सात दिनों में चार महत्वपूर्ण गोचर, जानिए क्या पड़ेगा देश-दुनिया पर इसका प्रभाव

हम सभी को पता है कि ग्रहों का हमारे जीवन पर बहुत प्रभाव पड़ता है। हमारी ज़िन्दगी में जो कुछ भी घटने वाला है वो कहीं न कहीं और किसी न किसी तरीके से ग्रहों के एक राशि से दूसरे राशि में गोचर करने की प्रक्रिया से जुड़ा होता है। गोचर के दृष्टिकोण से अगले कुछ दिन बेहद ख़ास रहने वाले हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि साल 2021 के अप्रैल में सात दिनों (10 अप्रैल- 16 अप्रैल) के अंदर चार महत्वपूर्ण गोचर होने वाले हैं। जाहिर है कि इन गोचरों का देश-दुनिया पर काफी प्रभाव पड़ने वाला है। इस लेख में हम आपको इन सभी गोचरों की वजह से देश-दुनिया पर पड़ने वाले प्रभाव की विस्तार में जानकारी देंगे। 

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चलिए सबसे पहले आपको संक्षेप में अप्रैल महीने में होने वाले सभी महत्वपूर्ण गोचरों की जानकारी दे देते हैं। 

ग्रहों के गोचर और उनकी तिथि की जानकारी निम्नलिखित हैं :

  • महीने की शुरुआत में शुक्र देवता मीन राशि में विराजमान रहेंगे। बाद में यानी कि 10 अप्रैल 2021 को शुक्र का गोचर मेष राशि में होगा। इस गोचर की अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें।
  • 14 अप्रैल 2021 को सूर्य देवता मीन राशि से निकल कर मेष राशि में प्रवेश करने वाले हैं। इस गोचर की अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें। 
  • 16 अप्रैल 2021 को बुध ग्रह मीन राशि को छोड़ कर मेष राशि में गोचर करने वाला है। इस गोचर के बारे में अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें
  • 14 अप्रैल 2021 को मंगल ग्रह वृषभ राशि से निकल कर मिथुन राशि में प्रवेश करने वाला है। इस गोचर की अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें
  • राहु इस पूरे महीने वृषभ राशि में मौजूद रहने वाला है जबकि केतु पूरे महीने वृश्चिक राशि में मौजूद रहेगा। राहु और केतु के और गोचरों के बारे में जानने के लिए यहाँ क्लिक करें।   

16 अप्रैल 2021 से लेकर इस महीने के अंत तक सूर्य, बुध और शुक्र ग्रह मेष राशि में विराजमान होकर आपस में युति कर रहे हैं। वहीं शनि और बृहस्पति की युति 05 अप्रैल 2021 को तब ख़त्म हो गयी जब बृहस्पति देवता कुंभ राशि में गोचर कर गए और इसके साथ ही शक्तिशाली गुरु-शनि योग का भी अंत हो गया। इस गोचर का प्रभाव भी सभी राशियों के जातकों पर पड़ेगा।  यदि इस संदर्भ में आपको कुछ और जानना है या व्यक्तिगत जानकारी प्राप्त करनी है तो, अभी आचार्या कृति से फोन या चैट के माध्यम से जुड़ें। 

गोचर के आम प्रभाव 

शुक्र का मेष में गोचर

जब यह गोचर होगा तब नारीवाद से जुड़ी आपात स्थितियां पैदा हो सकती हैं। हालांकि इस दौरान लोगों को भावनात्मक रूप से संयमित देखा जा सकता है। जीवन में समृद्धि आने की संभावना है। भौतिक इच्छाओं में इजाफा देखा जा सकता है। विवाहोत्तर सम्बन्ध में भी बढ़ोतरी की आशंका है। वहीं इच्छाओं की पूर्ति के तरफ आम लोगों में झुकाव देखा जा सकता है। सम्भावना है कि लोग इस दौरान रिश्तों में एक तरह का जुड़ाव महसूस करेंगे। इस गोचर के दौरान सलाह दी जाती है कि लोग ईर्ष्या, धन खर्च और किसी भी चीज के प्रति अधिकार भाव का त्याग करें।   

सूर्य का मेष में गोचर

इस गोचर की वजह से प्राधिकार में बढ़ोतरी हो सकती है। आम जनजीवन के बीच व्यवहार में उग्रता देखी जा सकती है। ज़िद और श्रेष्ठ होने के भाव स्वभाव का हिस्सा बनता दिख सकता है। ऐसे में आपको सलाह दी जाती है कि इस दौरान आप अपने अधिकारियों से किसी भी तरह के वाद-विवाद से बचें। भ्रम की स्थिति से बचें और वास्तविकता में जीने प्रयास करें। इस दौरान कार्यक्षेत्र से जुड़ी परियोजनाओं को लेकर ऊर्जा का संचार होगा।   

