इस ‘वेलेंटाइन डे’ प्रेमी को कौन-सा उपहार देना होगा शुभ?

Valentine Day 2019- वेलेंटाइन दिवस पर दें अपने साथी को ये उपहार नहीं आएगी कभी रिश्ते में दरार !

‘वेलेंटाइन दिवस’ दुनिया भर के सभी अंग्रेजी भाषी देशों में एक पारंपरिक दिवस के रूप में हर साल 14 फरवरी को मनाया जाता है। इस दिन प्रेमी दूसरे के प्रति अपने प्रेम का इज़हार अलग-अलग प्रकार के उपहार देकर करते हैं। जैसे वैलेंटाइन डे कार्ड, फूल ,चॉकलेट आदि। कई देशों में यह दिन ‘संत वेलेंटाइन दिवस’ के रूप में भी मनाया जाता है। क्योंकि मान्यता है कि इसी दिन रोम के संत वेलेंटाइन को शहादत मिली थी।

भारत में वेलेंटाइन दिवस की मान्यता

भारत के संदर्भ की बात करें तो यहाँ भी वैलेंटाइन डे महत्वपूर्ण है। क्योंकि इसी दिवस के दौरान ही वसंत ऋतु प्रारंभ हो जाती है। देश के हर राज्य में फसल लहलहानें लगती है। फिज़ाये मोहक खुशबू से सुगंधित हो चुकी होती है और मन भी प्रफुलता से भर जाता है।  ऐसे में प्रेम के इस पर्व वेलेंटाइन डे का महत्व भी बढ़ जाता है। हमेशा से हमें ये बताया गया है कि प्रेम अनमोल है। शायद इसी लिए ‘प्रेम’ शब्द अपने आप में ही बहुत मीठा लगता है। इस प्रेम को आप किसी एक रिश्ते से नहीं बांध सकते है। क्योंकि शुद्ध प्रेम की कोई परिभाषा नहीं होती। चाहे वह माँ-बेटे का प्रेम हो, भाई-बहन का या प्रेमी-प्रेमिका का हो।

वेलेंटाइन सप्ताह

गुरूवार, 7 फरवरी से वेलेंटाइन सप्ताह प्रारंभ हो रहा है। जिसमें हर दिन का अपना एक विशेष महत्व होता है…

  • 7 फरवरी : रोज डे
  • 8 फरवरी : प्रपोज डे
  • 9 फरवरी : चॉकलेट डे
  • 10 फरवरी : टेडी डे
  • 11 फरवरी : प्रॉमिस डे
  • 12 फरवरी : हग डे
  • 13 फरवरी : किस डे
  • 14 फरवरी :वैलेंटाइन डे

इस तरह पूरा हफ्ता प्रेम से परिपूर्ण हो जाता है। अलग-अलग तरह के उपहार देकर अपने प्रेम का इज़हार किया जाता है। ‘वैलेंटाइन डे’ ऐसा मौका है जब हम अपने बिगड़े हुए रिश्तों को पुनः सवार सकते हैं।

समय के साथ प्रेम में आने लगती हैं कमी  

आमतौर पर देखा गया है कि रिश्तों के शुरुआती दौर में प्रेमियों के बीच सब कुछ ठीक होता है। किंतु कुछ समय बाद कई बार इनमें दरार आ जाती है, और ये अपनी मिठास खो बैठते हैं। तो चलिए आज बात करते हैं उन आधुनिक वास्तु टिप्स की जिसकी मदद से आप अपने बिगड़े रिश्तों को सवार सकते हैं।

