6 प्रमुख ग्रहों की स्थिति जो एक मजबूत प्रेम-वैवाहिक जीवन का देती हैं संकेत

जैसा कि हम सभी जानते हैं कि अब जल्द ही वेलेंटाइन डे आने वाला है यानी, प्रेमियों का दिन आने वाला है। ऐसे में सभी प्रेमी या प्रेम में पड़े लोग इस बात की तैयारी में जुट चुके होंगे कि इस दिन को वह अपने पार्टनर के लिए और भी ज्यादा खास और यादगार कैसे बनाएं। वेलेंटाइन डे प्रेमियों के लिए निर्धारित किया गया एक ऐसा खूबसूरत दिन होता है जिस दिन प्रेमी अपने दिल की बात अपने पार्टनर से साझा करते हैं। प्यार का इजहार शब्दों के साथ इस दिन खूबसूरत कार्ड्स, फूलों, और गुलदस्ते और चॉकलेट आदि के साथ किया जाता है जो बेहद ही खूबसूरत होता है।

 हालांकि हम मानते हैं कि, प्यार का इजहार करने के लिए कोई एक दिन काफी नहीं होता। प्यार करने के लिए तो हमारी जिंदगी भी छोटी होती है।

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हर व्यक्ति चाहता है कि उसके जीवन में एक खूबसूरत पार्टनर का साथ हो। उसकी लव स्टोरी फिल्मी कहानियों की तरह खूबसूरत और रोमांचक हो। ज्योतिष के अनुसार बात करें तो शुक्र ग्रह प्रेम और वैवाहिक जीवन के लिए जिम्मेदार माना जाता है। आगे बढ़ते हैं और इस विशेष ब्लॉग के माध्यम से जानते हैं ग्रहों की ऐसी कुछ विशेष स्थितियों के बारे में जिनकी कुंडली में मौजूदगी इस बात को दर्शाती है कि व्यक्ति का प्रेम और वैवाहिक जीवन शानदार रहने वाला है। साथ ही जानते हैं शुक्र ग्रह को मजबूत करने के राशि अनुसार उपाय भी।

कुंडली का पांचवा भाव: प्रेम और रोमांटिक रिश्ते

वैदिक ज्योतिष के अनुसार कुंडली का पांचवा भाव प्रेम का घर होता है। इसके अलावा प्रेम और रोमांटिक रिश्तो का ग्रह भी शुक्र को माना गया है। हालांकि इसके लिए अन्य ग्रह भी महत्व रखते हैं और काफी हद तक जिम्मेदार होते हैं लेकिन प्रेम के लिए मुख्य तौर पर शुक्र ग्रह को ही ज़िम्मेदार माना गया है। पांचवें घर में शुक्र, चंद्रमा और राहु का प्रभाव आपके रोमांटिक रिश्तों के प्रति आपका भावनात्मक पक्ष दिखाता है। पारंपरिक रूप से प्रेम विवाह के लिए भी कई योग आदि जिम्मेदार होते हैं।

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6 प्रमुख ग्रहों की स्थिति जो एक मजबूत प्रेम-वैवाहिक जीवन का देती हैं संकेत 

शुक्र ग्रह प्रेम, सौंदर्यता, विलासिता और धन की देवी माना जाता है। जन्म कुंडली में शुक्र ग्रह की स्थिति इस बात को निर्धारित करती है कि हम अपना प्यार दूसरों से कैसे जाहिर करते हैं, हम किसके प्रति आकर्षित होते हैं, हमारे जीवन में आकर्षण क्या कुछ होता है। इसके अलावा हमारे खर्च करने की आदतों और हम किस तरह के सौंदर्यशास्त्र के प्रति झुकाव रखते हैं इन बातों के साथ शुक्र हमें इस बात की जानकारी में प्रदान करता है कि हम किस तरह के रिश्तों की चाह रखते हैं और हमारी खुशियां किस चीज में होती हैं। सरल शब्दों में कहे तो यह इस बात को निर्धारित करता है कि हम एक रिश्ते में खुश कैसे रह सकते हैं और यह हमारे प्रेम जीवन के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

