गोगा पंचमी: जानें कौन थे गोगा देव और क्यों मनाया जाता है ये त्यौहार !

आज 20 अगस्त भादो माह के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि होने की वजह से इस दिन को गोगा पंचमी के रूप में मनाया जाता है। हिन्दू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन विशेष रूप से नाग देवता और गोगा देव की पूजा अर्चना की जाती है। हमारे हिन्दू धर्म में गोगा देव को सर्पदंश से रक्षा करने वाले देव के रूप में माना जाता है। हालाँकि हिन्दू धर्म को मानने वाले बहुत से लोगों को गोगा पंचमी और गोगा देव के बारे में जानकारी नहीं है। आज हम आपको विशेष रूप से गोगा पंचमी को मनाये जाने के महत्व और गोगा देव के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं। आइये जानते हैं इस दिन से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों के बारे में।

गोगा पंचमी का महत्व

हिन्दू धर्म शास्त्रों के अनुसार गोगा देव को खासतौर से बच्चों को जीवन देने वाले देवता के रूप भी जाना जाता है। ऐसी मान्यता है कि वो बच्चों की रक्षा करने के साथ ही उन्हें लंबी उम्र प्रदान करते हैं। इसलिए आज के दिन विशेष रूप से माँ अपने संतान की लंबी उम्र के लिए भी गोगा देव की पूजा अर्चना करती हैं और उनसे अपने बच्चे के दीर्घायु होने का आशीर्वाद मांगती हैं। ऐसी मान्यता है कि आज के दिन यदि महिलाएं संतान प्राप्ति के उद्देश्य से गोगा देव की पूजा अर्चना करें तो उनकी गोद जल्द भर सकती हैं। इसके साथ ही गोगा देव सांप के काटने से भी भक्तों की रक्षा करते हैं इसलिए भी आज के दिन उनकी पूजा अर्चना का विशेष महत्व है।

कौन थे गोगा महाराज

बता दें कि गोगा महाराज को मुख्य रूप से सुखी और स्वस्थ्य जीवन देने वाले देवता के रूप में पूजा जाता है। वो बच्चों की रक्षा कर उन्हें लंबी जीवन प्रदान करते हैं और विभिन्न प्रकार के मुसीबतों से उनकी रक्षा करते हैं। इसके साथ ही गोगा देव को सांप के काटे जाने वाले जहर से रक्षा करने वाले देवता के रूप में भी पूजा जाता है। इसलिए गोगा पंचमी के दिन नाग देवता के साथ ही गोगा देव की भी पूजा की जाती है। आप भी एक सुखी और निरोगी जीवन के लिए गोगा पंचमी के दिन गोगा महाराज की पूजा अर्चना कर लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

गोगा पंचमी के दिन इस प्रकार से करें पूजा अर्चना

  • इस दिन विशेष रूप से गोगा देव की पूजा करने से पहले एक दीवार को अच्छी तरह से गेरू से साफ़ करके दूध में कोयला
  • मिलाकर एक चौकोर स्थान बनाये और वहां पांच सांप का चित्र बनाएं।
  • अब सांपों के चित्र के ऊपर कच्चा दूध, जल, चावल, रोली, आटा, घी और चीनी मिलाकर इकट्ठे चढ़ाएं। इसके बाद उन
  • चीजों को किसी पंडित को दक्षिणा के रूप में दान कर दें।
  • नाग देवता के साथ ही गोगा देव को भी कच्चा दूध चढ़ाएं।

इस दिन विशेष रूप से उपरोक्त तरीके से गोगा देव की पूजा अर्चना कर लाभ प्राप्त किया जा सकता है। इसके साथ ही साथ आज के दिन यदि आप मंदिर जाकर अपने सामर्थ अनुसार किसी पंडित या पुजारी को दान देते हैं तो ये आपके लिए बेहद फायदेमंद सिद्ध हो सकता है।