विवाह रेखा का महत्व

हाथ में विवाह रेखा हमारे वैवाहिक जीवन को दर्शाती है। यह सही है कि जोड़ियां आसमान में बनती है लेकिन यह सपना नीचे धरती पर साकार होता है। विवाह एक पवित्र बंधन है, जो दो लोगों के बीच आपसी लगाव और स्नेह को दर्शाता है। हस्त रेखा शास्त्र में विवाह रेखा का बड़ा महत्व है, क्योंकि हर व्यक्ति अपनी शादी और भावी जीवन साथी के बारे में जानने की जिज्ञासा रखता है।

हथेली पर उभरी विवाह रेखा में कई राज़ छुपे होते हैं। मसलन आपकी शादी कब होगी, लव मैरिज होगी या अरेंज मैरिज होगी, क्या आपकी किस्मत में दो शादियों का योग है? ये सभी ऐसी बातें हैं जो युवाओं की उत्सुकता को बढ़ाती है।

हाथ में विवाह रेखा कहां होती है?

इतना सब जानने के बाद अब सवाल उठता है कि हाथ में विवाह रेखा कहां होती है? दरअसल कनिष्ठिका उंगली के नीचे, ह्रदय रेखा के ऊपर तथा बुध पर्वत पर हथेली के बाहरी ओर से आने वाली रेखा को विवाह रेखा कहते हैं।

कैसे जानें किस उम्र में होगी शादी?

छोटी उंगली की रेखा और ह्रदय रेखा के बीच की दूरी की गणना करके, इस बात का पता लगाया जा सकता है कि व्यक्ति की शादी किस उम्र में होगी? इन दोनों रेखाओं के बीच की दूरी लगभग 50 वर्ष तक का बोध कराती है।

  • यदि विवाह रेखा इस दूरी के मध्य में हो, तो इसका मतलब है कि आपकी शादी 25 वर्ष की आयु के आसपास होगी और यदि विवाह रेखा, ह्रदय रेखा के पास हो, तो आपकी शादी 25 वर्ष से पहले भी हो सकती है अत: ऐसी स्थिति में कम उम्र में विवाह के योग बनते हैं।

हस्त रेखा में सफल वैवाहिक जीवन के संकेत

  • एक स्पष्ट विवाह रेखा जिसमें कोई टूट-फूट ना हो या कोई द्वीप उपस्थित हो, इसका मतलब है कि आपका वैवाहिक जीवन बहुत ही अच्छा रहने वाला है।
  • यदि विवाह रेखा के आसपास कुछ छोटी रेखाएं हैं तो यह वैवाहिक जीवन में प्यार और रोमांस को दर्शाती है।
  • यदि विवाह रेखा से फूटकर दो रेखाएं बनती है, तो यह विवाह में देरी या वैवाहिक जीवन में निराशा को दर्शाती है।
  • यदि विवाह अंत में जाकर फूटती है और दो रेखाएं बनती है तो यह वैवाहिक जीवन में अलगाव को प्रकट करती है।
  • यदि विवाह रेखा गर्डल ऑफ वीनस को क्रॉस करती है, तो इसका मतलब है कि आपका प्रियतम चिड़चिड़ा होगा।

विवाह रेखा से संबंधित अन्य विचार

हथेली पर चार जगहों से विवाह रेखा को देखा और पढ़ा जा सकता है:

  • बुध पर्वत पर विवाह रेखा लंबी, स्पष्ट और आसानी से पढ़ी जाने वाली होनी चाहिए। छोटी रेखाएं रिश्तों में कामुक विचार के प्रभाव को दर्शाती है। वह रेखा या रेखाएं जो ह्रदय रेखा के बराबर चलती है इन्हें संघ रेखाएं कहा जाता है और ये विवाह रेखा के तौर पर ज्यादा प्रसिद्ध है।
  • ये रेखाएं जीवन रेखा से उदय होती हैं
  • शुक्र पर्वत से गुजरती हैं
  • चंद्र पर्वत से आने वाली रेखाएं और भाग्य रेखा का स्पर्श कर रही रेखाएं। इन रेखाओं को एक-दूसरे को काटना नहीं चाहिए।
  • यदि उपरोक्त स्थितियां नहीं बनती है या मेल नहीं खाती है, तो यह नहीं कहा जा सकता है कि शादी नहीं होगी बल्कि यह अनुमान लगाया जा सकता है कि रेखाओं का निर्माण भविष्य में हो सकता है।
  • यदि हथेली पर मौजूद बहुत सी स्पष्ट रेखाएं शुक्र पर्वत से अलग-अलग दिशाओं में जा रही है। इसका मतलब है कि प्यार के मामले में व्यक्ति थोड़े अलग स्वभाव का होगा। इस बात की संभावना भी है कि उस व्यक्ति को प्यार में धोखा भी मिल सकता है।
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