रक्षाबंधन विशेष: 29 साल बना अनोखा संयोग, जानें राशिनुसार किस रंग की राखी होगी आपके लिए शुभ। 

रक्षा बंधन का आगाज़ हो चला है। वर्ष 2020 में ये पर्व तीन अगस्त, सोमवार को मनाया जाएगा। हालांकि इस वर्ष रक्षा बंधन के लिए पूर्णिमा तिथि रविवार, दो अगस्त की रात्रि 9.32 बजे से ही शुरू हो  जाएगी, जो अगले दिन तीन अगस्त की रात्रि 9:30:28 बजे तक रहेगी। एस्ट्रोसेज इस रक्षाबंधन को और भी खास बनाने के लिए लाया है “एस्ट्रोसेज रक्षाबंधन मेगा सेल”, जिसमें आप पाएंगे ढेरों ऑफर्स और बंपर छूट। ज़्यादा जानकरी के लिए नीचे दिए गए बटन पर क्लिक करें ! 

 रक्षाबंधन 2020 शुभ मुहूर्त और समय

रक्षाबंधन 2020

3 अगस्त, सोमवार 

राखी बांधने का मुहूर्त

09:27:30 से 21:17:03 तक

अवधि

11 घंटे 49 मिनट

रक्षा बंधन अपराह्न मुहूर्त

13:47:39 से 16:28:56 तक

रक्षा बंधन प्रदोष मुहूर्त

19:10:14 से 21:17:03 तक


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रक्षाबंधन 2020 

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रक्षाबंधन 2020 पर लगा कोरोना का ग्रहण 

कोरोना संक्रमण के कारण, वर्ष 2020 में इस पर्व का रंग फीका पड़ने वाला है। हर साल जिस त्यौहार को लेकर महीनों पहले ही लोग तैयारियों में लग जाते हैं, बाज़ार सज जाते हैं, उसे इस बार लॉकडाउन ने बेरंग कर दिया है। क्योंकि कोरोना संक्रमित की रोकथाम ने कारण, बेहद हर्षोउल्लास और उत्साह के साथ मनाए जाने वाले रक्षाबंधन पर्व पर भी ग्रहण लगा दिया है। लेकिन भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक ये पावन पर्व, इस साल कोरोना के बावजूद भी कई मायनों में बेहद ख़ास संयोग बना रहा है। जिसके चलते इस वर्ष का रक्षाबंधन कई लोगों के लिए महत्वपूर्ण और विशेष रहने वाला है। 

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29 साल बाद बना रक्षा बंधन पर सुंदर संयोग 

एस्ट्रोसेज के वरिष्ठ ज्योतिषाचार्य डॉ सुनील बारमोला जी ने बताया कि, वर्ष 2020 में रक्षा बंधन पर्व 3 अगस्त को मनाया जाएगा। इस दौरान करीब 29 साल बाद कई शुभ योग व नक्षत्रों का अनोखा संयोग भी बन रहा है, जिससे इस वर्ष का ये पावन पर्व कोरोना संकर्म के बावजूद भी विशेष महत्वपूर्ण रहने वाला है। 

उनके अनुसार इस बार रक्षाबंधन पर्व के दिन सर्वार्थ सिद्धि व दीर्घायु आयुष्मान योग का अनोखा निर्माण होगा, और सबसे विशेष बात इस पर्व की ये होगी कि ये भद्रा और ग्रहण से भी पूरी तरह मुक्त होगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भद्राकाल के दौरान कोई भी शुभ कार्य करना वर्जित होता है, और इस वर्ष भद्रा सुबह 09:26 पर ही समाप्त हो जाएगी। इसलिए भद्रा की समाप्ति के बाद ही, बहन अपने भाई की कलाई पर मुहूर्त अनुसार रखी बांधकर इस पर्व को मनाते हुए, उससे शुभ फल प्राप्त कर सकेंगी। 

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बनेंगे कई अनोखे और शुभ योग 

डॉ सुनील बारमोला जी के अनुसार, तीन अगस्त को प्रीति योग का निर्माण होगा, जिससे बहन व भाई का प्रेम इस वर्ष और भी अटूट व गहरा होगा। साथ ही सूर्य शनि के साथ मिलकर समसप्तक योग बनाएँगे, और इस दिन सोमवती पूर्णिमा भी इस पर्व को और शुभ बनाएगी। चंद्रमा की दशा को देखें तो, वो भी 3 अगस्त को ही मकर राशि में होते हुए, पूर्णिमा के कारण अस्त नहीं होंगे और उत्तराषाढा से होते हुए श्रवण नक्षत्र में विराजमान हो जाएंगे। जो ज्योतिष की दृष्टि से बेहद शुभ संयोग बना रहे हैं। 