प्रेमी को दें ये उपहार

कई बार देखा गया है कि आपका पार्टनर आप से बहुत अधिक आकांक्षाएँ रखने लगता है। उसे आप से हर समय कोई ना कोई शिकायत शुरू हो जाती है। ऐसे लोग क्रोधी स्वभाव के होते हैं। ऐसे में आप अपने पार्टनर को उपहार स्वरूप इमोजी पिलो (तकिया) दे सकते हैं। इमोजी में बना हंसता हुआ चिन्ह उनके क्रोध को शांत कर, आपके रिश्तों में मधुरता लाएगा। इससे रिश्तों में गुद-गुदाहट भी आ जाती है। इसके साथ ही जल तत्व का प्रवाह प्रारंभ होने से एक दूसरे के प्रति सम्मान व लचीलापन आता है।

समय पंख लगाकर कब उड़ जाता है, पता ही नहीं चलता। ऐसे में रिश्ते अपनी मिठास भी धीरे-धीरे खो बैठते हैं। जिससे आपसी प्रेम बस औपचारिकता का रुप ले लेता हैं। इसे ठंडा रिश्ता भी कहते हैं। ऐसे में यदि आप अपने प्रेमी को हार्ट शेप (दिल) का तकिया या फोटो फ्रेम दे तो इससे आपके रिश्ते में अग्नि तत्व का विस्तार होता है। जिससे रिश्तो में पुनः मिठास आ जाती है।

कई बार देखा गया है कि आपका पार्टनर आपके प्रति बहुत अधिक स्वामिगत व अधिकारात्मक व्यवहार रखता है। ऐसे में आप अपने आप को कठपुतली की तरह बंधा हुआ महसूस करते हैं। जिससे रिश्तो में घुटन सी आ जाती है और एक दूसरे के प्रति अरुचि व विकर्षण होने लगता है। ऐसे में आप अपने पार्टनर को ‘विंड चाइम’ उपहार के तौर पर दे सकते हैं। विंड चाइम रिश्तों में वायु तत्व का प्रवाह प्रारंभ कर देता है और उन्हें ताज़गी देता है।

कई रिश्तों में देखा गया है कि उनमें स्थिरता नहीं होती। कभी अत्यधिक प्रेम व कभी घृणा की स्थिति बन जाती है। हर रिश्तों को मज़बूती की आवश्यकता होती है। जिसके लिए एक रस स्थिति होना आवश्यक हैं। ऐसे में आप अपने पार्टनर या प्रेमी को ‘चौकोर फोटो फ्रेम’ देखकर रिश्तों में स्थिरता बना सकते हैं। ऐसा करने से पृथ्वी तत्व का विस्तार होकर, रिश्ते मज़बूत होते हैं।

टूटे रिश्तों को पुनः जोड़ने के लिए आप अपने प्रेमी को क्रिस्टल से बना ‘रिलेशनशिप 3D यंत्र’ उपहार स्वरूप दे सकते हैं। यह 3D यंत्र आधुनिक वास्तु का वो आविष्कार है जोकि रिश्तों को जोड़ने व बांधनें का काम भली-भांति कर जीवन में प्रेम का विस्तार देता है।

ज्योतिषी मत

‘जो हमारे पास है ,वही खास है।

नए के पीछे भागने से क्या होगा? अपनों को अपना बनाना ही खास है।’

आप सभी को एस्ट्रोसेज की तरफ से वेलेंटाइन डे की ढ़ेर सारी शुभकामनाएं !

दीप्ति जैन
आधुनिक वास्तु एस्ट्रो विशेषज्ञ

दीप्ति जैन एक जानी-मानी वास्तुविद हैं, जिन्होंने पिछले 3 सालों से वास्तु विज्ञान के क्षेत्र में अपने कौशल और प्रतिभा को बखूबी दर्शाया है। उनके इस योगदान के लिए उन्हें कई सारे पुरस्कारों से सम्मानित भी किया गया है। दीप्ति जैन न केवल वास्तु बल्कि सामाजिक मुद्दों, हस्‍तरेखा विज्ञान, अध्यात्म, कलर थेरेपी, सामुद्रिक शास्त्र जैसे विषयों की भी विशेषज्ञ हैं।