सावन सोमवार व्रत 2026: सावन का महीना धीरे-धीरे समाप्ति की तरफ आगे बढ़ रहा है। ऐसे में, भगवान शिव के भक्तों के मन में जरूर यह सवाल उठ रहा होगा कि आख़िर कब है सावन का अंतिम सोमवार? तो बता दें कि अब जल्द ही सावन का महीना समाप्त हो जाएगा और ऐसे में, इस माह के चौथे और अंतिम सोमवार व्रत का महत्व कई गुना बढ़ जाता है। इसी क्रम में, एस्ट्रोसेज एआई का यह विशेष ब्लॉग आपको न सिर्फ़ अंतिम सावन सोमवार व्रत 2026 की तिथि प्रदान करेगा, बल्कि शुभ मुहूर्त, मंत्र से लेकर अचूक उपाय भी आपको बताएंगे। तो चलिए बिना देर किए शुरू करते हैं सावन सोमवार व्रत 2026 का यह विशेष ब्लॉग।

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सावन सोमवार 2026: तिथि एवं मुहूर्त
साल 2026 में सावन का प्रत्येक दिन और सोमवार भगवान शिव को समर्पित होता है। इसी क्रम में, सावन का अंतिम और चौथा सोमवार 24 अगस्त को पड़ रहा है। हिंदू पंचांग के अनुसार, यह सोमवार व्रत श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि पर रखा जाएगा। हालांकि, इस दिन कई शुभ योगों का निर्माण होगा जिनके बारे में हम नीचे विस्तार से बात करेंगे।
दूसरा सोमवार: 24 अगस्त 2026, सोमवार
अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11 बजकर 57 मिनट से दोपहर 12 बजकर 49 मिनट तक
पश्चिम और दक्षिण भारत के लिए दूसरे सावन सोमवार व्रत की तिथि नीचे दी गई है।
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अंतिम सावन सोमवार व्रत 2026 पर बनेंगे शुभ योग
सावन 2026 का अंतिम और चौथा सोमवार व्रत कई मायनों में बेहद ख़ास रहने वाला है क्योंकि इस दिन कई शुभ योगों का निर्माण हो रहा है। बता दें कि अंतिम सावन सोमवार 24 अगस्त 2026 के दिन प्रीति योग और सर्वार्थ सिद्धि योग निर्मित हो रहा है। ऐसे में, इस दिन के धार्मिक महत्व में वृद्धि हो जाती है। यह योग आपके जीवन में मानसिक शांति और संतुलन लेकर आएगा। वहीं, सर्वार्थ सिद्धि योग में शिव पूजा करना बहुत शुभ एवं फलदायी माना जाएगा। इस दौरान आप कोई भी कार्य करते हैं, उसमे सफलता की प्राप्ति होती है।
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अंतिम सावन सोमवार व्रत 2026 पर करें मंत्र जाप
“ॐ नमः शिवाय”
“ॐ पार्वतीपतये नमः”
“ऊँ हौं जूं स: ऊँ भुर्भव: स्व: ऊँ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। ऊर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ऊँ भुव: भू: स्व: ऊँ स: जूं हौं ऊँ।।
। नमो नीलकण्ठाय।
। ॐ ह्रीं ह्रौं नमः शिवाय।
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अंतिम सावन सोमवार व्रत 2026 पर करें ये उपाय
शिव मंदिर में दीपक जलाएं: चौथे और अंतिम सावन सोमवार व्रत के दिन शिव मंदिर में जाएं और घी का दीपक जलाएं। ऐसा करने से व्यक्ति को धन-संपत्ति एवं ऐश्वर्य प्राप्त होता है।
रुद्राभिषेक करें: संभव हो, तो सावन सोमवार व्रत पर शिवलिंग का रुद्राभिषेक करें। इसमें शिवलिंग का अभिषेक दूध, जल, दही, घी, सुगंध, शहद, गंगाजल, गन्ना रस, भस्म और भांग आदि से किया जाता है। इस उपाय से आपके जीवन से हर संकट दूर होते हैं और शिव जी की कृपा प्राप्त होती है।
सुखी वैवाहिक जीवन: सावन के चौथे एवं अंतिम सोमवार पर आप भगवान शिव और माता पार्वती की संयुक्त पूजा करें। साथ ही, शिवलिंग का अभिषेक गन्ने के रस या केसर मिश्रित दूध से करें। इसके पश्चात, माँ पार्वती को लाल चुनरी और सुहाग श्रृंगार की सामग्री चढ़ाएं।
शीघ्र विवाह के लिए: विवाह में देरी होने पर या मनचाहे जीवनसाथी की प्राप्ति के लिए चौथे सावन सोमवार व्रत पर 108 साबुत बेलपत्र लें और उन पर पीले चंदन से ‘ॐ’ या ‘राम’ लिखें। इसके पश्चात, ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करते हुए एक-एक करके बेलपत्र शिवलिंग पर चढ़ाएं।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
सावन का अंतिम सोमवार व्रत 24 अगस्त 2026 को रखा जाएगा।
इस साल सावन 28 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा के साथ समाप्त हो जाएगा।
वर्ष 2026 में रक्षाबंधन का पर्व 28 अगस्त को मनाया जाएगा।