ज्योतिश्चाचार्य की मानें तो, इससे पहले ऐसा सुन्दर संयोग साल 1991 में बना था, और अब 29 साल बाद एक बार फिर देशभर में करोड़ों लोग इस संयोग का लाभ उठाते हुए, इस वर्ष रक्षाबंधन के पर्व को मनाएंगे। चलिए अब जानते हैं आखिर आपको इस वर्ष अपनी राशि के अनुसार, किस रंग की राखी बांधनी या बंधवानी चाहिए। माना जाता है कि यदि इस दिन बहन अपने भाई की राशिनुसार उनको राखी बांधती है तो, उन्हें इस संयोग से और अधिक शुभ फलों की प्राप्ति होती है। तो आइये अब हम आपको बताते हैं कि राशि अनुसार कौन से रंग की राखी पहनना आपके लिए इस वर्ष रहेगा शुभ…. 

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राशिनुसार बांधें भाई की कलाई पर राखी

मेष राशि

मेष राशि के स्वामी मंगल देव होते हैं। ऐसे में यदि मेष राशि वाले भाईयों को उनकी बहनें लाल रंग की राखी बांधें, तो उन्हें शुभ फलों की प्राप्ति होगी। 

वृषभ राशि 

शुक्र देव को वृषभ राशि का स्वामी माना जाता है। ऐसे में इस वर्ष इस राशि के भाईयों की कलाई पर, उनकी बहनों द्वारा नीले रंग की राखी बांधना अधिक फलदायी सिद्ध होगा।  

मिथुन राशि 

मिथुन राशि का स्वामी बुध देव को माना गया है। इसलिए मिथुन राशि के भाईयों की कलाई पर, उनकी बहनों को हरे रंग की राखी बांधनी चाहिए। क्योंकि इससे भाई की तार्किक शक्ति का विकास होगा। 

कर्क राशि

कर्क राशि के स्वामी चन्द्रमा होते हैं। इसलिए कर्क राशि वाले भाईयों की कलाई पर यदि बहनें सफ़ेद रंग की राखी बांधें तो, इससे उन्हें सेहत से जुड़ी हर समस्या से निजात मिल सकेगी।  

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सिंह राशि 

सिंह राशि के जातकों के स्वामी सूर्य देव को माना गया है। इस वर्ष यदि इस राशि के भाईयों की कलाई पर उनकी बहनों द्वारा, पीले या लाल रंग की राखी बांधी जाए, तो इससे उन्हें अपने कार्यक्षेत्र में भरपूर सफलता मिलेगी। 

कन्या राशि 

बुध देव को कन्या राशि का स्वामी माना गया है। ऐसे में इस वर्ष कन्या राशि के भाईयों की कलाई पर यदि उनकी बहने गहरे हरे रंग की राखी बांधती हैं तो, इससे भाइयों को अपने सभी अधूरे पड़े कार्यों को पूरा करने में सफलता मिलेगी।   

तुला राशि 

तुला राशि के स्वामी शुक्र होते हैं। ऐसे में इस राशि के भाईयों की कलाई पर, उनकी बहनों को गुलाबी रंग की राखी बांधनी चाहिए। इससे भाइयों को दीर्घायु प्रदान होती है।  

वृश्चिक राशि 

मंगल देव वृश्चिक राशि के स्वामी ग्रह होते हैं। ऐसे में यदि इस दिन वृश्चिक राशि के भाईयों की कलाई पर बहनें लाल, या मेहरून रंग की राखी बांधें, तो इससे उन्हें अपने शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने में मदद मिलेगी। 

धनु राशि 

धनु राशि के स्वामी गुरु बृहस्पति होते हैं। इसलिए इस वर्ष इस राशि के भाईयों की कलाई पर, बहनों को पीले रंग की राखी बांधनी चाहिए। इससे उन्हें पद-प्रतिष्ठा प्राप्त करने की शक्ति मिलेगी। 

मकर राशि 

शनि देव को मकर राशि का स्वामी माना गया हैं। इसलिए शनि देव की विशेष कृपा और उत्तम फलों की प्राप्ति हेतु, मकर राशि के भाईयों की कलाई पर बहनों को नीले रंग की राखी बांधनी चाहिए। 

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कुंभ राशि 

मकर के साथ ही कर्मफल दाता शनिदेव, कुंभ राशि के भी स्वामी होते है। ऐसे में यदि इस वर्ष कुंभ राशि वाले भाईयों की कलाई पर उनकी बहनें, गहरे रंग की राखी बांधती है तो, इससे उन्हें अपने कार्यक्षेत्र में उत्तम फलों की प्राप्ति होगी।  

मीन राशि 

गुरु बृहस्पति को मीन राशि का स्वामी माना गया है। ऐसे में इस राशि के भाईयों की कलाई पर, बहनों को पीले रंग की ही राखी बांधनी चाहिए। क्योंकि इससे उन्हें गुरु बृहस्पति की विशेष कृपा प्राप्त होगी और वो हर रोग से निजात पाने में सक्षम होंगे।  

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