2019 लोकसभा चुनाव का सबसे सटीक एग्जिट पोल

चुनाव को भारतवर्ष के सबसे बड़े लोकतंत्र का महापर्व कहा जाता है। इस महापर्व में इस वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव की समाप्ति हो चुकी है और अब हर पार्टी की अपनी जीत को लेकर आश्वस्त है। हर कोई अपनी जीत का दावा कर रहा है और प्रधानमंत्री की कुर्सी पर अपनी बादशाहत जमाने के लिए हर तरह से एड़ीचोटी का ज़ोर लगा रहा है। श्री नरेंद्र मोदी से लेकर श्री राहुल गांधी, श्री अखिलेश यादव, सुश्री मायावती, ममता बनर्जी आदि सभी पार्टी के दिग्गज अपनी-अपनी गणित के अनुसार इस चुनाव में जीतने का दावा कर रहे हैं। लेकिन क्या  ग्रह भी इन्हें जीताना चाहते हैं? आखिर क्या है जनता के मन में और किसकी बनने वाली है सरकार आइये जानते है विस्तार से:-

2019 लोकसभा चुनाव एग्जिट पोल

सभी दावों की हकीकत बताते हुए अब आपके सामने प्रस्तुत है हमारा 2019 लोकसभा चुनाव का एग्जिट पोल। 23 मई 2019 एक ऐसा ऐतिहासिक दिन साबित होने वाला है, जिसमें ये साबित हो जाएगा कि भारत देश की सत्ता की बागडोर इस बार किसके हाथ में जाएगी। ऐसे में आइए देखते हैं ज्योतिष के आईने से कि किसने जनता के दिल को जीता है और कौन बन सकता है भारत का प्रधानमंत्री? साथ ही जानेंगे कि किस पार्टी को कितनी सीटें मिलने की संभावना है। लेकिन उससे पहले वर्ष 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव के समीकरणों पर डालते हैं एक नज़र।

लोकसभा चुनाव का समीकरण

  • 2019 आम चुनावों द्वारा लोकसभा के गठन के लिए पूरे देश में 11 अप्रैल से लेकर 19 मई 2019 के बीच कुल सात चरण आयोजित किए गए।
  • लोकसभा में कुल 545 सीटें हैं जिनमें 2 सदस्यों की नियुक्ति माननीय राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद जी द्वारा की जाएगी।
  • इसके अतिरिक्त 543 सीटों पर चुनाव द्वारा जीत हार का निश्चय किया जाना है जिसमें बहुमत के लिए किसी भी पार्टी को 272 के जादुई आंकड़े को पार करना आवश्यक है।
  • इन चुनावों में जहां भाजपा सबसे अधिक 436 सीटों पर चुनाव लड़ रही है तो वहीं दूसरे नंबर पर कांग्रेस 424 सीटों पर अपनी उम्मीदवारी कर रही है।
  • महागठबंधन में शामिल बहुजन समाज पार्टी लगभग 312 सीटों तथा समाजवादी पार्टी 43 सीटों पर चुनाव लड़ रही है।
  • वाममोर्चा लगभग 62 सीटों पर अपनी ताल ठोक रहा है।

(….आंकड़े विकिपीडिया से साभार)

ऐसे में मुख्य रूप से यह देखना दिलचस्प होगा कि 23 मई को होने वाली मतगणना से कौन सी पार्टी इस महापर्व को जीतकर इस बार सत्ता पर विराजमान होगी और किसके चेहरे पर मुस्कुराहट की जगह हार का दर्द दिखाई देगा।

एग्जिट पोल का ज्योतिषीय विश्लेषण

ज्योतिषीय दृष्टिकोण से विश्लेषण करते हुए एस्ट्रोसेज के एस्ट्रोगुरु मृगांक शर्मा ने इस लेख के माध्यम से यह जानने का प्रयास किया कि यदि हम 23 मई 2019 को एग्जिट पोल प्रस्तुत करते हैं तो विभिन्न पार्टियों की इन आम चुनाव 2019 में क्या स्थिति रहने वाली है।

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(23 मई 2019)

मुख्य बिंदु

  • 23 मई को जिस समय वोटों की गिनती चालू होगी उस समय की कुंडली में दो बड़े ग्रह बृहस्पति एवं शनि वक्री अवस्था में होंगे तथा बुध अस्त रहेगा।
  • चन्द्रमा का गोचर दोपहर तक धनु राशि में और उसके बाद मकर राशि में होगा।
  • राहु और मंगल का अंगारक योग हैं तथा शनि और चंद्रमा का विष योग भी विराजमान है।
  • दशम भाव का स्वामी बृहस्पति छठे भाव में वक्री अवस्था में है जो यह दर्शाता है कि सत्ता पक्ष को कुछ संघर्ष और अवरोधों का सामना करना पड़ेगा लेकिन वही बृहस्पति अधिक चेष्टा बल के साथ कार्य में सफलता भी देगा।
  • चतुर्थ भाव का स्वामी बुध बारहवें भाव में होने तथा चतुर्थ भाव पर मंगल की दृष्टि होने से विपक्ष को कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ेगा लेकिन उसके मित्र राशि वृषभ में उपस्थित होने के कारण थोड़ा लाभ अवश्य अर्जित होगा।
  • पाप ग्रहों का लगन पर अत्यधिक प्रभाव होने के कारण शांतिपूर्ण कार्य होने में विलंब होगा और कुछ हिंसात्मक घटनाएँ हो सकती हैं।

