शुक्र का गोचर: गोचरफल से जानें किन राशियों के जीवन में आएगी खुशियों की बहार

वैदिक ज्योतिष के अनुसार बृहस्पति के बाद दूसरा सबसे शुभ ग्रह शुक्र माना जाता है। शुक्र ग्रह का संबंध सप्ताह के पांचवें दिन यानी शुक्रवार से जोड़कर देखा जाता है। यह एक ऐसा ग्रह है जो रोमांस, प्रेम, सेक्स, नृत्य, संगीत, सौंदर्य, और मनोरंजन स्त्रोतों का प्रतिनिधित्व करता है। आकाश में देखने पर जो सबसे चमकीला सितारा नजर आता है इसे शुक्र ग्रह कहते हैं। यदि आपको शुक्र ग्रह वाकई में देखना है तो इसके लिए भोर का समय सबसे ज्यादा सही माना जाता है। उत्तर दिशा में सुबह के समय आकाश में शुक्र ग्रह को बेहद ही आसानी से देखा जा सकता है।

शुक्र गोचर विशेष इस आर्टिकल में जानते हैं जल्द होने वाले शुक्र गोचर का समय, राशि के अनुसार आपके जीवन पर इसका प्रभाव, और साथ ही जानते हैं शुक्र गोचर का महत्व क्या होता है।

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ज्योतिष में शुक्र ग्रह

सभी बारह राशियों में दो राशियों तुला और वृषभ का शासक शुक्र ग्रह होता है। आकर्षण, प्रेम, धन, सुख, समृद्धि, और विलासिता से संबंधित यह ग्रह जहां मीन राशि में उच्च का होता है वहीं कन्या राशि में इसे नीच का माना गया है। इसके अलावा शनि, बुध, और राहु ग्रहों के साथ जहां शुक्र ग्रह के अनुकूल संबंध होते हैं वहीं सूर्य और चंद्रमा के साथ शुक्र ग्रह के शत्रुत्व संबंध माने जाते हैं।

जिन व्यक्तियों की कुंडली में शुक्र ग्रह मजबूत और शुभ स्थिति में होता है ऐसे व्यक्तियों के जीवन में अनुकूल परिणाम मिलते हैं। ऐसे व्यक्ति जीवन में धन, सौंदर्य, और समृद्धि पाते हैं। वहीं इसके विपरीत जिन लोगों की कुंडली में शुक्र ग्रह शुभ स्थिति में ना हो या कमजोर स्थिति में हो ऐसे जातकों के स्वभाव में आलस्य, विकृत आदतें और अलगपन आ सकता है।

शुक्र का मकर राशि में गोचर 8 दिसंबर 2021

शुभ ग्रह शुक्र का गोचर 08 दिसंबर 2021 को सुबह 12:56 बजे मकर राशि में होगा। यह 30 दिसंबर, 2021 तक सुबह 9:57 बजे तक इसी राशि में रहेगा और फिर अपना राशि परिवर्तन कर लेगा। मकर राशि में शुक्र का यह गोचर या तो व्यक्तियों के भीतर भय की भावना लाएगा या फिर लोग इसके प्रभाव से महत्वकांक्षी भी हो सकते हैं। आपकी राशि पर इस गोचर का अनुकूल प्रभाव पड़ेगा या प्रतिकूल जानने के लिए आगे पढ़ें।

शुक्र ग्रह शरीर के महत्वपूर्ण अंगों जैसे नाक, आंख, ठोड़ी, यौन अंग, गला, मूत्राशय, किडनी, आदि का शासक होता है। यह एक स्त्री ग्रह है और इसे शुभ माना जाता है। एक राशि में यह तकरीबन 28 दिनों तक रहता है और फिर अपना राशि परिवर्तन कर लेता है।

आगे बढ़ते हैं और जान लेते हैं सभी 12 राशियों पर शुक्र के इस गोचर का क्या कुछ शुभ और अशुभ प्रभाव देखने को मिलेगा।

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शुक्र गोचर फल

मेष राशि 

मेष राशि के लिए शुक्र दूसरे और सातवें भाव का स्वामी है, जो कर्म के दशम भाव में गोचर कर रहा है। गोचर की इस अवधि में आप अपने पेशेवर जीवन में…..(विस्तार से पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)

वृषभ राशि 

वृष राशि के लिए शुक्र पहले और छठे भाव का स्वामी है, जो भाग्य और धर्म के नवम भाव में गोचर कर रहा है। इस गोचर के दौरान आप दुविधा…..(विस्तार से पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)

मिथुन राशि 

मिथुन राशि के लिए शुक्र बारहवें और पांचवें भाव का स्वामी है, जो दीर्घायु, अचानक हानि/लाभ और गुप्त विज्ञान के आठवें भाव में गोचर कर रहा है। इस गोचर के प्रभाव से…..(विस्तार से पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)

कर्क राशि 

कर्क राशि के लिए शुक्र चतुर्थ और एकादश भाव का स्वामी है, जो विवाह और साझेदारी के सप्तम भाव में गोचर कर रहा है। इस गोचर के दौरान…..(विस्तार से पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)

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सिंह राशि 

सिंह राशि के लिए शुक्र तीसरे और दसवें भाव का स्वामी है और शत्रु, कर्ज और दैनिक मजदूरी के छठे भाव में गोचर कर रहा है। आपको इस अवधि के दौरान…..(विस्तार से पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)

कन्या राशि 

कन्या राशि के लिए शुक्र द्वितीय भाव और नवम भाव का स्वामी है और प्रेम, रोमांस और संतान के पंचम भाव में गोचर कर रहा है। इस गोचर के दौरान…..(विस्तार से पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)

तुला राशि 

तुला राशि के लिए शुक्र पहले और आठवें भाव का स्वामी है और सुख-समृद्धि के चौथे भाव में गोचर कर रहा है। यह भाव परिवार और वित्त का प्रतिनिधित्व करता है। व्यावसायिक रूप से…..(विस्तार से पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)

वृश्चिक राशि 

वृश्चिक राशि के लिए शुक्र बारहवें और सातवें भाव का स्वामी है और पराक्रम के तीसरे भाव में गोचर कर रहा है। गोचर के दौरान आपके…..(विस्तार से पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)

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धनु राशि 

धनु राशि के लिए शुक्र छठे और ग्यारहवें भाव का स्वामी है और धन भाव के दूसरे भाव में गोचर कर रहा है। इस गोचर के दौरान…..(विस्तार से पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)

मकर राशि 

मकर राशि के लिए शुक्र पंचम और दशम भाव का स्वामी है और लग्न के प्रथम भाव में गोचर कर रहा है। यह गोचर काल जातकों के लिए …..(विस्तार से पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)

कुंभ राशि 

कुम्भ राशि के लिए शुक्र चतुर्थ और नवम भाव का स्वामी है और व्यय, गुप्त व्यवहार के बारहवें भाव में गोचर कर रहा है। इस गोचर के दौरान, …..(विस्तार से पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)

मीन राशि 

मीन राशि के चंद्रमा के लिए शुक्र तीसरे और आठवें भाव का स्वामी है और लाभ और इच्छा के एकादश भाव में गोचर कर रहा है। यदि इस अवधि में…..(विस्तार से पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)

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