आंशिक चंद्र ग्रहण 2026: राशि अनुसार करें ये उपाय!

आंशिक चंद्र ग्रहण 2026: अशुभ प्रभाव से राहत के लिए करें ये ज्योतिषीय उपाय!

आंशिक चंद्र ग्रहण 2026: आंशिक चंद्र ग्रहण के दौरान ग्रहों की ऊर्जा में बदलाव देखने को मिलता है जो हर राशि को अलग-अलग तरह से प्रभावित कर सकती है। साल 2026 में लगने वाला यह दूसरा चंद्र ग्रहण कुंभ राशि और शतभिषा नक्षत्र में लगेगा। ऐसे में, इस दौरान कुछ राशि के जातकों को अपनी भावनाओं, फैसलों और रिश्तों को लेकर सावधान रहना होगा। एस्ट्रोसेज एआई के इस विशेष ब्लॉग “आंशिक चंद्र ग्रहण 2026” में आपको इस दिन किए जाने वाले राशि अनुसार उपाय प्राप्त होंगे जो आपको जीवन में शांति, संतुलन और सकारात्मकता बनाए रखने में सहायता करेंगे। 

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आंशिक चंद्र ग्रहण 2026: महत्वपूर्ण जानकारी 

आंशिक चंद्र ग्रहण 2026 पर किए जाने वाले उपायों के बारे में जानने से पूर्व हम आपको इस ग्रहण से जुड़ी कुछ अहम जानकारी देने जा रहे हैं। 

  • यह चंद्र ग्रहण 28 अगस्त 2026 को लगेगा। 
  • इस ग्रहण का आरंभ सुबह 8 बजाकर 04 मिनट पर होगा और इसका अंत सुबह 11 बजकर 22 मिनट पर होगा।
  • आंशिक चंद्र ग्रहण की कुल अवधि 3 घंटे 18 मिनट तक रहेगी। 
  • यह चंद्र ग्रहण कुंभ राशि में चंद्रमा के अंतर्गत पड़ेगा। 
  • वैज्ञानिक दृष्टि से आंशिक चंद्र ग्रहण तब होता है, जब चंद्रमा का केवल कुछ हिस्सा पृथ्वी की छाया पर पड़ता है।
  • यह ग्रहण अफ्रीका के ज्यादातर हिस्सों, उत्तर और दक्षिण अमेरिका, यूरोप, दक्षिण-पश्चिम एशिया, अफगानिस्तान, पाकिस्तान, इराक, ईरान, सऊदी अरब, शारजाह, हिंद, प्रशांत और अटलांटिक महासागर के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा। 
  • आंशिक चंद्र ग्रहण 2026 भारत में दिखाई देगा, इसलिए सूतक काल मान्य नहीं होगा। 
  • यह ग्रहण सिंह-कुंभ अक्ष पर होगा जिसमें सूर्य सिंह राशि और चंद्रमा कुंभ राशि में होगा। 
  • शतभिषा नक्षत्र का संबंध राहु से है, इसलिए ग्रहण के दौरान इसकी स्थिति ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण रहेगी। 

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आंशिक चंद्र ग्रहण 2026: राशि अनुसार उपाय 

मेष राशि 

मेष राशि के स्वामी ग्रह मंगल देव हैं इसलिए इस राशि के जातकों को गुस्से को नियंत्रित रखने और बेवजह के विवादों से बचना होगा। यह लोग हनुमान जी की पूजा करें और हनुमान चालीसा का पाठ करें। साथ ही, गरीब या जरूरतमंद व्यक्ति को मसूर की दाल या गुड़ का दान करें। 

वृषभ राशि

वृषभ राशि के अधिपति देव शुक्र ग्रह हैं इसलिए इस राशि के लोग मां लक्ष्मी की पूजा करें और सुख-समृद्धि एवं शांति के लिए प्रार्थना करें। किसी गरीब या जरूरतमंद व्यक्ति को सफेद मिठाई, चावल या कपड़ों का दान करें। 

