सूर्यग्रहण के अगले दिन शनि का नक्षत्र गोचर: सभी बारह राशियों को करेगा प्रभावित- अभी नोट कर लें उपाय!

धनिष्ठा नक्षत्र में शनि का गोचर: एस्ट्रोसेज हमेशा से ही अपने रीडर्स को ज्योतिष की रहस्यमई दुनिया की सबसे ताजा अपडेट देने के लिए नए ब्लॉग समय-समय पर रिलीज करते रहता है जिससे आपको महत्वपूर्ण ज्योतिषीय घटनाओं की जानकारी प्राप्त हो सके। इसी कड़ी में आज हम आपके लिए लेकर आए हैं शनि के नक्षत्र गोचर से संबंधित यह विशेष ब्लॉग। दरअसल 15 अक्टूबर 2023 को (अर्थात सूर्यग्रहण के ठीक बाद) सुबह 4:49 पर शनि धनिष्ठा नक्षत्र में गोचर कर जाएगा। आईए जानते हैं इस गोचर का सभी 12 राशियों के जीवन पर क्या प्रभाव पड़ेगा।

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शनि का धनिष्ठा नक्षत्र में गोचर 

शनि सबसे शक्तिशाली लेकिन सबसे धीमा ग्रह माना गया है जो अब जल्द ही धनिष्ठा नक्षत्र में गोचर करने वाला है। 2023 में होने वाले इस महत्वपूर्ण ज्योतिषीय परिवर्तन अर्थात शनि के नक्षत्र गोचर से सभी 12 राशियाँ निश्चित रूप से प्रभावित होंगी। शनि ग्रह 15 अक्टूबर, 2023 को धनिष्ठा नक्षत्र में गोचर करेगा और 24 नवंबर 2023 तक यही मौजूद रहेगा। शनि को एक कार्मिक ग्रह यानि कर्म प्रधान ग्रह माना जाता है जो व्यक्ति को उनके कर्मों के आधार पर परिणाम देता है। यही वजह है कि वैदिक ज्योतिष में शनि महत्वपूर्ण स्थान रखता है। धनिष्ठा नक्षत्र में शनि की उपस्थिति अलग-अलग जातकों पर उनकी जन्म कुंडली में शनि की स्थिति, उसकी महादशा और उनकी राशि के साथ-साथ जिस लग्न में उनका जन्म हुआ है उसके अनुसार पर अलग-अलग प्रभाव डालेगी।

आई अब आगे बढ़ते हैं और जानते हैं कि शनि धनिष्ठा नक्षत्र में कैसा व्यवहार करता है और शनि की इस स्थिति में जन्म लेने वाले जातकों पर इसका क्या प्रभाव पड़ता है। इसके अलावा हम जानेंगे की शनि धनिष्ठा नक्षत्र में जब तक रहेगा तो सभी 12 राशियों पर इसका क्या प्रभाव देखने को मिलेगा। 

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ज्योतिष में धनिष्ठा नक्षत्र 

धनिष्ठा नक्षत्र की दो प्रमुख विशेषताएं बताई गई हैं और वह है अनुकूलता और सामंजस्य। धनिष्ठा नक्षत्र से जुड़ी यह दोनों ही चरित्र धनिष्ठा नक्षत्र की तरह बेहद संगीतमई होती हैं। प्रदर्शन, कला में उत्कृष्टता हासिल करने वाली इन संगीत प्रतिभाओं को किसी और का नहीं बल्कि मंगल का समर्थन प्राप्त होता है जो उन्हें बुद्धि और ज्ञान प्रदान कराता है। कम शब्दों में कहें तो वे दुनिया पर शासन करने के लिए यहां है और कुछ ही लोग उनसे लड़ने की हिम्मत दिखा सकते हैं। धनिष्ठा नक्षत्र, नक्षत्र में 23वां नक्षत्र है और 8 वासु या 8 तत्व देवता इस नक्षत्र की देखरेख करते हैं।