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(सूर्य संक्रांति 15 मई 2019)

  • इस कुंडली में भी दशम भाव का स्वामी मंगल बारहवें भाव में राहु के साथ स्थित है और शनि द्वारा दृष्ट होने के कारण सत्ता पक्ष को भी कुछ हानि उठानी पड़ेगी।
  • वहीं चतुर्थ भाव का स्वामी शुक्र, बुध के साथ दशम भाव में स्थित है जिससे यह संभावना भी जताई जा सकती है कि विपक्ष के कुछ लोगों का अपनी पार्टी से मोह भंग हो सकता है और वह वर्तमान सत्तासीन पार्टी के साथ मिलकर सरकार बनाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

क्या कहती है नरेंद्र मोदी की कुंडली?

श्री नरेंद्र मोदी की कुंडली में चंद्र-केतु-मंगल की दशा 14 मई 2019 से शुरू होगी और 27 मई 2019 तक चलेगी। चंद्रमा भाग्येश होकर लग्नेश मंगल के साथ लग्न में स्थित होकर प्रबल राजयोग बना रहा है और केतु कुंडली के ग्यारहवें भाव में दशमी सूर्य और  एकादशेश बुध के साथ स्थित है तथा महत्वाकांक्षाओं की पूर्ति दिखा रहा है। इसलिए उनकी सत्ता में दोबारा लौटने की स्थिति बन रही है।

क्या कहती है बीजेपी की कुंडली?

भारतीय जनता पार्टी की कुंडली में चंद्र-मंगल-शनि की दशा 22 मई 2019 से 25 जून 2019 तक दशा चल रही है। चंद्रमा द्वितीयेश होकर छठे भाव में नीच राशि में स्थित है और साढ़ेसाती का अंतिम चरण चल रहा है। मंगल षष्ठेश और एकादशेश है और तीसरे भाव में राहु शनि और बृहस्पति के साथ स्थित है। ऐसे में पार्टी के जीतने की संभावनाएं तो रहेंगी लेकिन तीनों मुख्य ग्रहों मंगल, बृहस्पति और शनि के वक्री होने के कारण पार्टी को किसी तरह का कुछ नुकसान उठाना पड़ सकता है। हालांकि फिर भी सरकार बनाने में पार्टी कामयाब हो सकती है। इस आधार पर हम कह सकते हैं कि पार्टी के हिस्से में सीटें पहले के मुकाबले कम आएँगी।

क्या कहती है राहुल गांधी की कुंडली?

वहीं दूसरी और राहुल गांधी की कुंडली में राहु-राहु-राहु की दशा 16 अप्रैल 2019 को शुरू होगी और 11 सितंबर 2019 तक चलेगी। साढ़ेसाती का अपने शिखर पर चलना तथा महादशा नाथ राहु का पंचम भाव में कुंभ राशि में स्थित होना और पंचम भाव के स्वामी शनि का सप्तम भाव में नीच राशि में स्थित होना उनके जीवन में कई चुनौतियाँ प्रस्तुत करेगा। यही पंचम भाव का राहु उनसे अनेक ऐसी बातें करवाएगा जो कभी उन्हें एकदम से ऊपर चढ़ाएंगी तो कभी एकदम से हंसी का पात्र भी बना सकती हैं। निस्संदेह इस दशा में उनका ग्राफ़ पहले के मुकाबले ऊपर चढ़ेगा लेकिन यह इतना ऊपर अभी नहीं जाएगा कि वह सरकार बनाने में कामयाब हों और प्रधानमंत्री बन सके। हालांकि इस चुनावों में एक कुशल राजनीतिज्ञ के रूप में उनकी छवि अवश्य पहले के मुकाबले मजबूत होगी।

क्या कहती है कांग्रेस पार्टी की कुंडली?

