एस्ट्रोसेज चेतावनी: 14-15 जून को बनेगा सबसे अशुभ ज्वालामुखी योग।

वैदिक ज्योतिष में यूँ तो आपको बहुत से योगों का उल्लेख मिल जाएगा, जिसमें से जहां कुछ योगों को शुभ तो वहीं कुछ को अशुभ योगों की श्रेणी  में रखा गया है। ज्योतिष विशेषज्ञ जातक को इन्हीं योगों के अनुसार किसी भी कार्य को करने या न करने की सलाह देते हैं। 

आज हम अपने इस लेख में बात करेंगे सबसे प्रभावी “ज्वालामुखी योग” की, जिसे ज्योतिष शास्त्र में अशुभ योग माना जाता है। अशुभ योग होने के चलते इस योग के दौरान ज्योतिषाचार्य कोई भी शुभ, मांगलिक व महत्वपूर्ण कार्य करने की सलाह नहीं देते हैं। अगर आप भी अपनी व्यक्तिगत कुंडली के आधार पर ये जानने के इच्छुक हैं कि कही आपके कुंडली में भी तो नहीं हो रहा इस ज्वालामुखी योग का निर्माण? तो अभी कॉल या मैसेज के माध्यम से एस्ट्रोसेज प्रमाणित ज्योतिषियों से करें बात और पाएं अपनी समस्या का समाधान ! 

चलिए अब विस्तार पूर्वक समझते हैं ज्वालामुखी योग के बारे में:-

कैसे होता है ज्वालामुखी योग का निर्माण 

ज्वालामुखी योग का निर्माण कुछ विशेष तिथि और नक्षत्रों के संयोग से बनता है। इसलिए किसी भी शुभ काम को करने से पहले इन विशेष तिथि और नक्षत्रों के संयोग की हर व्यक्ति को आवश्यक जाँच करते हुए ये जानना चाहिए कि कही उस विशेष दिन ज्वालामुखी योग का निर्माण तो नहीं हो रहा है। अब जानते हैं किन-किन परिस्थितियों में बनता है ये ज्वालामुखी योग:-

  1. यदि कभी प्रतिपदा तिथि के दिन मूल नक्षत्र पड़ रहा हो तो ज्वालामुखी योग का निर्माण होता है। 
  2. यदि पंचमी तिथि के दिन ही भरणी नक्षत्र पड़ रहा हो तो, इस स्थिति में भी ज्वालामुखी योग बनता हैं। 
  3. यदि अष्टमी तिथि के दिन कृतिका नक्षत्र हो तब भी ज्वालामुखी योग बनता है। 
  4. इसके अलावा नवमी तिथि के दिन रोहिणी नक्षत्र का होना, और 
  5. दशमी तिथि के दिन आश्लेषा नक्षत्र का पड़ना ज्वालामुखी योग का निर्माण करता है।  

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जून 2022 में कब बन रहा है ज्वालामुखी योग? 

हिन्दू पंचांग के अनुसार वर्ष 2022 के छठे माह यानी जून में भी इस अशुभ ज्वालामुखी योग का निर्माण होने जा रहा है। एस्ट्रोसेज के ज्योतिषाचार्यों की मानें तो 14 जून, मंगलवार के दिन शाम 5 बजकर 23 मिनट से अगले दिन यानी 15 जून, बुधवार की दोपहर 1 बजकर 33 मिनट तक प्रतिपदा तिथि रहेगी। इस ही दौरान 14 जून की शाम 6 बजकर 33 मिनट से अगले दिन 15 जून की दोपहर 3 बजकर 33 मिनट तक मूल नक्षत्र होने के चलते 15 जून 2022 के दिन ज्वालामुखी योग बनने वाला है। 

जून 2022 में ज्वालामुखी योग15 जून 2022, बुधवार 
ज्वालामुखी योग समय 14 जून, 18:33  बजे से(आरंभ काल)15 जून, 13:33 बजे तक  (समाप्ति काल)

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ज्वालामुखी योग में भूल से भी न करें ये कार्य  

ज्वालामुखी योग के दौरान किये गए सभी कार्य फलित नहीं होते हैं। इसलिए यदि कोई व्यक्ति किसी कारणवश गलती से या जानकार इस योग में कोई भी कार्य करता है तो, उसे उस कार्य से जुड़ी सफलता मिलने में बार-बार विघ्न व समस्याएं आती हैं। यही मुख्य कारण है कि शुभ मुहूर्त्त की गणना करते समय “ज्वालामुखी योग” को अत्यधिक अशुभ मानते हुए, इस योग के दौरान महत्वपूर्ण कार्य करने से परहेज किया जाता है।

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ज्वालामुखी योग के दौरान किये जाने वाले कार्य

हालांकि, ज्योतिषी इस योग में हर प्रकार के मांगलिक व शुभ कार्य आरंभ न करने की सलाह देते हैं। परंतु ज्योतिष में इस योग की अपनी कुछ विशेषताएं भी बताई हैं। जैसे:-

  1. दुष्ट व्यक्तियों, विरोधियों या अपने शत्रुओं को मुँह तोड़ जवाब देने के लिए ज्वालामुखी योग अत्यंत कारगर माना जाता है।  
  2. इस योग में व्यक्ति अपने शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने में सफल रहता है। 
  3. दुष्ट प्रवृत्ति के लोगों पर भी प्रयोग करने के लिए ज्वालामुखी योग बेहद असरदार सिद्ध होता है। 

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