  • धनिष्ठा: धनिष्ठा समृद्धि का प्रतीक माना गया है। धनिष्ठा नक्षत्र बहुत अच्छी तरह से किसी एक व्यक्ति को परिभाषित करने की क्षमता रखता है। जिसके पास विभिन्न प्रकार की क्षमताएं, धन, भाग्य है और वह अनुकूल गुणों से संपन्न होता है। 
  • धनिष्ठा नक्षत्र एक डमरू, एक बांसुरी और एक नक्षत्र के प्रमुख देवता भगवान नटराज का प्रतिनिधित्व करने के चलते भगवान विष्णु और भगवान शिव से संबंधित माना गया है। 
  • धनिष्ठा नक्षत्र इंगित संगीत वाद्य यंत्रों का खोखलापन यह दर्शाता है कि सकारात्मक, सार्वभौमिक ऊर्जा बढ़ाने के लिए व्यक्ति को बिना किसी शिकायत के अंदर से खोखला होना आवश्यक है।
  • खेल, संगीत, आध्यात्मिकता, ब्रह्मचर्य और शांति यह सभी धनिष्ठा नक्षत्र से संबंधित माने गए हैं।
  • धनिष्ठा नक्षत्र में जन्म लेने वालों के लिए मंगल के पूर्वाभाद्र, माघ, मृगशिरा, और चित्रा पर शनि का गोचर अनुकूल नहीं माना गया है। उपरोक्त क्षेत्रों में नक्षत्र में चंद्रमा के साथ जन्म लेने वाले लोगों के रिश्ते में तनाव, कर्ज की समस्या, असफलता या काम में वृद्धि की कमी, फिजूल खर्च, व्यवसाय में नुकसान, सुनहरे अवसरों की कमी, खराब प्रतिष्ठा, खराब स्वास्थ्य, शिक्षा में ध्यान की कमी, और परिवार में किसी करीबी के निधन की खबर के संकेत दे रही है।

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धनिष्ठा नक्षत्र में शनि- सामान्य आकलन 

  • शनि मंगल के नक्षत्र में है लेकिन फिर भी इसे शक्तिशाली माना जाता है क्योंकि धनिष्ठा नक्षत्र मकर से कुंभ तक चलती है जो दोनों इसकी अपनी राशियाँ मानी गई हैं। 
  • धनिष्ठा नक्षत्र वित्त, धन, संपत्ति, स्थिरता, अनुकूलनशीलता और सिंफनी का नक्षत्र माना गया है क्योंकि यह संगीत और थिएटर कला को बढ़ावा देता है। 
  • इस शनि स्थिति वाले जातकों को पहले धन और वित्तीय सुरक्षा की कमी अवश्य हो सकती है लेकिन वह धीरे-धीरे इसे अपने जीवन में प्राप्त करके स्थिरता हासिल कर लेते हैं। 
  • वित्त और संपत्ति आमतौर पर 30 वर्ष की आयु के बाद उनके पास आती है। 
  • जब शनि मकर राशि में और धनिष्ठा नक्षत्र में होता है तो शक्ति, पद और अधिकार प्राप्त करना व्यक्ति के लिए ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाता है। 
  • हालांकि इन परिणामों में समय और बहुत कठिन प्रयास और दृढ़ता की आवश्यकता पड़ती है।
  •  इस शनि स्थित वाले व्यक्तियों को पहले धन और वित्तीय सुरक्षा की कमी अवश्य हो सकती है लेकिन वह धीरे-धीरे इसे जीवन में प्राप्त कर लेते हैं।
  • उपरोक्त सभी विशेषताओं के अलावा व्यक्ति जरूरतमंद या गरीबों की सेवा करने के लिए भी इच्छुक होते हैं। 
  • रिश्तो के संदर्भ में अगर धनिष्ठा नक्षत्र में शनि किसी भी तरह से दूसरे, पांचवें, सात,वें या 11वें घर से जुड़ा होता है तो व्यक्ति को थोड़े रोमांस के साथ देरी, निराशा, और बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। 
  • उनकी साझेदारियाँ आमतौर पर लंबे समय तक चलने वाली नीरस और शुष्क हो सकती हैं।

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धनिष्ठा नक्षत्र में शनि गोचर: राशि अनुसार भविष्यवाणियां 

