इस ज्योतिषीय अध्ययन से जानें कब तक करोना से मुक्त हो सकता है भारत

कोरोना वायरस के बारे में हम सभी को शंका है। इस बीमारी से हमें कब मुक्ति मिलेगी? इस प्रश्न का उत्तर खोजने के लिए मैंने स्वतंत्र भारत की कुंडली का अध्ययन किया। हमारे देश की कुंडली वृषभ लग्न की है जिसमें राहु ग्रह विराजमान है।

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राहु ग्रह का प्रभाव

वर्ष 2020 अंक ज्योतिष अनुसार, यह वर्ष राहु ग्रह से प्रभावित रहेगा। राहु ग्रह एक छाया ग्रह है। जिसके प्रभाव से व्यक्ति के जीवन में अंधकार, स्वार्थ की भावना व अहंकार जन्म लेता है। यह ग्रह जीवन में उथल-पुथल लाता है। जिसका प्रभाव हम स्वयं ही देख रहे हैं।

इस वक्त चंद्रमा की महादशा, शनि की अंतर व बुध की प्रत्यंतर दशा चल रही है। चंद्रमा हमारे देश की कुंडली में तीसरे घर का स्वामी होने के साथ-साथ सूर्य, शनि, बुध व शुक्र के साथ विराजमान है। किसी भी घर में अनेकों ग्रहों की उपस्थिति होने से वह घर असंतुलित हो जाता है।

चंद्रमा की महादशा का प्रभाव

चंद्रमा की महादशा का प्रभाव तीसरे घर में पड़ रहा है। तीसरा घर देश की कुंडली में आम जनता का घर होता है। पड़ोसी देशों का घर होता है व शरीर में हाथ का घर होता है। इस लिहाज़ से हम यह कह सकते हैं कि हमारे देश में पड़ोसी देश का प्रभाव आम जनता व जनमानस पर पड़ रहा है।

बुध की स्थिति

बुध हमारे देश की कुंडली में मारक होने के साथ-साथ पंचमेश भी है। जिसके कारण बीमारी बुध की प्रत्यंतर के चलते 1 जून 2020 तक अधिक प्रभाव डालेगी। उसके पश्चात केतु का प्रत्यंतर 5 जुलाई 2020 तक रहेगा। केतु ग्रह हमारे देश की कुंडली में सप्तम घर में विराजमान है। जिसके कारण यह समय भी बहुत शुभ फलदायक नहीं है।

सचेत रहने की आवश्यकता है। उचित दूरी बनाकर, बीमारी का संक्रमण होने से बचने की आवश्यकता है।

रंगीन बृहत कुंडली आपके सुखद जीवन की कुंजी

13 अप्रैल 2020 की रात्रि सूर्य अपनी उच्च राशि मेष में प्रवेश करने जा रहा है। सूर्य पंचम घर का स्वामी माना जाता है। जो कि ज्ञान व विद्या का घर है। यह घर मानसिक चेतना का भी घर है। यह घर भविष्य का भी कारक है। इस संकेत के आधार पर हम यह कह सकते हैं कि शोधकर्ताओं के प्रयासों का उचित फल मिलने की संभावना है।

कोरोना की दवाई का इजा़त होने के संकेत दिख रहे हैं। किंतु इस दवाई के जनमानस तक पहुंचने में समय लग सकता है। तब तक सरकार द्वारा दिए हुए निर्देशों का पालनकर, अपनी सुरक्षा स्वयं करें।

बुध ग्रह की शुद्धि के लिए हरे पत्तेदार सब्जियों का अत्याधिक  सेवन करें। घर पर रहकर, घर की उत्तर दिशा मे पौधे लगायें, बुध ग्रह की शुद्धि होगी। बागवानी कर अपने शरीर मे रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास करे।  संभवतः शारीरिक व मानसिक संतुलन के लिए योग व ध्यान का सहारा लें। उचित लाभ होगा।

लेखक- दीप्ति जैन 

नोट- यह लेख जानी मानी ज्योतिषी और वास्तुविद दीप्ति जैन जी ने लिखा है। इस लेख का मकसद कोरोना महामारी का ज्योतिषीय अध्ययन करना है। इस लेख में दिए गये तथ्य लेखक के निजी विचारों पर आधारित हैं।

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