मिथुन राशि

मिथुन राशि के स्वामी देव बुध ग्रह हैं और ऐसे में, आपके लिए “”ॐ बुधाय नमः” मंत्र का जाप करें। विचारों में स्पष्टता बनाए रखने के लिए कुछ समय आप ध्यान का अभ्यास करें। साथ ही, हरी सब्जियां, हरी दाल, किताबें या स्टेशनरी का दान करना फलदायी रहेगा। 

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कर्क राशि

कर्क राशि के अधिपति देव चंद्र देव हैं और इन लोगों को मानसिक और भावनात्मक संतुलन बनाए रखना आपके लिए आवश्यक होगा। यह जातक चंद्रमा को जल अर्पित करें और “ॐ सोम सोमाय नमः” मंत्र का जाप करें। साथ ही, चावल, दूध या सफेद रंग की अन्य वस्तुओं का दान करें। 

सिंह राशि 

सिंह राशि के स्वामी ग्रह सूर्य हैं इसलिए आप सूर्य देव को सुबह जल अर्पित करें और “ॐ सोम सोमाय नमः” मंत्र का जाप करें। साथ ही, चावल, दूध या सफेद रंग की वस्तुओं का दान करें। 

कन्या राशि

कन्या राशि वालों के स्वामी ग्रह बुध देव हैं इसलिए आप “ॐ बुधाय नमः” का जाप करें। आप अपने विचारों को सकारात्मक बनाए रखें। किसी गरीब या जरूरतमंद को हरी वस्तुएं, किताबें या स्टेशनरी का दान करें। 

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तुला राशि

तुला राशि के स्वामी शुक्र ग्रह हैं इसलिए इस राशि के जातकों के लिए माता लक्ष्मी की पूजा करना और रिश्तों में आपसी तालमेल बनाकर चलना फलदायी रहेगा। इस राशि के लोग सफेद रंग की वस्तुओं या मिठाई का दान करें और सुख-शांति के लिए प्रार्थना करें। 

वृश्चिक राशि  

वृश्चिक राशि के स्वामी मंगल ग्रह हैं इसलिए आपके लिए हनुमान जी की पूजा और हनुमान चालीसा का पाठ करना लाभकारी रहेगा। साथ ही, किसी जरूरतमंद को सफेद रंग की वस्तुओं या मिठाई का दान करें। 

धनु राशि

धनु राशि के अधिपति देव गुरु ग्रह हैं इसलिए आप विष्णु जी की पूजा करें और “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें। पीली दाल, केले या पीले रंग की अन्य वस्तुओं का दान करना कल्याणकारी साबित होगा। 

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मकर राशि

मकर राशि के स्वामी ग्रह शनि देव हैं इसलिए आपके लिए शनि देव की पूजा करें और “ॐ शं शनैश्चराय नमः” मंत्र का जाप करें। जरूरतमंद व्यक्ति को काले तिल, कंबल या जरूरी वस्तुओं का दान करें। 

कुंभ राशि

कुंभ राशि के स्वामी ग्रह शनि देव हैं इसलिए आपके लिए शनि मंत्र का जाप और कुछ समय के लिए ध्यान एवं प्रार्थना में समय बिताना फलदायी रहेगा। जरूरत के समय किसी की सहायता करें या असहाय व्यक्ति को काले तिल या जरूरी सामग्री का दान करें। 

मीन राशि

मीन राशि के अधिपति देव गुरु ग्रह हैं इसलिए आपके लिए भगवान विष्णु का पूजन और “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें। पीली दाल, केले या पढ़ाई की सामग्री का अपने सामर्थ्य अनुसार दान करें।  

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. आंशिक चंद्र ग्रहण 2026 में कब लगेगा?

इस वर्ष आंशिक चंद्र ग्रहण 28 अगस्त 2026 को लगने जा रहा है।

2. क्या आंशिक चंद्र ग्रहण 2026 भारत में दिखाई देगा?

नहीं, यह ग्रहण भारत में नहीं देखा जा सकेगा। 

3. क्या आंशिक चंद्र ग्रहण 2026 में सूतक काल लगेगा?

नहीं, यह ग्रहण भारत में नज़र नहीं आएगा इसलिए सूतक काल मान्य नहीं होगा।