मेष राशि 

इस गोचर से मेष राशि के जातकों को व्यावसायिक रूप से लाभ मिलेगा क्योंकि आप अपने लक्ष्यों तक पहुंचने और अपनी महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने में कामयाब रहेंगे। निजी क्षेत्र में काम करने वाले जातकों के लिए पदोन्नति और नए करियर विकल्प के अवसर खुलेंगे। इस राशि के जो लोग व्यवसाय के क्षेत्र से जुड़े हुए हैं वह कोई नई डील अपने नाम कर सकते हैं और नए संपर्क बना सकते हैं जिससे आपको अपने व्यवसाय का विस्तार करने में मदद मिलेगी। 

उपाय: प्रत्येक शनिवार को काले तिल का दान करें। 

वृषभ राशि 

वृषभ राशि के वह जातक जो अपनी नौकरी बदलना चाहते हैं या वेतन में अच्छी बढ़ोतरी की तलाश कर रहे हैं उनको इस दौरान आश्चर्यजनक अवसर प्राप्त होंगे क्योंकि शनि आपके करियर के दसवें घर में गोचर करने जा रहा है। यदि आप नए हैं तो यह समय करियर की शुरुआत करने के लिए अनुकूल साबित होगा। आने वाला समय आपके लिए बेहद ही शानदार रहेगा। 

उपाय: हर मंगलवार और शनिवार को पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं। 

मिथुन राशि

चूंकि शनि धनिष्ठा नक्षत्र में गोचर कर रहा है ऐसे में मिथुन राशि के विद्यार्थी जातकों के लिए विदेश में पढ़ाई करने के लिए यह एक शानदार समय साबित होगा। काम या बिजनेस के सिलसिले में यात्राएं मुमकिन है। देश के अंदर उच्च शिक्षा भी की जा सकती है। आपके रिश्ते कुछ बदलावों के दौर से गुजरेंगे। गुप्त विद्याओं और आध्यात्मिक साधनाओं से जुड़े लोगों के लिए यह समय शानदार साबित होगा। 

उपाय: हर शनिवार शनि चालीसा का पाठ करें। 

कर्क राशि 

शनि के धनिष्ठा नक्षत्र में गोचर करने के परिणाम स्वरुप कर्क राशि के जातकों को ढैया का सामना करना पड़ सकता है और यह आपके जीवन के उन केंद्र बिंदुओं या क्षेत्र के बारे में भी प्रतिबंधित करने और अधिक जागरूक होने का समय साबित होगा जिन पर ध्यान देने की आपको आवश्यकता है। आपके वैवाहिक और पारिवारिक जीवन में कुछ रुकावटें देखने को मिल सकती हैं। जैसे ही शनि आपकी जन्म कुंडली के आठवें घर में प्रवेश करेगा आपको त्वरित हानि और अचानक लाभ दोनों का अनुभव होगा। 

उपाय: हर मंगलवार और शनिवार को हनुमान चालीसा का पाठ करें।

सिंह राशि 

जैसे ही शनि धनिष्ठा नक्षत्र में गोचर करेगा आपके पास व्यापार के नए अवसर आने लगेंगे। आप परिवार के साथ या अपने जीवनसाथी के साथ किसी तीर्थ यात्रा पर जाने का विचार कर सकते हैं। संपत्ति या अन्य विलासिता पूर्ण वस्तुएं खरीदने के लिए यह समय अनुकूल है। जो लोग अविवाहित हैं वह अन्य योगों, पहलुओं और आपकी चल रही महादशा के आधार पर शादी कर सकते हैं और पारिवारिक जीवन के नए चरण में प्रवेश कर सकते हैं। 

उपाय: प्रत्येक शनिवार को काली उड़द की दाल का दान करें। 

कन्या राशि 

जब शनि आपके छठे घर में प्रवेश करेगा जो मंगल के नक्षत्र धनिष्ठा में है तो न्यायपालिका में काम करने वाले लोगों को इससे लाभ मिलेगा। वकीलों और न्यायाधीशों के लिए यह समय उन्नति प्रदान करने वाला साबित होगा। यह नए निवेश करने के लिए भी अनुकूल समय है लेकिन यह लोगों की अन्य ग्रहों की स्थिति पर भी निर्भर करता है। इस राशि के जो जातक किसी स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं उन्हें अपने स्वास्थ्य समस्या को नजर अंदाज नहीं करना चाहिए। ज़रूरत पड़ने पर उचित चिकित्सकीय सलाह अवश्य लें। 