चंद्रमा व्यक्ति की कल्पना और भावनाओं को बढ़ाता है और आपके जीवन में एक साथी की जरूरत महसूस कराता है। चंद्रमा हमारे दिमाग को नियंत्रित करता है जो कि प्यार के लिए बेहद ही महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में व्यक्ति की कुंडली में शुक्र के साथ-साथ चंद्रमा की अच्छी स्थिति होने से प्रेम और स्वस्थ्य संबंधों के प्रबल योग बनते हैं। साथ ही ऐसे व्यक्ति अपने प्रेम जीवन को सुचारू रूप से चलाने में सफल भी होते हैं। हालाँकि अक्सर देखा गया है कि चंद्रमा पर राहु का प्रभाव हो तो ऐसे व्यक्तियों की भावनाएं उग्र होती हैं और रोमांस की तरफ उनका झुकाव अधिक रहता है।

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मंगल एक ऐसा ग्रह है जो व्यक्ति के जीवन में कोई भी चीज हासिल करने के लिए जरूरी ऊर्जा और जुनून प्रदान करता है। जब आप किसी व्यक्ति को पसंद करते हैं तो यह बेहद आवश्यक हो जाता है कि आप उनसे खुलकर अपने दिल की बात कहें और उन्हें समझाएं कि आप उनके बारे में कैसा महसूस करते हैं। अपने दिल की बात अपने किसी खास से कहने का साहस आपको मंगल ग्रह प्रदान करता है। अन्यथा एक तरफा प्यार का कोई फायदा नहीं होता इसलिए प्रेम प्राप्ति में मंगल ग्रह का भी बेहद महत्व होता है।

अब सवाल उठता है कि, हमें अपने जीवन में कोई खास व्यक्ति या हमारा सोलमेट कब मिलेगा? इस सवाल का जवाब देने के लिए ग्रहों की दशा और उनका गोचर विशेष महत्व रखते हैं। यदि किसी व्यक्ति के जीवन में पंचम भाव के स्वामी या सप्तम भाव के स्वामी की कोई दशा चल रही है या पांचवें और सातवें भाव किस भी तरह से प्रभावित है ऐसी स्थिति में इस बात की संभावना खत्म हो जाती है कि उस व्यक्ति को जल्द ही अपने जीवन में प्रेम की दस्तक होगी और व्यक्ति को प्रेम में सफलता मिलेगी। यदि महिला या पुरुष के नेटल चार्ट में बृहस्पति पर बृहस्पति ग्रह का गोचर हो रहा हो तो इस समय व्यक्ति को उनका जीवन मिल सकता है।

जो लोग पहले से ही प्रेम में है और इस बात को जानना चाहते हैं कि क्या उनका प्यार शादी के रिश्ते में परिवर्तित होगा या नहीं उनके लिए हम आपको नीचे ग्रहों की कुछ स्थितियों के बारे में बताने जा रहे हैं जिनसे इस बात की संभावना का संकेत मिलता है।

