Guru-Rahu Yuti 2023: राहु-बृहस्पति की युति से बनेगा गुरु चांडाल योग, जानें इसके प्रभाव व उपाय!

Guru Chandal Yog: वैदिक ज्योतिष में ग्रहों की चाल और इनके गोचर का काफ़ी महत्व है। साल 2023 में कई बड़े और अहम ग्रहों का राशि परिवर्तन होना है जिससे कई योगों का निर्माण होगा। उन्हीं योगों में से एक बहुत ही घातक योग बनने जा रहा है। यह योग गुरु और राहु की युति से बनेगा। बृहस्पति 22 अप्रैल 2023 में मेष राशि में गोचर करेंगे। वहीं, इस राशि में छाया ग्रह माने जाने वाले राहु पहले से ही मौजूद हैं। ऐसे में दोनों ग्रहों की युति से गुरु चांडाल योग का निर्माण होगा।

गुरु और राहु 6 महीने तक एक ही राशि में साथ रहेंगे। एस्ट्रोसेज के इस विशेष ब्लॉग में हम आपको गुरु चांडाल योग के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करेंगे। साथ ही, इसके नकारात्मक प्रभावों को दूर करने के कुछ अचूक उपायों के बारे में भी चर्चा करेंगे। तो चलिए बिना देरी किए आगे बढ़ते हैं और सबसे पहले जानते हैं कि कब बन रहा है गुरु चांडाल योग।

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कब बनेगा गुरु चांडाल योग?

जैसे कि हम ऊपर बता चुके हैं कि किसी भी कुंडली में राहु के साथ गुरु स्थित होने पर गुरु चांडाल नामक योग बनता है। साल 2023 में यह योग 22 अप्रैल, 2023 से बनेगा जब बृहस्पति मेष राशि में गोचर करेंगे। वहीं, 30 अक्टूबर, 2023 को राहु के मेष राशि छोड़ने तक इस योग का प्रभाव रहेगा। ऐसे में, जिन जातकों की कुंडली में यह योग बनेगा, उनके लिए आने वाला समय काफी मुश्किलों भरा रहेगा। इन लोगों को ख़ासकर 6 महीने तक बहुत सावधानी बरतने की जरूरत होगी।

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गुरु चांडाल योग के प्रभाव

ज्योतिष शास्त्र में गुरु चांडाल योग को बहुत अशुभ योग बताया गया है। वैसे तो बृहस्पति शुभ ग्रह माना जाता है लेकिन जब राहु के साथ इसकी युति होती है तो यह सभी सकारात्मक प्रभावों को नकारात्मक में बदल देते हैं। हालांकि, यदि आपकी कुंडली में सभी ग्रह सकारात्मक स्थिति में हैं तो इस योग का आपके जीवन में सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेगा।

जिन लोगों की कुंडली में गुरु चांडाल योग बनता है, उनकी जिंदगी में अशुभ प्रभाव बढ़ने लगते हैं। इन लोगों की सही और गलत के बीच फर्क करने की समझ कम हो जाती है। छात्रों को शिक्षा के क्षेत्र में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। साथ ही एकाग्रता में कमी भी महसूस होने लगती है। छात्रों के लिए शॉर्टकट का चुनाव समस्या पैदा कर सकता है। इस योग के दुष्प्रभाव से परिवार के सदस्यों व दोस्तों से भी संबंध खराब हो सकते हैं। जिन लोगों की कुंडली में गुरु चांडाल योग बनता है उन्हें स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है और एक्सीडेंट या दुर्घटना होने की आशंका अधिक रहती है।

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गुरु चांडाल योग के प्रभाव को कम करने के उपाय

  • गुरु चांडाल दोष से छुटकारा पाने के लिए शांति पाठ करवाएं।
  • अपने से बड़े लोगों का सम्मान करें और दैनिक कार्यों में उनकी मदद करें।
  • प्रत्येक गुरुवार के दिन भगवान विष्णु की पूजा करें और उन्हें पीला चंदन अर्पित करें।
  • केले के वृक्ष की पूजा करें।
  • इस दौरान पीला नीलम (पुखराज) धारण कर सकते हैं। हालांकि, रत्न पहनने से पहले किसी ज्योतिषी से सलाह अवश्य लें।
  • साथ ही विष्णु सहस्रनाम और बृहस्पति मंत्र का जाप करें।
  • जरूरतमंदों और गरीबों को रोज़मर्रा में काम आने वाली चीज़ों और भोजन का दान करें। साथ ही आवारा पशुओं को भी खाना खिलाएं।

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