा कार्तिक मास में ब्रज 84 कोस की यात्रा का जोश

श्रीकृष्ण की महिमा की धूम देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी कम नहीं है। तभी तो अपने आराध्य की भक्ति के लिए कार्तिक मास में भगवान कृष्ण की आस्था की डोर सात समंदर पार से भी विदेशी भक्तों को ब्रज में खींच लाई है। 

कार्तिक माह के शुरू होते ही दुनिया भर के अलग-अलग देशों से बड़ी संख्या में जहाँ एक तरह विदेशी भक्त ब्रज नगरी पहुंच चुके हैं, वहीं दूसरी ओर अभी और कई हजार भक्तों के आने की उम्मीद जताई जा रही है। ऐसे में अभी से यहाँ हर दिन अलग-अलग कार्यक्रमों का आयोजन हो रहा है। हिन्दू धर्म की मान्यता अनुसार मुख्य तौर पर कार्तिक मास में ब्रज की 84 कोसी परिक्रमा का पौराणिक महत्व है जिसके लिए हर साल की तरह इस साल भी हजारों की संख्या में विदेशी भक्त हरिनाम संकीर्तन करते हुए ब्रज के 84 कोस की परिक्रमा में भाग ले रहे हैं। 

पढ़ें: कल सूर्य का होगा स्थान परिवर्तन, राशिनुसार जानें इसका प्रभाव !

कार्तिक माह की बहुत है धार्मिक विशेषता 

कार्तिक माह की शुरुआत होते ही इस्कॉन, केशव गौड़ीय मठ, मान मंदिर के साथ ही विभिन्न गुरुओं द्वारा 84 कोस की परिक्रमा देश और विदेश के सभी श्रद्धालुओं को कराई जा रही है। सनातन मान्यता अनुसार कार्तिक महीने में किये गए धार्मिक कार्यों और दान-पुण्य का फल कई गुना अधिक प्राप्त होता है। क्योंकि कार्तिक महीना भगवान विष्णु का सबसे प्रिय महीना होता है इसलिए इसे दामोदर मास के नाम से भी जाना जाता है। यही कारण है कि कार्तिक मास में ईश्‍वर की सेवा का विशेष महत्व होता है। 

हर साल कार्तिक महीने में होता है ब्रज 84 कोस की यात्रा का आयोजन 

कार्तिक माह के इसी महत्व को समझते हुए हर साल बड़ी संख्या में विदेशी भक्त हिन्दू धर्म में अपनी आस्था दिखाते हुए भगवान श्रीकृष्ण की नगरी ब्रज में आकर यहीं प्रवास करते हैं। इस बार भी विभिन्न देशों से आए श्रद्धालुओं ने अभी से लाखों की संख्या में ब्रज में अपना डेरा डाल लिया है और इन दिनों ये स्थान कान्हा के रंग में रंगे विदेशी भक्तों से भरा नज़र आ रहा है। जहाँ भक्त हरिनाम संकीर्तन करते हुए ब्रज 84 कोस की यात्रा कर रहे हैं। इस्कॉन मंदिर द्वारा आयोजित इस भव्य ब्रज यात्रा में इस वर्ष अब तक करीब 8 हज़ार श्रद्धालु भाग ले चुके है और अभी गिनती बाकी है।  

पढ़ें: जानें दुनिया भर में प्रसिद्ध “इस्कॉन” मंदिर से जुड़ी इन रोचक तथ्यों को !

84 कोस परिक्रमा को लेकर विदेशी भक्तों में दिखा उत्साह 

इस्कॉन मंदिर के डायरेक्टर कम्युनिकेशन सौरभ त्रिविक्रम दास की माने तो, “दुनिया भर के तमाम देशों से विदेशी श्रद्धालु यहां आए हैं और अभी भी इनके आने का क्रम जारी है। इस बार ब्रज 84 कोस परिक्रमा में करीब 4 हज़ार विदेशी भक्त शामिल हुए हैं और आगे इनके बढ़ने की संभावना है। वहीं केशव गौड़ीय मठ द्वारा आयोजित परिक्रमा में करीब 1200 देसी-विदेशी श्रद्धालु कान्हा की लीलास्थली की परिक्रमा कर रहे हैं।”

केशव गौड़ीय मठ और मान मंदिर की यात्रा में भी शामिल हुए हजारों भक्त 

केशव गौड़ीय मठ के महाराज भक्ति वेदांत माधव ने इस यात्रा के संदर्भ में अधिक जानकारी देते हुए ये माना कि अभी श्रद्धालुओं की संख्या में और अधिक इज़ाफा होगा। वहीं बरसाना स्थित मान मंदिर की श्री राधारानी ब्रज यात्रा में भी अब तक करीब 10 हज़ार विदेशी भक्त शामिल हो चुके हैं।

Dharma

बजरंग बाण: पाठ करने के नियम, महत्वपूर्ण तथ्य और लाभ

बजरंग बाण की हिन्दू धर्म में बहुत मान्यता है। हनुमान जी को एक ऐसे देवता के रूप में ...

51 शक्तिपीठ जो माँ सती के शरीर के भिन्न-भिन्न अंगों के हैं प्रतीक

भारतीय उप महाद्वीप में माँ सती के 51 शक्तिपीठ हैं। ये शक्तिपीठ माँ के भिन्न-भिन्न अंगों और उनके ...

सिद्ध कुंजिका स्तोत्र (Kunjika Stotram) से पाएँ दुर्गा जी की कृपा

सिद्ध कुंजिका स्तोत्र एक ऐसा दुर्लभ उपाय है जिसके पाठ के द्वारा कोई भी व्यक्ति पराम्बा देवी भगवती ...

12 ज्योतिर्लिंग: शिव को समर्पित हिन्दू आस्था के प्रमुख धार्मिक केन्द्र

12 ज्योतिर्लिंग, हिन्दू आस्था के बड़े केन्द्र हैं, जो समूचे भारत में फैले हुए हैं। जहाँ उत्तर में ...

दुर्गा देवी की स्तुति से मिटते हैं सारे कष्ट और मिलता है माँ भगवती का आशीर्वाद

दुर्गा स्तुति, माँ दुर्गा की आराधना के लिए की जाती है। हिन्दू धर्म में दुर्गा जी की पूजा ...

Leave a Reply

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.