  • युति, स्थिति या आपसी पहलु के साथ पंचम भाव के स्वामी का सातवें भाव के स्वामी के साथ संबंध या आपसी युति प्रेम विवाह के लिए एक मजबूत योग बनाता है।
  • लग्न भाव में शुक्र के साथ पंचम भाव के स्वामी का संयोजन या युति और सातवें भाव का पहलू होने से व्यक्ति को प्रेम विवाह का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
  • चंद्रमा और शुक्र की युति और पंचम और सप्तम भाव के स्वामी के साथ संबंध से भी व्यक्ति को प्रेम विवाह का सुख मिलता है।
  • जहां पांचवा भाव प्रेम और भावनाओं का घर होता है वहीं ग्यारहवां भाव महत्वाकांक्षाओं और इच्छा की पूर्ति का घर होता है। ऐसे में यदि किसी कुंडली में पंचमेश और एकादश भाव को एक साथ मिलाया जाए साथ में सातवें भाव या सातवें भाव के स्वामी के साथ कोई संबंध हो तो भी व्यक्ति के जीवन में प्रेम विवाह के प्रबल योग बनते हैं।
  • यदि राहु का संबंध पंचम या सातवें भाव से हो या शुक्र के साथ युति हो तो यह सामाजिक मानदंडों को पीछे छोड़कर व्यक्ति के जीवन में प्रेम विवाह की स्थिति उत्पन्न करता है। इस तरह की शादी एक अंतरजातीय, अंतर धर्म विवाह हो सकती है या ऐसा भी मुमकिन है कि ऐसे व्यक्तियों का पार्टनर विदेशी भूमि से ताल्लुक रखता हो।
  • यदि मंगल पांचवें या सातवें घर में शुक्र के साथ स्थित है तो यह प्रेम को विवाह में बदलने में मदद करता है, लेकिन विवाह के बाद आपके जीवन में समस्याएं बनी रह सकती है।

प्रेम जीवन को मज़बूत और शुभ बनाने के सरल ज्योतिषीय उपाय

  • राधा कृष्ण की पूजा करें। इससे प्रेम संबंध मजबूत होते हैं।
  • अपने बेडरूम में गुलाब क्वार्ट्ज से बने लव बर्ड्स का एक जोड़ा रखें। इससे भी आपके प्रेम संबंध मधुर और शानदार बनेंगे।
  • यदि आपके प्रेम जीवन में किसी भी तरह की कोई बाधा आ रही है तो वह शुक्रवार के दिन मां लक्ष्मी की पूजा करें और उन्हें लाल रंग के पुष्प अर्पित करें।
  • कुंडली में पंचम भाव और सप्तम भाव के स्वामी को मजबूत करने से भी प्रेम विवाह के योग प्रबल होते हैं।
  • आप जीवन में प्यार बढ़ाने के लिए रोज क्वार्ट्ज स्टोन रिंग, ब्रेसलेट या पेंडेंट भी पहन सकते हैं।

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अपनी कुंडली में शुक्र ग्रह को मजबूत करने के राशी अनुसार उपाय

  • मेष राशि: अपने पार्टनर को परफ्यूम या इत्र गिफ्ट करें। 
  • वृषभ राशि: अपनी रिंग फिंगर में डायमंड या ओपल रिंग धारण करें। 
  • मिथुन राशि: छोटी कन्याओं को रंगीन मिठाइयां खिलाएं।
  • कर्क राशि: अपनी माँ और बड़ी बहनों का पैर छूकर आशीर्वाद लें। मुमकिन हो तो उन्होंने कुछ तोहफा भी दें। 
  • सिंह राशि: अपने से बड़ी महिलाओं की और अपने कार्य क्षेत्र में अपनी महिला कर्मियों की इज्जत करें और अपना कार्यक्षेत्र खूबसूरत और व्यवस्थित रखें। 
  • कन्या राशि: प्रतिदिन 108 बार शुक्र बीज मंत्र का ध्यान करें। ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः
  • तुला राशि: अपनी रिंग फिंगर में डायमंड या ओपल रिंग धारण करें। 
  • वृश्चिक राशि: अपने पार्टनर का सम्मान करें और उन्हें तोहफे में फूल दें। 
  • धनु राशि: अपने आसपास सभी महिलाओं की इज्जत करें। उनका आशीर्वाद लें और उनसे किसी भी तरह का वाद विवाद या लड़ाई करने से बचें। 
  • मकर राशि: शुक्रवार को मां लक्ष्मी की पूजा करें और यदि आपका स्वास्थ्य सही है तो उपवास भी करें। 
  • कुंभ राशि: शुक्रवार के दिन मां लक्ष्मी की पूजा करें और उन्हें खीर का प्रसाद चढ़ाएं। 
  • मीन राशि: किसी ब्राह्मण महिला को मंदिर जाकर सफेद रंग की मिठाई दें।

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