बुध का मेष में गोचर

आम जनजीवन के व्यवहार में आवेग बढ़ने की आशंका है। बातचीत में स्पष्टता के साथ-साथ शत्रुता में भी इजाफा होने की आशंका है। जिद्द लोगों के व्यवहार का हिस्सा बन सकता है। हालांकि लोगों के अंदर अपने विचारों को लेकर विश्वास बढ़ने की संभावना है। बौद्धिक वाद-विवाद में लोगों की रूचि बढ़ सकती है। लोग दूसरों के राय का सम्मान करते दिख सकते हैं और साथ ही वे यह भी चाहेंगे कि उनकी राय को भी सम्मान दिया जाए। हमेशा ध्यान रखें कि कोई भी इंसान हमेशा सही नहीं हो सकता है।  

मंगल का मिथुन में गोचर 

अवसाद, पीड़ा, असुरक्षा का भाव और एकाग्रता में दिक्कत जैसी समस्याएं आम जनजीवन के बीच व्याप्त हो सकती हैं। लोग कपोल-कल्पनाओ में उलझने की वजह से अपने लक्ष्य को प्राप्त करने में पीछे रह सकते हैं। इस दौरान आम लोगों को वास्तविकता से जुड़े रहने और वर्तमान पर ध्यान देने की सलाह दी जाती है। 

अब हम देखते हैं कि सभी अलग-अलग राशियों पर अप्रैल महीने में हो रहे इन गोचरों का क्या प्रभाव पड़ेगा। 

अप्रैल महीने में सभी राशियां किस तरह प्रभावित होंगी?

अप्रैल का महीना मेष, मिथुन, तुला, मकर, कुंभ और सिंह राशि के जातकों के लिए बेहद शुभ वाला है। जबकि कर्क, कन्या और वृश्चिक राशि के जातकों को इस दौरान परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। वहीं वृषभ, धनु और मीन राशि के लिए यह महीना मिश्रित परिणाम देने वाला साबित हो सकता है। 

भारत पर इन गोचरों का असर 

वैदिक ज्योतिष शास्त्र में बृहस्पति, शनि, राहु और केतु के गोचर हमेशा से महत्वपूर्ण रहे हैं और ऐसे में इस बार बृहस्पति का कुंभ में गोचर कुछ बड़े बदलाव लेकर आएगा।

किसान आंदोलन

भारत की कुंडली के अनुसार बृहस्पति ग्रह कुंभ राशि के ग्यारहवें भाव में गोचर कर रहा है जो कि लम्बे समय से चल रहे किसान आंदोलन के ख़त्म होने का योग बना रहा है। इस दौरान भारत सरकार कड़े कदम उठाते दिख सकती है। अब चूँकि दसवें भाव में शनि अकेला ही अपनी स्वराशि में बैठा है तो इसकी वजह से भारत के मान और सम्मान में बढ़ोतरी होगी।  बृहस्पति के ग्यारहवें भाव में बैठे होने की वजह से हमारे संबंध पड़ोसी देशों के साथ अच्छे होंगे और अप्रैल महीने के बाद भारत कोई नयी संधि भी कर सकता है।

कोविड 19 का भविष्य

साल 2021 में अप्रैल से लेकर जुलाई महीने के बीच भारत ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में इस जानलेवा वायरस के खात्मे हेतु महत्वपूर्ण प्रगति देखी जा सकती है।

रोजगार

अप्रैल महीने से लेकर सितम्बर महीने तक रोजगार के क्षेत्र में बढ़ोतरी की सम्भावना दिख रही है। बुध के गोचर के साथ ही प्रौद्योगिकी के क्षेत्र से जुड़ी कम्पनियाँ और डिजिटलाइजेशन को फायदा पहुँचने की उम्मीद है। मानव संसाधन से जुड़ी नयी नीतियां बनाई जा सकती हैं। 

जमीन जायदाद (रियल एस्टेट)

शनि की जुलाई महीने तक की छोटी मगर प्रभावशाली अवधि की वजह से भारत रियल एस्टेट के क्षेत्र में बेहतर उन्नति कर सकता है। साल 2021 के दौरान रियल एस्टेट, मीडिया और इंटरनेट के माध्यम से अपनी सेवा देने वाली कंपनियां जैसे कि ओटीटी, रेलवे, उड्डयन, परिवहन, दूरसंचार, आईटी और बैंकिंग इत्यादि अपने नियम और कानूनों में नए बदलाव देख सकती हैं। 

खुदरा व्यापार और FMCG

इस क्षेत्र में अप्रैल से लेकर मई तक के महीने के दौरान तरक्की होने की संभावना है क्योंकि इस दौरान लोगों के बीच इनसे जुड़े प्रोडक्ट्स की मांग बढ़ने की संभावना है जिसका फायदा इस क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों के साथ-साथ भारतीय अर्थव्यवस्था को भी पहुंचेगा।

दूरसंचार

बुध के गोचर के साथ ही अप्रैल के महीने में इस क्षेत्र में उल्लेखनीय तरक्की की संभावना बन रही है। दूरसंचार के क्षेत्र में नए खिलाड़ियों की एंट्री हो सकती है जिसकी वजह से नेटवर्क के मामले में जबरदस्त वृद्धि होगी।

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