उपाय: जब भी मुमकिन हो मछली और चींटियों को गेहूं की गोलियां खिलाएं। 

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तुला राशि 

यदि आप प्रयास कर रहे हैं तो शनि का धनिष्ठा नक्षत्र में गोचर आपके पांचवे घर में होने से इस राशि के छात्र जातकों के लिए यह शानदार साबित होगा। रचनात्मक क्षेत्र के लोग जैसे आर्किटेक्ट और डिजाइनर अपनी नौकरी या व्यवसाय में सफल होंगे। फिर भी पांचवें घर में शनि आपके विवाह में समस्याएं खड़ी कर सकता है। सावधानी बरतनी की सलाह दी जाती है। 

उपाय: प्रत्येक शनिवार को रुद्राभिषेक करें। 

वृश्चिक राशि 

वृश्चिक राशि के जातकों को भौतिक संतुष्टि प्राप्त होगी और आप अपनी संपत्ति या वाहन खरीदने की योजना भी बना सकते हैं। क्योंकि शनि आपके चौथे घर में प्रवेश करने जा रहा है। हालांकि इस दौरान आपको शारीरिक थकान और मानसिक पीड़ा महसूस हो सकती है। नौकरी और व्यवसाय बेहतर होंगे। व्यक्तिगत रिश्ते और घरेलू माहौल खराब हो सकते हैं क्योंकि शनि अशांति पैदा करने वाला साबित होगा। 

उपाय: प्रत्येक शनिवार को बजरंग बाण का पाठ करें।

धनु राशि 

धनिष्ठा नक्षत्र के तीसरे घर में शनि का गोचर आपके प्रयासों, ध्यान, दृढ़ता और इच्छा शक्ति में सुधार लेकर आएगा। अब आप अपने कार्य और व्यवसाय में कुछ हासिल करने के जोखिम उठाने के लिए तैयार रहेंगे। भाई-बहनों के साथ आपके रिश्ते बेहतर होंगे और आपको अपनी व्यावसायिक यात्रा से लाभ मिलेगा। 

उपाय: शनि बीज मंत्र का जाप करें। 

मकर राशि 

आपकी वित्तीय स्थिति और बचत में सुधार होगा। आपके लिए कमाई के नए रास्ते या आय के नये स्रोत खुल सकते हैं। हालांकि सावधानी बरतनी की सलाह दी जा रही है क्योंकि आपके किसी बयान से घर के बड़ों को परेशानी हो सकती है और जिससे घर का माहौल बिगाड़ सकता है। गुप्त अध्ययन या अभ्यास में रुचि रखने वाले व्यक्तियों के लिए यह समय शानदार साबित होगा। 

उपाय: श्री गजेंद्र मोक्ष स्तोत्र का पाठ करें। 

कुंभ राशि 

कुंभ राशि के जातकों के इस अवधि में खर्च बढ़ाने वाले हैं क्योंकि आप स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित हो सकते हैं। यह मानसिक या शारीरिक तनाव के संकेत दे रहा है। नई व्यावसायिक संभावनाएं भी आपके जीवन में दस्तक दे सकती हैं और निजी क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को भी कोई नया विकल्प प्राप्त हो सकता है। व्यावसायिक रूप से आप इस अवधि के दौरान उत्कृष्टता प्राप्त करेंगे और आपका समय बहुत अच्छा बीतेगा। 

उपाय: शनि स्त्रोत का पाठ करें और गरीब लोगों को पुराने जूते या कपड़े दान करें। 

मीन राशि 

इस राशि के छात्रों को अपने स्कूल के काम और पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने में परेशानी उठानी पड़ सकती है। कार्य संबंधित यात्राएं आशा के अनुरूप फलदाई नहीं साबित होगी। आपके खर्च बढ़ने वाले हैं। हालांकि व्यावसायिक लाभ प्राप्त होगा। कोई भी नया काम सावधानीपूर्वक शुरू करें अन्यथा आपको इससे नुकसान उठाना पड़ सकता है। शनि के नक्षत्र गोचर का यह समय आपको मानसिक तनाव दे सकता है और आपके व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन सहित जीवन के सभी पहलुओं को लेकर असुरक्षा की भावना पैदा कर सकता है। 

उपाय: पीपल के वृक्ष को अर्घ्य अर्पित करें। 

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