उद्धव की कुर्सी टिकने के आसार कम : ज्योतिषीय विश्लेषण

लंबे समय से चल रही राजनीतिक उठापटक के बाद, उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र के नये मुख्यमंत्री के रुप में 28 नवंबर, 2019 को शपथ ले चुके हैं। शिवाजी पार्क में शपथ ग्रहण समारोह के बाद, ठाकरे को अब नया मुख्यमंत्री घोषित कर दिया गया है। ज्योतिष की नंबर 1 वेबसाइट एस्ट्रोसेज आपको बताएगी कि मुख्यमंत्री के रुप में उनका कार्यकाल कैसा रहेगा। आइये सबसे पहले नजर डालते हैं उद्धव ठाकरे की शपथ ग्रहण समारोह की लग्न और नवमांश कुंडली पर।

उद्धव ठाकरे का शपथ ग्रहण समारोह

  • दिनांक: 28.11.2019
  • समय: 18:40 शाम
  • जगह: मुंबई

उद्धव ठाकरे

लग्न कुंडली

Uddhav CM prediction

नवमांश कुंडली

ग्रहों की स्थिति के अनुसार कुंडली का ज्योतिषीय विश्लेषण

कुंडली का विश्लेषण करने के बाद नीचे दी गई बातें निर्धारित की जा सकती हैं:

  • लग्न कुंडली में वृषभ राशि का लग्न है। वृषभ राशि का लग्न स्थिर माना जाता है, साथ ही लग्न नक्षत्र रोहिणी है जोकि किसी भी काम को लंबे समय तक किये जाने को दर्शाता है। इसलिये लग्न और नक्षत्र दोनों ही अनुकूल हैं।
  • उद्धव ठाकरे का जन्म नक्षत्र पूर्वाफाल्गुनी है, और शपथ ग्रहण समारोह के लिए जो समय चुना गया वह भी उसी के अनुसार एक अच्छे ताराबल में था।
  • इसके अतिरिक्त उद्धव ठाकरे के शपथ ग्रहण समारोह का समय सबसे शुभ अमृत चौघड़िया के दौरान चुना गया था।
  • 28 नवंबर, 2019 को सुबह के समय दोनों प्रकाश ग्रह सूर्य और चंद्र वृश्चिक राशि में स्थित थे।

क्या कहती भविष्यवाणियां

  • उद्धव ठाकरेे के महाराष्ट्र के सीएम पद की शपथ ग्रहण के लिये सबसे सही समय का चुनाव किया गया था, हालांकि शपथ ग्रहण का समय यानि शाम 6:40 तक शुक्र, बृहस्पति, शनि, चंद्रमा और केतु अष्टम भाव में विराजमान थे।
  • ग्रहों की यह स्थिति दर्शाती है कि आने वाले समय में ठाकरे सरकार को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
  • नवमांश चार्ट में स्थित चंद्रमा उच्च का है, इसके साथ ही बृहस्पति और मंगल ग्रह भी उच्च स्थिति में हैं। इसका अर्थ है कि सरकार सभी बाधाओं के खिलाफ खड़े होने की कोशिश करती रहेगी।
  • इन सभी के अलावा, चंद्रमा, शुक्र, और बृहस्पति ग्रह मूल नक्षत्र में स्थित हैं, जो आने वाले समय में इस सरकार के लिये एक अहम भूमिका निभाएंगे।

उद्धव ठाकरे की जन्म कुंडली का विश्लेषण

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  • शिव सेना के अध्यक्ष इस समय बृहस्पति की महादशा, केतु की अंतर्दशा और केतु की ही प्रत्यंतर दशा से गुजर रहे हैं।
  • कुछ नक्षत्र बृहस्पति और केतु ग्रहों में स्थान परिवर्तन करेंगे, जिससे बृहस्पति की स्थिति मजबूत होगी।
  • ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति यह संकेत दे रही है कि मार्च-अप्रैल की अवधि में सरकार को कई समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। हालांकि, 24 जनवरी को जब शनि का गोचर होगा तो चीजें तेजी से सरकार के पक्ष में होंगी।
  • ठाकरे सरकार को कुछ जोखिम उठाने पड़ेंगे और लगातार कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ेगा, नवंबर 2020 तक सरकार के ऊपर खतरे के बादल मंडराते रहेंगे, खासकर मार्च से सितंबर महीने के दौरान।

हम आशा करते हैं कि उद्धव ठाकरे और उनकी सरकार सभी चुनौतीपूर्ण स्थितियों को पार करने और विजयी होने में सक्षम हो!

एस्ट्रोसेज की तरफ से शुभकामनाएं!

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