कांग्रेस पार्टी की कुंडली पर नज़र डालें तो गुरु-शुक्र-बुध की दशा 05 मार्च 2019 से 22 जुलाई 2019 तक चल रही है। बृहस्पति दशमेश और लग्नेश होकर चतुर्थ भाव में वक्री है तथा दशम भाव में स्थित सूर्य और अस्त शुक्र को पूर्ण रूप से देख रहा है। शनि का गोचर सूर्य और शुक्र के ऊपर तथा चंद्रमा से चतुर्थ भाव में हो रहा है। ऐसे में अपने कुछ लोग पार्टी को धोखा देकर दूसरी पार्टी में शामिल हो सकते हैं। साथ ही साथ किसी बात को लेकर इस दौरान पार्टी की छवि पर कुछ असर पड़ेगा। हालांकि इस स्थिति के अनुसार उन्हें 2014 की तुलना में अधिक वोट मिल सकते हैं और अधिक सीटें भी।

निष्कर्ष: इस प्रकार अगर ग्रहों एवं नक्षत्रों की स्थिति पर ध्यान दिया जाए तो हम यह देखते हैं कि सत्तासीन पार्टी के दोबारा सत्ता में आने के योग बन रहे हैं। लेकिन उसमें काफी व्यवधान भी आएँगे जिस कारण वह 2014 का प्रदर्शन नहीं दोहरा पाएगी और भारतीय जनता पार्टी को कुछ अन्य छोटे दलों को साथ लेकर ही गठबंधन की सरकार बनानी पड़ सकती है।

वहीं दूसरी ओर विपक्ष की बात की जाए तो विपक्ष में कांग्रेस पार्टी के लिए भी इन चुनावों में राह आसान नहीं होगी। हालांकि उनकी स्थिति 2014 जैसी नहीं होगी और पार्टी पहले के मुकाबले थोड़ा अच्छा प्रदर्शन कर पाने में सफल रहेगी लेकिन इस सब के बावजूद भी उसके सत्ता में लौटने की संभावना ना के बराबर है और उन्हें विपक्ष में ही बैठने के लिए तैयार रहना होगा।

अब बात करते हैं गठबंधन की जिसे हम सपा-बसपा के साथ देख सकते हैं तो उन्हें भी इस चुनाव में 2014 के मुकाबले लाभ होता हुआ दिखाई दे रहा है लेकिन उनकी स्थिति भी ऐसी होगी कि वह सरकार बनाने में कामयाब नहीं हो पाएंगे और वो महज चंद सीटों तक ही सीमित रह सकते हैं।

अब बात करते हैं अन्य की 2019 के चुनाव में अन्य की भूमिका सबसे अधिक महत्वपूर्ण रहने वाली है क्योंकि ग्रहों की स्थिति के अनुसार भारतीय जनता पार्टी को अपने पूरे एनडीए को मिलाकर संभवत इतनी सीट नहीं मिल पाने की उम्मीद है कि वह पूर्ण बहुमत प्राप्त कर सकें तो उन्हें अन्य को शामिल करने का प्रयास करना पड़ेगा। ऐसे में अन्य को काफी लाभ मिल सकता है और संभव है कि कुछ मंत्रालय में भी हमें अन्य लोग मिल जाए।

इस चुनाव दिग्गज नेताओं का होगा बुरा हाल

एक विशेष बात इस चुनाव में देखने को यह मिल सकती है कि कुछ दिग्गज नेताओं के अप्रत्याशित रूप से हारने के योग बन रहे हैं। इसके अतिरिक्त कई परिणाम अत्यंत ही अप्रत्याशित होंगे जिन्हें जानकर आप सभी हैरान रहने वाले हैं। लेकिन एक बात साफ है कि इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी सरकार बनाने में सफल रहेगी।

राहुल गांधी अपनी पार्टी की छवि को थोड़ा सुधार पाने में कामयाब रहेंगे जिसका फायदा उन्हें सीटों के इज़ाफे के रूप में मिलेगा वहीं दूसरी ओर नरेंद्र मोदी को भी काफी लाभ मिलेगा और उनकी साख में वृद्धि होगी।

किसको मिलेगी कितनी सीट?

अगर आंकड़ों की बात की जाए तो हम कह सकते हैं कि इस चुनाव में विभिन्न  राजनीतिक पार्टियों को निम्नलिखित सीटें प्राप्त होने का अंदेशा है:

  • भारतीय जनता पार्टी को 225 से 245 के बीच सीट मिल सकती हैं।
  • अगर कांग्रेस पार्टी की बात की जाए तो उसे लगभग 75 से 95 सीट के बीच मिलने का अनुमान है।
  • समाजवादी पार्टी को लगभग 10 से 14 सीट मिल सकती हैं।
  • बहुजन समाज पार्टी लगभग 18-25 सीट पर विजय प्राप्त कर सकती है।
  • अन्य को 164 से 215 सीट मिलने की संभावना रहेगी।

कितना होगा गठबंधन से फायदा ?

अगर गठबंधन के आधार पर देखें तो निम्नलिखित आंकड़े दिखाई दे रहे हैं:

-एनडीए: 265 – 285

-यूपीए: 127 – 147

-अन्य: 102 – 143

नोट: हमारा ये एग्जिट पोल राजनीति पार्टी और उनके बड़े चेहरों की कुंडली और ग्रह-नक्षत्रों को ध्यान में रखते हुए बताया गया है। ऐसे में देखना बड़ा दिलचस्प होगा कि लोकसभा चुनाव 2019 की इस रेस में किस पार्टी को जनता का साथ मिलता हैं और कौन सी पार्टी को अभी और तैयारी करने की ज़रूरत पड़ने वाली है।

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