तुलसी की माला पहनते हैं या जाप करते हैं, तो इन बातों का रखें खास ख्याल

हर किसी के घर में तुलसी जी का पौधा होता ही है। हम लोग विधिवत उसकी पूजा भी करते हैं। शास्त्रों में तुलसी के पौधे को सबसे ज्यादा शुद्ध माना गया है और इसके कई सारे सकारात्मक प्रभाव होते हैं।

इसी के साथ तुलसी में कई सारे औषधीय गुण होते हैं। इसी कारण इसे पहनने से कई बीमारियां भी दूर रहती हैं। लेकिन इसे पहनने के और इससे जाप करने के कई सारे नियम होते हैं जिनका सख्ती से पालन करना चाहिए। तो आइए जानते हैं इसके सारे नियम।

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तुलसी माला पहनने के नियम

भगवान विष्णु और भगवान कृष्ण के भक्त इस माला को अधिकतर पहनते हैं। मान्यता के अनुसार तुलसी की माला पहनने से मन में शांति रहती है और आत्मा पवित्र होती है। ज्योतिष शास्त्र में भी तुलसी की माला का बहुत महत्व है। इसे धारण करने से बुध और गुरु, ये दोनों ही ग्रह मजबूत होते हैं। आइए जानते हैं इसे धारण करने के नियम।

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  • तुलसी की माला को पहनने से पहले उसे गंगाजल से धोया जाता है और इसके सूख जाने के बाद इसे धारण करना चाहिए।
  • इसे धारण करने से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है।
  • तुलसी माला पहनने वालों को सात्विक भोजन करना चाहिए। उन्हें लहसुन, प्याज, मांस-मछली का सेवन नहीं करना चाहिए।
  • किसी भी वक्त माला को शरीर से अलग नहीं करना चाहिए।

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तुलसी माला से जाप करने के नियम

  • जाप करने वाली माला को कभी भी धारण नहीं करना चाहिए, इसलिए अगर आप माला पहनते हैं और उससे जाप भी करते हैं, तो आपके पास दो मालाएं होनी चाहिए।
  • जिस माला से आप जाप करते हैं, उसे इस्तेमाल करने के बाद किसी कपड़े से ढक कर जरूर रखें।
  • किसी और की जाप वाली माला का इस्तेमाल कभी नहीं करना चाहिए।
  • माला के हर मनके के बाद गांठ होनी चाहिए और कम से कम माला में 27 या फिर 108 मनके होने चाहिए।

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तुलसी माला की पौराणिक कथा

पौराणिक कथाओं के मुताबिक माता तुलसी को यह वरदान प्राप्त है कि भगवान विष्णु सिर्फ उस प्रसाद को ग्रहण करेंगे, जिसमें तुलसी के पत्ते होंगे। इसी कारण यह माना गया है कि जो लोग भी तुलसी की माला को धारण करते हैं, या उससे जाप करते हैं, उन पर विष्णु जी की विशेष कृपा बनी रहती है। इसके अलावा यह भी माना जाता है कि तुलसी की माला धारण करने वाले लोगों को बैकुंठ धाम की प्राप्ति होती है।

अलग-अलग तरह की तुलसी माला

तुलसी की माला आमतौर पर दो तरह की होती हैं। श्यामा तुलसी और रामा तुलसी। इन दोनों की ही मालाएं बनाई जाती हैं और धारण की जाती हैं। इन दोनों के अपने-अपने अलग लाभ होते हैं।

श्यामा तुलसी पहनने के लाभ

इसे पहनने से आपको मानसिक शांति मिलती है और मन में सकारात्मकता बढ़ती है। तुलसी माला को धारण करने वालों में भगवान के प्रति श्रद्धा बढ़ती है। साथ ही घर में भी लाभ होते हैं और आपको आर्थिक फायदे होते हैं।

रामा तुलसी पहनने के लाभ

इसे पहनने से व्यक्ति के मन में सात्विक भावनाएं बढ़ती हैं और इससे आपके अंदर आत्मविश्वास बढ़ता है। आप अपने कर्तव्यों के पालन में एकाग्र होते हैं और आपका मन शांत रहता है।

हम उम्मीद करते हैं कि इन सारी बातों से आपको काफी मदद मिलेगी। आप विधिवत माला को धारण करके और उससे जाप करके अपने जीवन को बेहतर बना सकेंगे।

तुलसी माला कब धारण की जानी चाहिए

तुलसी माला धारण करने के लिए 7 दिनों में से केवल 3 दिनों को ही सबसे ज़्यादा शुभ माना जाता है। ये दिन हैं, सोमवार, बुधवार, गुरुवार।

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